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​CG : स्वामित्व से सशक्तिकरण: धमतरी ने रचा नया कीर्तिमान …

By kadwaghut|19 Aug 2026, 3:30 PM
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50 हजार से अधिक परिवारों को मिला ज़मीन का ‘कानूनी हक’

प्रदेश में अव्वल रहा धमतरी जिला; 501 राजस्व गांवों में ड्रोन सर्वे पूरा, तकनीक और सुशासन से नई राह पर ग्रामीण

रायपुर :  ​छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में एक मौन क्रांति आकार ले रही है। दशकों से अपनी ही ज़मीन और आशियाने पर बिना किसी ठोस कानूनी दस्तावेज़ के रह रहे हज़ारों परिवारों के लिए केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘स्वामित्व योजना’ एक नया सवेरा लेकर आई है। इस योजना के सटीक, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के मामले में धमतरी जिले ने पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल कर एक शानदार मिसाल कायम की है।
        ​धमतरी के गांवों में आज उत्साह का माहौल है। जब जिले के 50 हजार से अधिक पात्र परिवारों के हाथों में उनकी आबादी भूमि का अधिकार अभिलेख (प्रॉपर्टी कार्ड) पहुँचा, तो वर्षों से अपने ही घर के मालिकाना हक को लेकर मन में बनी असमंजस की स्थिति हमेशा के लिए समाप्त हो गई।

​आधुनिक तकनीक और धरातली सत्यापन का अनूठा संगम

      ​धमतरी जिले की इस बड़ी सफलता के पीछे आधुनिक तकनीक और प्रशासनिक मुस्तैदी का बेजोड़ समन्वय रहा है। सर्वे ऑफ इंडिया’ (SOI) के तकनीकी सहयोग से जिले के 501 राजस्व ग्रामों में ड्रोन फ्लाइंग का कार्य सफलता पूर्वक पूरा कराया गया। ड्रोन सर्वे से प्राप्त नक्शों को केवल कागज़ों तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि राजस्व टीमों ने गाँव-गाँव जाकर स्थल सत्यापन किया। आबादी भूमि के अभिलेखों का सूक्ष्मता से परीक्षण किया गया ताकि बनने वाला हर ‘अधिकार पत्र’ पूरी तरह शुद्ध और प्रामाणिक हो।इस कड़ी मेहनत का ही नतीजा है कि अब तक 312 गांवों के अभिलेख पूरी तरह डिजिटल बनाकर पोर्टल पर अपलोड किए जा चुके हैं।

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​अधिकार पत्र से खुलेंगे आर्थिक समृद्धि के नए द्वार

      ​केवल एक दस्तावेज़ मिल जाने से ग्रामीणों की ज़िंदगी में कितना बड़ा बदलाव आ सकता है, धमतरी इसका जीवंत उदाहरण बन रहा है। अब ग्रामीण अपनी आबादी भूमि के कानूनी दस्तावेज़ों के आधार पर बैंकों से आसानी से होम लोन, व्यवसाय ऋण या अन्य वित्तीय सुविधाएँ प्राप्त कर सकेंगे। आबादी क्षेत्र का स्पष्ट और प्रामाणिक सीमांकन होने से वर्षों से चले आ रहे आपसी ज़मीनी विवादों पर लगाम लग रही है। वैधानिक प्रमाण मिलने से ग्रामीणों की संपत्ति का सही बाज़ार मूल्य तय हो पा रहा है, जिससे वे आर्थिक रूप से अधिक सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

        कलेक्टर ने कहा कि​स्वामित्व योजना ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें अपनी संपत्ति का वास्तविक अधिकार दिलाने की दिशा में एक दूरगामी पहल है। धमतरी जिले में हमारा पूरा ध्यान अभिलेखों की शत-प्रतिशत शुद्धता, पारदर्शिता और समयबद्धता पर है। शेष बचे गांवों में भी प्रक्रिया तेजी से जारी है ताकि हर पात्र परिवार को उसका हक जल्द से जल्द मिल सके।
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​सुशासन का एक उत्कृष्ट मॉडल

      ​धमतरी जिले में योजना के इस प्रभावी क्रियान्वयन ने यह साबित कर दिया है कि जब सही मंशा के साथ आधुनिक तकनीक का प्रयोग किया जाता है, तो शासन की योजनाएँ अंतिम व्यक्ति के जीवन में वास्तविक और सकारात्मक बदलाव लाती हैं। धमतरी की यह उपलब्धि आज पूरे छत्तीसगढ़ के लिए सुशासन, पारदर्शिता और ग्रामीण सशक्तिकरण का एक प्रेरणादायक मॉडल बनकर उभरी है।

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