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₹3500 करोड़ से बदलेगी NH-347 की तस्वीर, छिंदवाड़ा-सिवनी फोर लेन से MP-महाराष्ट्र कनेक्टिविटी होगी मजबूत

By Admin|30 Aug 2026, 10:01 AM
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छिंदवाड़ा
मध्य प्रदेश के महाकौशल अंचल के प्रमुख मार्ग नेशनल हाईवे 347 (छिंदवाड़ा से सिवनी) पर अब वाहनों की आवाजाही और सुगम होने जा रही है। राज्य सरकार छिंदवाड़ा से सिवनी के बीच की सड़क को फोर लेन में अपग्रेड करने की तैयारी कर चुकी है, जिस पर लगभग ₹3,500 करोड़ की लागत आने का अनुमान है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में होने वाली राज्य कैबिनेट की बैठक में सड़क चौड़ीकरण के इस बहुप्रतीक्षित प्रस्ताव को मंजूरी के लिए रखा गया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी भी पूर्व में इस महत्वपूर्ण मार्ग को फोर लेन बनाने की सहमति दे चुके हैं।

टू-लेन की घुमावदार सड़क और हादसों से मिलेगी मुक्ति
वर्तमान में छिंदवाड़ा और सिवनी के बीच टू-लेन सड़क है, जिस पर ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ रहा है। इस मार्ग पर पैसेंजर कार यूनिट (PCU) की संख्या 10,000 के पार पहुंच चुकी है।

आंकड़ों के अनुसार, इस रूट पर बीते छह महीनों में ही 556 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें लगभग 200 लोगों की अकाल मौत हुई है। फोर लेन बनने से दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुधार होगा और यात्रा सुरक्षित बनेगी।

लखनवाड़ा में बैनगंगा पर नया पुल और 3 किमी लंबा अंडरपास
    चौड़ीकरण परियोजना के तहत 70 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के एलाइनमेंट को दुरुस्त किया जाएगा ताकि घुमावदार मोड़ों को सीधा किया जा सके।

    लखनवाड़ा के पास बैनगंगा नदी पर नए विशाल पुल का निर्माण किया जाएगा, जबकि पेंच नदी पर स्थित पुराने पुल का चौड़ीकरण होगा।

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    मार्ग के 13 किलोमीटर हिस्से में कान्हा कॉरिडोर प्रस्तावित है, जिसमें वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए 3 किलोमीटर लंबा विशेष अंडरपास भी शामिल होगा।

कैबिनेट बैठक में अन्य महत्वपूर्ण एजेंडे
सड़क अधोसंरचना के विकास क्रम में राज्य सरकार ने हाल ही में भोपाल-विदिशा फोर लेन के लिए ₹1,757 करोड़ की राशि स्वीकृत की है। इसके अतिरिक्त, कैबिनेट बैठक में जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह के कर्नल सोफिया कुरैशी से जुड़े एक विवादित बयान पर अभियोजन (Prosecution) स्वीकृति देने के बिंदु पर भी निर्णय लिया जा सकता है। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के उपरांत इस फाइल को अंतिम अनुमति के लिए राजभवन (राज्यपाल) भेजा जाएगा। इस पूरे मामले में 31 अगस्त को उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) में सुनवाई होनी तय है।

 

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