छत्तीसगढ़रायगढ जिला

CG : सुमधुर लोकगायिकी से छत्तीसगढ़ी लोकगीतों में सराबोर हुआ रायगढ़, तीसरे दिन का हुआ यादगार समापन …

By kadwaghut|17 Sep 2026, 1:23 PM
f X W

रायगढ़। अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त 41वें चक्रधर समारोह-2026 की तीसरी शाम छत्तीसगढ़ी लोकगीतों की सुमधुर प्रस्तुतियों से यादगार बनी। छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध लोक गायिका डॉ. पायल साहू ने ‘चिन्हारी लोक मंजीरा’ के कलाकारों के साथ पारंपरिक लोकगीत प्रस्तुत किए। उनकी मधुर आवाज और लोकधुनों ने समारोह स्थल पर छत्तीसगढ़ी संस्कृति की जीवंत छटा बिखेर दी। डॉ. पायल साहू ने छत्तीसगढ़ महतारी के वंदन ‘अरपा पैरी के धार’ से गायन की शुरुआत की। इसके बाद गणपति जगवंदन की प्रस्तुति दी।

उन्होंने बिहाव गीतों के साथ ‘बही बना दिए’, ‘मात गे हे बगिया म फूल’, तोन मन कैसे लागे राजा और कर्मा गीत प्रस्तुत कर दर्शकों को छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं से जोड़ा। लोकगीतों की पारंपरिक धुन, छत्तीसगढ़ी भाषा और लोक वाद्ययंत्रों की संगत ने माहौल को और आकर्षक बना दिया। डॉ. पायल साहू के साथ कलाकारों की प्रस्तुति पर दर्शकों ने उत्साहपूर्वक आनंद लिया। ‘चिन्हारी लोक मंजीरा’ के कलाकारों ने दाऊ महासिंह चंद्राकर और दाऊ प्रेम चंद्राकर की लोक संगीत परंपरा को आगे बढ़ाते हुए छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक विरासत को मंच पर प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति के साथ चक्रधर समारोह के तीसरे दिन की सांस्कृतिक संध्या का समापन लोक संस्कृति की मधुर छटा के साथ हुआ।

अगली खबर लोड हो रही है...
READ ALSO  CG : देवउठनी एकादशी पर स्थानीय अवकाश, आदेश जारी ...

Related Articles

2

Back to top button