मध्य प्रदेशराज्‍य

वैज्ञानिक अनुसंधान से सीमा सुरक्षा तक, PIO के नेतृत्व में मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने जम्मू में देखी महत्वपूर्ण पहल

By Admin|24 Sep 2026, 9:21 PM
f X W

भोपाल 

Advertisement
Advertisement

पत्र सूचना कार्यालय के  नेतृत्व में भोपाल से जम्मू पहुंचे पत्रकारों के दल ने आज सीएसआईआर- भारतीय समवेत औषध संस्थान, जम्मू (CSIR-IIIM), जम्मू का दौरा किया। इस दौरे का मकसद इस प्रमुख संस्थान के अत्याधुनिक वैज्ञानिक शोध, सामाजिक मिशन से जुड़े प्रोजेक्ट्स और तेज़ी से बढ़ते बायो-एंटरप्रेन्योरशिप प्रयासों के बारे में प्रत्यक्ष जानकारी हासिल करना था।

प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए, डॉ. सौरभ सरन ने कहा कि लुप्तप्राय औषधीय पौधों का संरक्षण CSIR-IIIM की एक अहम ज़िम्मेदारी है।  संस्थान के मज़बूत औद्योगिक संपर्क का ज़िक्र करते हुए, डॉ. सरन ने कहा कि CSIR-IIIM  उद्योग, स्टार्टअप, किसानों, युवाओं, शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी निकायों को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी के तौर पर काम करता है। उन्होंने यह भी बताया ?कि संस्थान की फर्मेंटेशन पायलट प्लांट सुविधा ने ही रणनीतिक समझौतों और औद्योगिक इस्तेमाल के ज़रिए ₹50 लाख से ज़्यादा का राजस्व कमाया है। थेराप्यूटिक डेवलपमेंट (इलाज के तरीकों के विकास) के क्षेत्र में, संस्थान पारंपरिक आयुर्वेद के सिद्धांतों को आधुनिक चिकित्सा के साथ जोड़ते हुए अल्जाइमर रोग, ऑस्टियोआर्थराइटिस और कैंसर के दर्द जैसी मुश्किल बीमारियों के लिए असरदार दवाएं खोजने पर सक्रिय रूप से काम कर रहा है।

सीएसआईआर की सामाजिक मिशन परियोजनाओं के व्यापक जमीनी प्रभाव का विस्तार से वर्णन करते हुए, सीएसआईआर अरोमा मिशन की वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक और नोडल अधिकारी डॉ. सुफला गुप्ता ने प्रतिनिधियों को अरोमा मिशन, फ्लोरीकल्चर मिशन और जैवसंसाधन संरक्षण एवं अन्वेषण सहित प्रमुख पहलों के बारे में जानकारी दी।प्रतिनिधिमंडल को संस्थान की दवा खोजने की प्रक्रिया और प्रयोगशाला के बुनियादी ढांचे से भी परिचित कराया गया। सीनियर प्रिंसिपल साइंटिस्ट डॉ. अमित नारगोत्रा ​​ने पत्रकारों को स्थापित 'प्लांट साइंस लेबोरेटरी' का दौरा कराया और बताया कि औषधीय और सुगंधित पौधों से मिलने वाले अलग-अलग तरह के केमिकल कंपाउंड्स पर लगातार व्यापक और विस्तृत अध्ययन किया जा रहा है।

READ ALSO  एग्री विस्टा–2026 में कृषि नवाचार और उद्यमिता पर जोर

सीनियर प्रिंसिपल साइंटिस्ट इंजीनियर अनिल कुमार कटारे ने दवा बनाने की प्रक्रिया (ड्रग फ़ॉर्मूलेशन) से जुड़े नियमों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि CSIR-IIIM में चल रही रिसर्च के दौरान, दवा की असरदार  गुणवत्ता पक्की करने के लिए सुरक्षा,  प्रभाव आदि  आधार पर दवा के संभावित विकल्पों की कड़ी जांच की जाती है। इनोवेशन और इनक्यूबेशन इकोसिस्टम के बारे में जानकारी देते हुए, BioNEST IIIM-टेक्नोलॉजी बिज़नेस इनक्यूबेटर (TBI) की बिज़नेस मैनेजर डॉ. विदुषी अब्रोल ने बताया कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है। उन्होंने कहा कि उनके इनक्यूबेशन सपोर्ट का मुख्य मकसद टिकाऊ रोज़गार के मौके पैदा करना है – खासकर जम्मू-कश्मीर में – साथ ही पूरे देश में अपनी पहुंच बढ़ाना भी है।

बाद में, मीडिया  प्रतिनिधिमंडल ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित सुचेतगढ़ बॉर्डर आउटपोस्ट (BOP) का दौरा किया, जहाँ उन्होंने आउटपोस्ट के कामकाज को देखा और बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) के जवानों से विस्तार से बातचीत की।

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins