मध्य प्रदेश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव यूपीएससी-2025 में चयनित अभ्यर्थियों से कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में किया संवाद

By Admin|23 Mar 2026, 10:13 PM
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वर्ष 2025 की यूपीएससी में चयनित अभ्यर्थी वर्ष 2047 के विकसित और आत्मनिर्भर भारत के हैं शिल्पकार

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इन युवाओं के कंधों पर प्रदेश के करोड़ों नागरिकों के कल्याण और विकास का है दायित्व

अभ्यर्थियों को ट्राफी भेंट कर किया गया सम्मानित
 

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) परीक्षा की सफलता में मध्यप्रदेश की बढ़ती उपस्थिति हम सबके लिए गौरव का विषय है। प्रदेश की माटी से 61 सिलेक्शन बदलते मध्यप्रदेश की तस्वीर हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूपीएससी-2025 की परीक्षा में चयनित सभी अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह आपके संकल्प और सामर्थय का सम्मान है। चयनित अभ्‍यर्थी वर्ष-2047 के विकसित और आत्मनिर्भर भारत के शिल्पकार हैं। जब भारत अपनी आजादी के 100 वर्ष मना रहा होगा, तब आप प्रशासन के शिखर पर होंगे। आपका एक-एक निर्णय, एक-एक नवाचार, विकसित और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की नीव रखेगा। नियति ने आप सबको महत्वपूर्ण दायित्व के लिए चुना है। सफलता अपने साथ दायित्व लेकर आती है। आपके कंधों पर मध्यप्रदेश के करोड़ों नागरिकों के कल्याण और विकास का दायित्व है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव संघ लोक सेवा आयोग 2025 में चयनित अभ्यर्थियों से संवाद और उनके सम्मान के लिए कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

चयनित अभ्यर्थियों पर केंद्रित लघु फिल्म का हुआ प्रदर्शन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चयनित अभ्यर्थियों पर केंद्रित "मध्यप्रदेश की प्रतिभाओं का परचम" पुस्तिका के डिजिटल वर्जन का रिमोट के माध्यम से लोकार्पण किया। चयनित अभ्यर्थियों पर केंद्रित लघु फिल्म का इस अवसर पर प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चयनित अभ्यर्थियों को ट्रॉफी भेंट कर उनका सम्मान किया।

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अभ्यर्थियों का चिंतनशील, संवेदनशील और परिश्रमी होना उन्हें सफल बनाने के साथ-साथ प्रदेश की प्रगति का स्तंभ बनेगा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चयनित युवाओं के लिए दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश में प्रशासनिक सेवा में आना सौभाग्यशाली अवसर है। लोकतंत्र की खूबसूरती है कि राजनीतिक क्षेत्र में चुनाव के आधार पर हर 5 वर्ष में जनप्रतिनिधियों की परीक्षा होती है। यह लोकतंत्र की ही विशेषता है कि इसमें देश की जनता के विश्वास के आधार पर व्यक्ति सर्वोच्च पद पर पहुंच सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज 23 मार्च को वीर सपूत भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरू का शहीद दिवस है। उन शहीदों ने हमें स्वराज्य दिया था। इस धरती को विकसित और आत्मनिर्भर बनाते हुए सुराज की स्थापना अब हमारी जिम्मेदारी है। सिविल सेवा में चयन परिवार के साथ समाज की बेहतरी और सेवा के लिए संकल्प की पूर्ति का अवसर देता है। हमारा प्रयास हो कि हम दूसरों के सुख – दुख में सहभागी बन सकें। कई ऐसे भी उदाहरण रहे हैं, जिन्होंने अच्छे रैंक के साथ यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण की, लेकिन फील्ड पर वह व्यवस्थाओं को सही तरीके से लागू नहीं करा पाए। आपका चिंतनशील, संवेदनशील और परिश्रमी होना आपको सफल बनाने के साथ-साथ प्रदेश की प्रगति का स्तंभ बनेगा।

अंत्योदय, नवाचार, ईमानदारी और सत्य निष्ठा से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश को आगे बढ़ाने का समय है। मानवीय कार्यों के आधार पर देश की दुनिया में विशिष्ट पहचान है। चयनित अभ्यर्थी अपने सेवाकाल में अंत्योदय, नवाचार, ईमानदारी और सत्य निष्ठा से कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए आत्मनिर्भर भारत के शिल्पकार बनें। उन्होंने सभी अभ्यर्थियों से जीवन पर्यंत पढ़ने और सीखने की ललक बनाए रखने का आहवान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 173वीं रैंक प्राप्त पूर्णत: दृष्टिहीनता की चुनौतियों से घिरे श्री अक्षत बल्दवा की सराहना करते हुए कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो तो कोई भी शारीरिक अक्षमता सपनों के आड़े नहीं आ सकती।

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सोहागपुर और सिरोंज जैसे छोटे शहरों के अभ्यर्थियों का भी हुआ चयन
अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन ने कहा कि सिविल सेवा परीक्षा में इस वर्ष देशभर से कुल 958 अभ्यर्थी चयनित हुए। इनमें मध्यप्रदेश के 61 प्रतियोगी शामिल हैं। देश की प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता अर्जित करने वाले हमारे 22 अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिन्होंने शासकीय स्कूल – कॉलेज से पढ़ाई की है। प्रदेश के सोहागपुर और सिरोंज जैसे छोटे शहरों से आने वाले अभ्यर्थियों का भी चयन हुआ है। यह सिविल सेवा के प्रति राज्य के युवाओं में बढ़ते रुझान को दर्शाता है। अब यह धारणा धीरे-धीरे समाप्त हो रही है कि सिविल सेवा में चयन के लिए राष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक संस्थानों अथवा दिल्ली या इंदौर जैसे शहरों में जाकर ही तैयारी करनी होगी।

इस अवसर पर अखिल भारतीय स्तर पर 5वीं रैंक प्राप्त श्री ईशान भटनागर और 260वीं रैंक प्राप्त सुश्री प्राची चौहान ने अपने अनुभव साझा किए। श्री भटनागर ने बताया कि गवर्नेंस संवैधानिक मूल्यों को धरातल पर लाने का सही तरीका होता है, यही मेरी प्रेरणा रही। उन्होंने कहा कि प्रशासन के माध्यम से जमीनी स्तर पर काम करते हुए संविधान की मूल भावना के अनुरूप लोगों को न्याय दिलाया जा सकता है। ये सेवा आम आदमी के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाने का प्रभावी माध्यम हो सकती है। सुश्री प्राची चौहान ने कहा कि धैर्य और ईमानदारी से किया गया प्रयास कभी व्यर्थ नहीं जाता। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व ने प्रदेश की बेटियों को संबल प्रदान किया है।

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