छत्तीसगढ़दुर्ग जिला

DURG: पुलिस आरक्षक की नौकरी लगाने के नाम पर 12 लाख रुपये की ठगी करने वाले दोनों आरोपी गिरफ्तार, नौकरी का झांसा देकर रकम लेने का मामला उजागर

By kadwaghut|22 Aug 2026, 9:08 AM
f X W

▪️ *वर्ष 2023 में पुलिस आरक्षक के पद पर भर्ती कराने का झांसा देकर प्रार्थी के पुत्र से दोनों आरोपियों द्वारा कुल 12 लाख रुपये लिए गए थे।*
▪️ *रकम लेने के बाद नौकरी नहीं लगाई गई और आरोपियों द्वारा राशि वापस नहीं करने पर प्रार्थी ने थाना उतई में शिकायत दर्ज कराई।*
▪️ *थाना उतई पुलिस ने शिकायत की जांच, उपलब्ध साक्ष्यों एवं पतासाजी के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।*
▪️ *आरोपियों के कब्जे से प्रकरण से संबंधित बैंक खाता एवं मोबाइल फोन जप्त कर दोनों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।*

थाना उतई पुलिस ने पुलिस आरक्षक के पद पर नौकरी लगाने के नाम पर 12 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रकरण में अपराध क्रमांक 430/2026, धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई है।

दिनांक 20.08.2026 को प्रार्थी गैंदलाल बंछोर, निवासी शास्त्री चौक, ग्राम सेलूद, थाना उतई, जिला दुर्ग द्वारा थाना उतई में लिखित शिकायत प्रस्तुत की गई। प्रार्थी ने शिकायत में बताया कि आरोपी उमेश दास मानिकपुरी, निवासी ग्राम अतरिया, जिला बेमेतरा द्वारा वर्ष 2023 में उसके पुत्र विकास बंछोर को पुलिस आरक्षक के पद पर भर्ती कराने का झांसा दिया गया तथा नौकरी लगवाने के नाम पर कुल 12,00,000 रुपये लिए गए। इसके बाद नौकरी नहीं लगाई गई और रकम भी वापस नहीं की गई।

शिकायत की जांच के दौरान प्राप्त तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर थाना उतई में अपराध पंजीबद्ध कर आरोपियों की पतासाजी प्रारंभ की गई। थाना उतई पुलिस टीम द्वारा आरोपियों के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश देकर उमेश दास मानिकपुरी एवं राजेश वर्मा दोनों को गिरफ्तार किया गया।

READ ALSO  आईआईआईटी नया रायपुर के सहयोग से विकसित होगा एआई इकोसिस्टम, प्रतिभाशाली युवाओं को मिलेगा विशेषज्ञ मार्गदर्शन

पूछताछ में दोनों आरोपियों से घटना के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। प्रकरण की विवेचना के दौरान आरोपियों से संबंधित बैंक खाता एवं मोबाइल फोन जप्त किए गए हैं। दोनों आरोपियों के विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

मॉडस ऑपरेंडी (अपराध करने का तरीका)
आरोपियों द्वारा शासकीय पुलिस विभाग में आरक्षक पद पर भर्ती कराने का झांसा देकर प्रार्थी के पुत्र को नौकरी दिलाने का विश्वास दिलाया गया। इसी विश्वास के आधार पर दोनों आरोपियों द्वारा कुल 12 लाख रुपये प्राप्त किए गए। नौकरी नहीं लगने के बाद रकम वापस नहीं की गई, जिसके संबंध में प्रकरण दर्ज कर दोनों आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई।

घटना स्थल
प्रकरण थाना उतई क्षेत्र के ग्राम सेलूद निवासी प्रार्थी से संबंधित है। रकम के लेन-देन एवं घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की विवेचना की जा रही है।

आरोपी का नाम

1. उमेश दास मानिकपुरी, उम्र उल्लेखित नहीं, निवासी ग्राम अतरिया, जिला बेमेतरा, छत्तीसगढ़।
2. राजेश वर्मा, उम्र 57 वर्ष, निवासी पत्रकार कॉलोनी, रिंग रोड नंबर 02, नियर हरिभूमि प्रेस, वार्ड नंबर 19, मिनी बस्ती, सिविल लाइन, बिलासपुर, छत्तीसगढ़।

जप्त सामग्री

1. प्रकरण से संबंधित बैंक खाता।
2. 01 मोबाइल फोन।

अपराध क्रमांक एवं धारा
अपराध क्रमांक 430/2026, धारा 318(4), 3(5) बीएनएस

सराहनीय कार्य
उक्त कार्यवाही में थाना उतई के निरीक्षक मोहन भारद्वाज, उप निरीक्षक श्रीराम पेन्ड्रो, प्रधान आरक्षक मनीष थापा, अभिषेक पाण्डेय, आरक्षक ध्रुवनारायण चन्द्राकर, अजय देवांगन एवं अन्य थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि पुलिस भर्ती अथवा किसी भी शासकीय नौकरी में नियुक्ति दिलाने के नाम पर किसी व्यक्ति के झांसे में आकर रकम न दें। नौकरी से संबंधित किसी भी प्रस्ताव की संबंधित विभाग से स्वयं सत्यापन करें। किसी व्यक्ति द्वारा नौकरी लगाने के नाम पर रकम मांगने अथवा धोखाधड़ी किए जाने की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।

READ ALSO  हुनर ने दी आत्मनिर्भरता की राह, ब्यूटी पार्लर से किरण को हर माह 12 से 20 हजार रुपये तक की आय
अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins