उत्तर प्रदेशराज्‍य

बारिश के दौरान जर्जर हुए तार और क्षतिग्रस्त उपकरण बदले जाएंगे

By Admin|02 Sep 2026, 11:32 AM
f X W

अनुरक्षण माहः त्योहारों पर निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए आंधी-बारिश से आई कमियों को किया जाएगा दूर

योगी सरकार 15 सितंबर से 14 अक्टूबर तक चलाएगी अनुरक्षण माह 

बारिश के दौरान जर्जर हुए तार और क्षतिग्रस्त उपकरण बदले जाएंगे 

बिजली लाइनों के आसपास के पेड़ों की डालियों की युद्धस्तर पर होगी छंटाई

लखनऊ
उत्तर प्रदेश में बिजली व्यवस्था को और मजबूत, भरोसेमंद एवं चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने के लिए योगी सरकार ने आगामी नवरात्र, दशहरा और दीपावली को देखते हुए व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन की ओर से 15 सितंबर से 14 अक्टूबर 2026 तक अनुरक्षण माह मनाया जाएगा। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव ऊर्जा एवं उप्र. पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने सभी वितरण निगमों के प्रबंध निदेशकों को विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए हैं।

डॉ. आशीष कुमार गोयल ने कहा कि ग्रीष्म एवं वर्षा ऋतु के दौरान अधिक तापमान, बढ़े हुऐ विद्युत भार, वर्षा, आंधी- तूफान तथा अन्य कारणों से वितरण तंत्र के विभिन्न उपकरणों पर अधिक दबाव पड़ा है। इसके कारण कई क्षेत्रों में वितरण परिवर्तकों, फीडरों, 33 केवी एवं 11 केवी लाइनों, एलटी लाइनों तथा अन्य उपकरणों में खराबियां हुई हैं और विद्युत आपूर्ति में बार-बार व्यवधान की स्थिति उत्पन्न हुई है। 

15 सितंबर से 14 अक्टूबर तक अनुरक्षण माह

आगामी नवरात्र, दशहरा, दीपावली एवं अन्य पर्वों के दौरान उपभोक्ताओं को निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है। इस उद्देश्य से ग्रीष्म एवं वर्षा ऋतु के दौरान वितरण तंत्र में उत्पन्न कमियों को दूर करने, बार-बार होने वाली खराबियों एवं फीडर ट्रिपिंग को खत्म करने तथा वितरण तंत्र को आगामी पर्वों के लिए तैयार करने के लिए 15 सितम्बर से 14 अक्टूबर तक की अवधि को अनुरक्षण माह के रूप में मनाये जाने का निर्णय लिया गया है।

READ ALSO  दशहरे पर इंदौर-उज्जैन में बरसेंगे बादल, भोपाल समेत 15 जिलों में अलर्ट; किसानों की बढ़ी चिंता

खराबियों का होगा स्थायी समाधान, ट्रिपिंग पर लगेगी रोक

अनुरक्षण माह का उद्देश्य वितरण तंत्र में मौजूद वास्तवित कमियों को दूर करना है तथा विद्युत व्यवधान, फीडर ट्रिपिंग एवं परिवर्तक क्षतिग्रस्त होने की घटनाओं में वास्तविक कमी लायी जा सके। अनुरक्षण माह के दौरान सभी 33/11 केवी उपकेंद्रों, शक्ति परिवर्तकों और वितरण परिवर्तकों की गहन जांच, साफ सफाई और मरम्मत का कार्य किया जाएगा। साथ ही जहां-जहां बार-बार खराबी आ रही है, वहां उसके मूल कारण को खोजकर उसका स्थायी समाधान किया जाएगा। जर्जर तारों, ढीले संयोजनों और क्षतिग्रस्त उपकरणों को बदला जाएगा। प्रत्येक परिवर्तक पर उसकी क्षमता के अनुसार उचित मानक के सुरक्षा तार लगाए जाएंगे और जुगाड़ से लगाए गए तारों को हटाया जाएगा।

पेड़ों की डालियों की सघन छंटाई युद्ध स्तर पर

बिजली लाइनों के आस-पास उगी पेड़ों की डालियों की सघन छंटाई युद्ध स्तर पर कराई जाएगी, क्योंकि अक्सर यही डालियां आंधी में लाइनों से टकराकर आपूर्ति बाधित करती हैं। इसके साथ ही पोषकों के मापक यंत्रों की जांच भी की जाएगी। ताकि आपूर्ति की विश्वसनीयता को सही ढंग से परखा जा सके। इसको लेकर यूपीपीसीएल अध्यक्ष ने निर्देश दिया है कि सभी खंड दस सितंबर तक अपने-अपने क्षेत्र की कार्य योजना तैयार कर लें और आवश्यक सामग्री की व्यवस्था पहले से कर ली जाए ताकि कार्य में कोई रुकावट न आए। त्योहारों के दिनों में बिजली बंद करने से बचा जाएगा और बंदी इस प्रकार नियोजित की जाएगी कि उपभोक्ताओं को कम से कम परेशानी हो।
     
वरिष्ठ अधिकारी फील्ड में जाकर उपकेंद्रों का अचानक करेंगे निरीक्षण 

READ ALSO  जयस के प्रदर्शन में पुलिसकर्मी से बदसलूकी, प्रधान आरक्षक बब्लू त्रिपाठी को थप्पड़ मारने का मामला

अभियान की गंभीरता को देखते हुए निगरानी के कड़े निर्देश दिए गए हैं। प्रबंध निदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी फील्ड में जाकर उपकेंद्रों का अचानक निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण वाले उपकेंद्रों की सूची पहले से जारी नहीं की जाएगी ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। कार्यों का सत्यापन 21 से 27 अक्टूबर के बीच निगम और मुख्यालय स्तर से कराया जाएगा। अध्यक्ष ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से इस अभियान को पूरी निष्ठा एवं परीश्रम के साथ सफल बनाने का आह्वान किया है।

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button