छत्तीसगढ़सरगुजा जिला

CG : फावड़े से हमला करने वाले आरोपी को 10 साल की कठोर कारावास की सजा …

By kadwaghut|22 Aug 2026, 4:30 PM
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सरगुजा। जिले के लुण्ड्रा थाना क्षेत्र में हत्या के प्रयास के एक गंभीर मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। ग्राम गेरसा में हुए हमले के आरोपी पेरवा राम उर्फ प्रेमा राम को न्यायालय ने दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और 1000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर आरोपी को अतिरिक्त 3 माह का कठोर कारावास भुगतना होगा। यह फैसला 21 अगस्त 2026 को माननीय द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, अंबिकापुर के न्यायालय द्वारा सुनाया गया। पुलिस की प्रभावी जांच, वैज्ञानिक साक्ष्यों के संकलन और अभियोजन पक्ष की मजबूत पैरवी के आधार पर न्यायालय ने आरोपी के खिलाफ यह निर्णय दिया।

मामला थाना लुण्ड्रा के अपराध क्रमांक 140/2025 से जुड़ा हुआ है। घटना 14 जुलाई 2025 की दोपहर करीब 12 बजे ग्राम गेरसा महुआपारा में हुई थी। पुलिस के अनुसार खेती-बाड़ी की बात को लेकर आरोपी पेरवा राम ने अपनी बहू अनिता कुजूर पर फावड़े से हमला कर दिया था। हमले में अनिता कुजूर के सिर के पीछे गंभीर चोट आई थी और वह खून से लथपथ होकर जमीन पर बेहोश हो गई थीं। घटना की गंभीरता को देखते हुए सरगुजा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले में त्वरित और निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए थे। डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में लुण्ड्रा पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की और मामले से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्यों को जुटाया।

विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी पेरवा राम को गिरफ्तार कर पूछताछ की। आरोपी के मेमोरेंडम बयान के आधार पर घटना में इस्तेमाल किए गए फावड़े को बरामद किया गया। इसके अलावा घटनास्थल से खून लगी मिट्टी और सामान्य मिट्टी के नमूने भी सुरक्षित किए गए। जब्त किए गए सभी साक्ष्यों को जांच के लिए एफएसएल भेजा गया और हथियार का क्यूरी परीक्षण भी कराया गया। मामले की विवेचना तत्कालीन विवेचक सहायक उप निरीक्षक एसआर साहू द्वारा की गई थी। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने 7 अक्टूबर 2025 को आरोपी के खिलाफ न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया। आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1) के तहत हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया था।

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अदालत में अभियोजन पक्ष ने मामले को मजबूती से रखा। सुनवाई के दौरान 15 महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज कराए गए और 35 भौतिक साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। पुलिस द्वारा पेश किए गए परिस्थितिजन्य और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी माना और सजा सुनाई। न्यायालय ने पीड़िता अनिता कुजूर को हुई गंभीर शारीरिक क्षति को भी ध्यान में रखा। अदालत ने माना कि हमले के कारण पीड़िता के उपचार, दैनिक जीवन और कार्यक्षमता पर लंबे समय तक प्रभाव पड़ा है। केवल 1000 रुपये के अर्थदंड से उचित प्रतिकर संभव नहीं होने के कारण न्यायालय ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के प्रावधानों के तहत पीड़िता को Victim Compensation Scheme के अनुसार उचित मुआवजा दिए जाने की अनुशंसा की है।

इस मामले में सरगुजा पुलिस की जांच और अभियोजन की भूमिका की सराहना की गई है। पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक झा ने विवेचना अधिकारी सहायक उप निरीक्षक एसआर साहू और जांच में सहयोग करने वाले पुलिसकर्मियों के उत्साहवर्धन के लिए उचित पारितोषिक देने की घोषणा की है। डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल ने न्यायालय के फैसले को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि मजबूत साक्ष्य संकलन और बेहतर विवेचना के कारण आरोपी को सजा दिलाई जा सकी है। उन्होंने विवेचक एसआर साहू की कार्यकुशलता और उत्कृष्ट जांच की प्रशंसा की।

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