बिहार / झारखण्डराज्‍य

पानी घटने के बाद भी दियारा में संकट बरकरार, कीचड़-जलजमाव से घरों पर मंडरा रहा खतरा

By Admin|11 Sep 2026, 2:53 PM
f X W

बख्तियारपुर
प्रखंड के दियारा क्षेत्र में गंगा के जलस्तर में धीरे-धीरे कमी के साथ ही स्थानीय लोगों की समस्याएं भी बढ़ती जा रही हैं। रूपस महाजी दियारा के निवासी विशाल सिंह के अनुसार, कीचड़ और बदबू के बीच टोले से टोले में जाना कठिन हो गया है।

Advertisement
Advertisement

चिरैया रूपस के पूर्व मुखिया नवल यादव ने बताया कि गंगा के किनारे के हिस्से अभी भी गीले हैं, जिससे वहां से गुजरना मुश्किल हो रहा है। जलजमाव के कारण दिवालों के पास घर गिरने का खतरा बना हुआ है।

बटाई या नगदी खेती करने वाले भी प्रभावित
खरीफ फसल के मौसम में जलस्तर बढ़ने से खेतों में लगे मकई और सब्जियों को भारी नुकसान हुआ है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 836 हेक्टेयर फसल का नुकसान हुआ है, जिससे दियारा के किसान पूरी तरह टूट चुके हैं। गंगा के दूसरी ओर के किसान और बटाई या नगदी खेती करने वाले भी प्रभावित हुए हैं।

बेनीपुर दियारा और मकसूदपुर दियारा में लगे मिर्च और गोभी की फसल बर्बाद हो गई है। लखनपुरा और करौटा के बटाईदारों ने बताया कि उन्होंने किसी तरह पैसे का जुगाड़ कर उधार लेकर उर्वरक खरीदा और सब्जी की खेती की, जो अब गंगा में विलीन हो गई है। अब किसानों को सरकारी अनुदान का ही भरोसा है, जिससे कुछ भरपाई हो सके, अन्यथा रोजगार बदलने की मजबूरी उत्पन्न हो जाएगी।

दियारा क्षेत्र की भूमि असर्वेक्षित होने की चिंता
हालांकि, मुआवजे को लेकर किसानों के मन में दियारा क्षेत्र की भूमि असर्वेक्षित होने की चिंता बनी हुई है। इस बीच, प्रभावित क्षेत्र में प्रशासन की टीम प्लास्टिक शीट और दवा वितरण का कार्य कर रही है। ब्लीचिंग के छिड़काव की भी तैयारी चल रही है।

READ ALSO  ₹33.16 लाख की लागत से Advanced Life Care Ambulance का लोकार्पण, BPL परिवारों की 50 महिलाओं को सिलाई मशीनें वितरित

इस स्थिति ने किसानों के लिए चिंता का विषय बना दिया है, और उन्हें उम्मीद है कि सरकार उनकी समस्याओं का समाधान करेगी।

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins