मध्य प्रदेशराज्‍य

नर्मदा संरक्षण के लिये जरूरी है सरकार एवं समाज में समन्वय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

By Admin|14 Apr 2026, 10:13 AM
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भोपाल. 
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नर्मदा नदी जीवनदायिनी नदियों में से एक है। नर्मदा नदी के संरक्षण के लिए शासन एवं समाज के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि माँ नर्मदा के उद्गम स्थल के संरक्षण एवं संवर्धन के लिये प्रभावी प्रयास किए जाएँ तथा नदी तटों पर अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही सतत रूप से की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अमरकंटक की अखंडता बनाए रखने के लिए अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों तथा विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के प्रतिनिधियों द्वारा जन जागृति बढ़ाई जाए, इससे उद्गम स्थल का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज अमरकंटक में नर्मदा समग्र मिशन की बैठक में अधिकारियों के निर्देशित कर रहे थे।

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बैठक में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री दिलीप अहिरवार, कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल, अध्यक्ष नर्मदे हर सेवा न्यास एवं मध्यप्रदेश कोल विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष (कैबिनेट मंत्री दर्जा) रामलाल रौतेल, पूर्व जनपद अध्यक्ष पुष्पराजगढ़ हीरा सिंह श्याम सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अमरकंटक क्षेत्र में वनों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिये किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि स्थानीय प्रजाति के पौधे, वन औषधि पौधों का प्राथमिकता के साथ रोपण किया जाए। वन विभाग के अधिकारियों ने अवगत कराया कि अमरकंटक क्षेत्र में प्राकृतिक वनों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। अमरकंटक के प्राकृतिक स्वरूप को निखारने के लिए स्थानीय प्रजाति साल, महुआ, ऑवला, चार, हर्रा, गुलबकावली आदि स्थानीय प्रजातियों के पौधों का रोपण कर उन्हें बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे भूमिगत जल स्तर में वृद्धि हो तथा स्थानीय वन प्राकृतिक रूप से संरक्षित रह सकें। यह भी बताया गया कि वन विभाग की रोपणी में 2.50 लाख से अधिक पौधे उपलब्ध हैं।

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अमरकंटक में नए निर्माण कार्यों पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अमरकंटक क्षेत्र में अनियंत्रित कंक्रीट निर्माण को प्रतिबंधित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अमरकंटक तथा नर्मदा उद्गम स्थल पर अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध समय-समय पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश कलेक्टर को दिए। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदा नदी में प्रदूषण, अपशिष्ट जल निकासी एवं जल प्रबंधन व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस पर अधिकारियों ने बताया कि अमरकंटक में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जा चुका है तथा यह सुनिश्चित करने के लिये सतत प्रयास किए जा रहे हैं कि प्रदूषित जल नर्मदा नदी में न मिले।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अमरकंटक एक प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन नगरी है, जहाँ अनेक आध्यात्मिक एवं पौराणिक मंदिर स्थित हैं। उन्होंने कहा कि यहाँ स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहरी व्यक्तियों द्वारा भी बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य किए जा रहे हैं, जिन्हें नीति-नियमों के अनुरूप व्यवस्थित किया जाना आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अमरकंटक क्षेत्र में प्लास्टिक एवं शराब के उपयोग पर कठोर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अमरकंटक में “नो मूवमेंट” एवं “नो कंस्ट्रक्शन” जोन निर्धारित किया जाए, जिससे क्षेत्र की पवित्रता, पर्यावरणीय संतुलन एवं सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अमरकंटक में सीमेंट एवं कंक्रीट का निर्माण ना हो इसका अधिकारी विशेष ध्यान रखे जाने के निर्देश पर कलेक्टर हर्षल पंचोली ने अवगत कराया कि अमरकंटक क्षेत्र का ड्रोन सर्वे पूर्व में कराया जा चुका है। इसमें यदि कोई अवैध निर्माण कार्य पाया जाता है, तो उस पर प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई की जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि अमरकंटक विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण, नगर परिषद तथा अमरकंटक मंदिर के विकास के लिये कमिश्नर की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है। इस समिति के माध्यम से समय-समय पर अमरकंटक के विकास एवं संवर्धन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं एवं बिंदुओं पर चर्चा की जाती है।

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बैठक में ट्रैकिंग रूट, अग्नि सुरक्षा की मॉनिटरिंग एवं प्रबंधन, वन उत्पादों के प्रबंधन, जैव विविधता के संरक्षण एवं संवर्धन, वन्यजीवों के मूवमेंट एवं उनकी स्थिति सहित अमरकंटक के मंदिरों, तालाबों एवं घाटों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गए।

समीक्षा बैठक में जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष पद्मसे सम्मानित मोहन नागर ने नर्मदा समग्र मिशन के तहत समाज के सहयोग से संचालित की जाने वाली नर्मदा नदी के घाटों की साफ-सफाई तथा सहायक नदियों एवं घाटों में जन सहभागिता से किए जाने वाले श्रमदान कार्यों की जानकारी दी। अपर मुख्य सचिव नगरीय प्रशासन एवं आवास संजय दुबे ने अमरकंटक में विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों एवं आगामी योजनाओं की जानकारी दी। अपर मुख्य सचिव योजना आर्थिकी एवं सांख्यिकी संजय शुक्ला द्वारा नर्मदा नदी के समग्र विकास के लिए बनाई गई कार्य योजना एवं उपलब्धियों से अवगत कराया। मुख्य सचिव वन संदीप यादव ने वन विभाग द्वारा जैव विविधिता, यूकेलिप्टस के प्लांटेशन को हटाकर स्थानीय प्रजाति के पौधरोपण के संबंध में जानकारी दी।

बैठक में शहडोल संभाग की कमिश्नर सुरभि गुप्ता, पुलिस महानिरीक्षक सुचैत्रा एन, डीआईजी सविता सुहाने, पुलिस अधीक्षक मोतिउर रहमान, वनमण्डलाधिकारी डेविड व्यंकटेश, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती अर्चना कुमारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगन्नाथ मरकाम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

 

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