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MP नमकीन के दाम 20-40 रुपए बढ़े, गल्फ देशों में सप्लाई ठप, 80 देशों का एक्सपोर्ट हुआ प्रभावित

By Admin|16 Apr 2026, 9:52 AM
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इंदौर 

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देश की नमकीन राजधानी माने जाने वाले इंदौर का नमकीन उद्योग इस समय दोहरी चुनौतियों से जूझ रहा है। एक ओर उत्पादन लागत में तेज़ बढ़ोतरी के कारण नमकीन के दाम 20 से 40 रुपए प्रति किलो तक बढ़ गए हैं, वहीं दूसरी ओर ईरान-इजराइल-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर दिख रहा। 

इंदौर से रोजाना करीब 100 टन नमकीन देश-विदेश में भेजा जाता है। यह सप्लाई भारत के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ 80 से अधिक देशों तक पहुंचती है। हालांकि मौजूदा हालात में घरेलू बिक्री (डोमेस्टिक सेल) के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय (इंटरनेशनल) कारोबार भी प्रभावित हुआ है।

इंदौर नमकीन मिठाई महासंघ के सचिव अनुराग बोथरा के मुताबिक, लागत बढ़ने के कारण नमकीन की कीमतों में औसतन 20 रुपए प्रति किलो तक की वृद्धि हुई है, जिससे ग्राहकी पर असर पड़ा है। उन्होंने बताया कि पीएनजी गैस की सीमित उपलब्धता (करीब 60%) और मूंगफली तेल के दाम बढ़ने से उत्पादन लागत बढ़ी है। इसके अलावा पैकिंग मटेरियल के दाम में भी बड़ा उछाल आया है- जो पहले 190–195 रुपए प्रति किलो मिलता था, वह अब करीब 300 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है।

नमकीन उद्योग में इस्तेमाल होने वाली हींग की कीमतों में भी 5% से 15% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे लागत और बढ़ गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही स्थिति बनी रही, तो आने वाले समय में इंदौर के नमकीन उद्योग को और बड़े आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ सकता है।

दाम आगे भी बढ़ने के संकेत
इंदौर के नमकीन बाजार में कीमतों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। इंदौर नमकीन मिठाई महासंघ के सचिव अनुराग बोथरा ने बताया कि अभी जो दाम बढ़ाए गए हैं, वे सालभर स्थिर रहेंगे, इसकी कोई गारंटी नहीं है। मौजूदा युद्ध जैसी परिस्थितियों को देखते हुए आने वाले समय में कीमतें और बढ़ सकती हैं। उनका कहना है कि अगले 10 दिनों में क्या स्थिति होगी, इसका भी अनुमान लगाना मुश्किल है।

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40 रुपए किलो तक की बढ़ोतरी
नमकीन व्यापारी हीतेश जैन के मुताबिक, सामान्य नमकीन जो पहले 260 से 280 रुपए प्रति किलो मिलता था, अब 280 से 300 रुपए प्रति किलो हो गया है। वहीं प्रीमियम नमकीन 280–300 रुपए से बढ़कर 300 से 340 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है। एक्स्ट्रा प्रीमियम नमकीन, जिसमें ड्रायफ्रूट्स का उपयोग होता है, उसमें करीब 40 रुपए प्रति किलो तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि मूंगफली तेल, मिर्च-मसाले और पैकिंग सामग्री महंगी होने के कारण लगभग 20 रुपए प्रति किलो तक कीमत बढ़ानी पड़ी है।

विदेश पहुंचने का समय दोगुना हुआ
इंदौर में सेंव की खपत भी काफी अधिक है। शहर में रोजाना करीब 45 टन सेंव की खपत होती है। संगठित क्षेत्र के कारखानों में प्रतिदिन 30 टन सेंव तैयार होती है, जिसमें से 15 टन शहर में खपती है, जबकि असंगठित क्षेत्र के छोटे कारोबारी करीब 30 टन सेंव का उत्पादन कर स्थानीय मांग पूरी करते हैं।

वैश्विक हालात का असर निर्यात पर भी साफ दिखाई दे रहा है। पहले इंदौर से दुबई या ओमान तक नमकीन पहुंचने में करीब 30 दिन लगते थे, लेकिन अब सुरक्षित मार्गों से भेजने पर 60 दिन तक का समय लग रहा है, जिससे लॉजिस्टिक लागत दोगुनी हो गई है।

इसी तरह यूएसए और कनाडा में पहले 40–45 दिन में पहुंचने वाला माल अब 90 दिन तक ले रहा है। खाड़ी देशों के लिए सप्लाई फिलहाल पूरी तरह से प्रभावित है। निर्यातकों के अनुसार 40 से 50 कंटेनर रास्ते में फंसे हुए हैं, जिससे उत्पादन और सप्लाई समय 25–30 दिन से बढ़कर 50–60 दिन हो गया है और व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है।

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