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CG : जिले में बैंकिंग योजनाओं के लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करें : कलेक्टर अबिनाश मिश्रा …

By kadwaghut|21 Aug 2026, 4:22 PM
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लंबित ऋण प्रकरणों के त्वरित निराकरण, प्राथमिकता क्षेत्र एवं कमजोर वर्गों को ऋण उपलब्ध कराने पर विशेष जोर

धमतरी : कलेक्टर अबिनाश मिश्रा की अध्यक्षता में गुरुवार  को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय परामर्श दात्री (डीएलसीसी) की तिमाही समीक्षा बैठक संपन्न हुई।  बैठक में समस्त शासकीय योजनाओं की शाखावार वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम तिमाही (जून 2026)लक्ष्य प्राप्ति, किसान क्रेडिट कार्ड (पशु पालन एवं मछली पालन) के प्रकरण के प्रस्तुति और स्वीकृति, अस्वीकृति, वित्तीय सेवाएं, विभाग का जनसुरक्षा योजनाओं की अभियान की प्रगति एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की वर्तमान स्थिति, किसान क्रेडिट कार्ड, आधार सीडिंग, वर्ष 2026-27 हेतु एनआरएलएम द्वारा आबंटित लक्ष्य एवं प्रगति, अंत्योदय स्वरोजगार योजना एवं आदिवासी स्वरोजगार योजना की प्रगति की जानकारी ली गई।

बैठक में जिले में बैंकिंग सेवाओं की प्रगति, वार्षिक साख योजना, ऋण वितरण, शासकीय योजनाओं के लंबित प्रकरणों, ऋण वसूली तथा विभिन्न प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में बैंकिंग सहायता की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में जिला पंचायत के NRLM जिला परियोजना प्रबंधक जय वर्मा, भारतीय रिजर्व बैंक रायपुर के प्रबंधक अविनाश टोप्पो, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक दिलीप दामानी, अग्रणी जिला प्रबंधक इंद्र कुमार टिलवानी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा जिले के बैंकों के नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।

कलेक्टर मिश्रा ने कहा कि प्राइवेट सेक्टर में केवल कृषि ही नहीं, उद्यानिकी, मत्स्य पालन, पशुपालन के प्रकरणों पर विशेष फोकस करें बैंकर्स। शासकीय योजनाओं से संबंधित ऋण प्रकरणों को प्राथमिकता से स्वीकृत करें। विभाग प्रकरण स्वीकृति हेतु बैंकों को प्रस्तुत करें। साथ ही बैंकों द्वारा प्रकरण रिजेक्ट के कारणों पर विशेष ध्यान देवें। उन्होंने बैंकों को सीडी रेसियों पर विशेष ध्यान देने कहा।

अग्रणी जिला प्रबंधक  इन्द्र  कुमार टिलवानी ने जिले में संचालित 112 बैंक शाखाओं की जानकारी देते हुए बताया कि धमतरी ब्लॉक में 57, कुरूद में 31, मगरलोड में 8 तथा नगरी में 16 बैंक शाखाएं संचालित हैं। बैठक में बैंकों की जमा एवं ऋण-जमा अनुपात, कृषि ऋण, सूक्ष्म एवं लघु उद्योग, अल्पसंख्यक समुदाय तथा अन्य प्राथमिकता क्षेत्रों में ऋण वितरण की मार्च 2026 एवं जून 2026 की तुलनात्मक प्रगति प्रस्तुत की गई।

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कमजोर एवं प्राथमिकता वाले वर्गों को ऋण उपलब्ध कराने में तेजी लाएं

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि बैंकिंग योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य पात्र हितग्राहियों तक समय पर वित्तीय सहायता पहुंचाना है। उन्होंने सभी बैंक अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं के तहत प्राप्त ऋण प्रकरणों का परीक्षण पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से करें और अनावश्यक कारणों से पात्र प्रकरणों को लंबित अथवा वापस न करें।

उन्होंने अल्पसंख्यक समुदाय के लिए निर्धारित 10 प्रतिशत लक्ष्य के विरुद्ध वर्तमान उपलब्धि 2.66 प्रतिशत तथा DRI क्षेत्र में निर्धारित 1 प्रतिशत लक्ष्य के विरुद्ध 0.02 प्रतिशत उपलब्धि पर विशेष ध्यान देते हुए इन क्षेत्रों में ऋण वितरण बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही सभी बैंकों को प्राथमिकता क्षेत्र ऋण के निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति सुनिश्चित करने कहा।

लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए समय-सीमा तय

कलेक्टर ने Enterprise Finance योजना के लंबित प्रकरणों का एक सप्ताह के भीतर निराकरण करने के निर्देश दिए। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा प्रेषित PMFME के 66 लंबित प्रकरणों पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए शीघ्र निर्णय लेने कहा। किसान क्रेडिट कार्ड के अंतर्गत पशुपालन के 113 तथा मत्स्य पालन के 88 लंबित प्रकरणों का भी प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए गए।

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के लंबित प्रकरणों, प्रधानमंत्री अजय योजना के 119 लंबित प्रकरणों तथा प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के स्वीकृति एवं वितरण के लिए लंबित 135 प्रकरणों पर भी त्वरित कार्रवाई करने कहा गया।

कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पशुपालन एवं मत्स्य पालन से संबंधित ऋण प्रकरणों को अनुचित कारणों से वापस न किया जाए। आवश्यकता होने पर बैंक अधिकारी संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ संयुक्त निरीक्षण कर प्रकरणों का निराकरण करें।

नगरी PNB के लंबित प्रकरणों पर जताई नाराजगी

पंजाब नेशनल बैंक, नगरी शाखा द्वारा शासकीय योजनाओं के तहत प्रेषित 73 प्रकरणों के लंबित रहने और अनुचित कारणों से प्रकरण वापस किए जाने पर कलेक्टर ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने शाखा प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा 27 अगस्त 2026 तक सभी लंबित प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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उन्होंने सभी बैंक शाखाओं को ऋण वसूली के लिए आवश्यक RRC कार्रवाई करने तथा वसूल किए गए खातों में नियमानुसार कार्यवाही शुल्क शासन को प्रेषित करने के निर्देश भी दिए।

बैंकिंग सेवाओं का विस्तार और नए शाखा प्रस्तावों की समीक्षा

बैठक में जिले में प्रस्तावित सात नई बैंक शाखाओं की भी समीक्षा की गई। अकलाडोंगरी, कचना, परखंदा, सिलोटी, सिंगपुर, गट्टासिल्ली और बोरई में नई शाखाएं प्रस्तावित हैं। इनमें सिंगपुर में सितंबर माह में शाखा प्रारंभ करने की तैयारी की जा रही है, जबकि बोरई में भारतीय स्टेट बैंक द्वारा 20 अगस्त को सर्वे किया गया है। अन्य प्रस्तावित शाखाओं के प्रकरण विभिन्न स्तरों पर प्रक्रियाधीन हैं।

कलेक्टर ने इंडियन बैंक एवं यूको बैंक की प्रस्तावित शाखाओं के प्रकरणों को राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति रायपुर की बैठक में शामिल कराने के लिए आवश्यक पत्राचार करने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार शीघ्र हो सके।

ऋण-जमा अनुपात 67.98 प्रतिशत, 70 से 80 प्रतिशत तक बढ़ाने पर जोर

नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक दिलीप दामानी ने जिले का ऋण-जमा अनुपात निर्धारित 60 प्रतिशत लक्ष्य की तुलना में 67.98 प्रतिशत होने पर बैंकों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने इसे मार्च 2029 तक 70 से 80 प्रतिशत के स्तर तक ले जाने के लिए निरंतर प्रयास करने का आग्रह किया।

बैठक में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित कृषि ऋण आउटरीच कार्यक्रम में लगभग 71.49 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की गई। कलेक्टर ने अन्य बैंकों को भी इसी प्रकार विशेष ऋण शिविर एवं आउटरीच कार्यक्रम आयोजित कर किसानों, महिला स्व-सहायता समूहों, उद्यमियों और अन्य पात्र हितग्राहियों को अधिकाधिक ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

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सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और बैंकिंग दायित्वों पर भी जोर

कलेक्टर ने अटल पेंशन योजना के निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक एवं पंजाब एंड सिंध बैंक द्वारा वार्षिक लक्ष्य प्राप्त किए जाने पर उन्होंने सराहना की। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों का समय-सीमा में निराकरण कर उसकी जानकारी अग्रणी बैंक कार्यालय को उपलब्ध कराने कहा गया।

भारतीय रिजर्व बैंक के निर्देशों के अनुरूप नागरिकों को आपातकालीन सहायता के लिए संचालित ‘CG Dial-112’ के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए सभी बैंक परिसरों एवं ATM में निर्धारित पोस्टर एवं पम्फलेट प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए।

NRLM के अंतर्गत स्व-सहायता समूहों के बैंक क्रेडिट लिंकेज में औसत 3 लाख रुपये का ऋण वितरण, महिला उद्यमी ऋण योजना के लंबित प्रकरणों का तत्काल निराकरण, बैंक सखियों के मानदेय का समय पर भुगतान तथा PMJJBY एवं PMSBY के लंबित दावा प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश भी दिए गए। बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा SHG ऋण खातों में लगाए गए अतिरिक्त ब्याज की राशि नियमानुसार वापस करने के निर्देश दिए गए।

कलेक्टर मिश्रा ने कहा कि बैंक और जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय से ही शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक समय पर पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने बैंक अधिकारियों से कहा कि पात्र हितग्राहियों के ऋण प्रकरणों में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ कार्य करें तथा किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो। उन्होंने लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा कर प्रगति सुनिश्चित करने और बैंकिंग सेवाओं को ग्रामीण एवं वंचित क्षेत्रों तक और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया।

बैठक के अंत में अग्रणी जिला प्रबंधक इंद्र कुमार टिलवानी ने सभी उपस्थित सदस्यों एवं बैंक अधिकारियों का आभार व्यक्त किया तथा शासन की योजनाओं का लाभ अधिकाधिक पात्र नागरिकों तक पहुंचाने के लिए समन्वित प्रयास जारी रखने का आग्रह किया।

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