मध्य प्रदेश

नवजात की मौत पर NHRC सख्त, MP स्वास्थ्य विभाग और इंदौर DM को दिया नोटिस

By Admin|08 Sep 2025, 4:32 PM
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भोपाल 

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राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मध्य प्रदेश के एक अस्पताल के अंदर ‘चूहों के हमले’ के कारण एक नवजात शिशु की मौत के मामले को गंभीरता से लिया है। एनएचआरसी ने इस बारे में मिली शिकायत पर संज्ञान लेते हुए राज्य के स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव और इंदौर के जिलाधिकारी को नोटिस जारी किया है।

अधिकारियों ने बताया कि शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मध्य प्रदेश के एक अस्पताल के अंदर ‘चूहों के हमले’ के कारण एक नवजात शिशु की मौत हो गई और अन्य घायल हो गए।

एनएचआरसी के अनुसार, कथित घटना से संबंधित शिकायत के बाद आयोग ने 4 सितंबर को मामला दर्ज किया था। एनएचआरसी ने अपने नोटिस में अधिकारियों को निर्देश दिया है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर 10 दिनों के भीतर ऐक्शन टेकन रिपोर्ट पेश करने को कहा है।

मामले की कार्यवाही के अनुसार शिकायत का शीर्षक ‘न्याय तक पहुंच के लिए नेटवर्क’ है।

कार्यवाही में कहा गया है, ‘‘आयोग को प्राप्त शिकायत के अनुसार शिकायतकर्ता ने इंदौर के एमवाय अस्पताल में हुई एक बेहद हैरान और परेशान करने वाली घटना की सूचना दी है, जहां अस्पताल परिसर के अंदर चूहों के हमले के कारण एक नवजात शिशु की मृत्यु हो गई और अन्य घायल हो गए।’’

इसके अलावा, हाल में सरकारी महाराजा यशवंतराव अस्पताल के आईसीयू में चूहों के काटने से दो नवजात बच्चियों की मौत की खबर भी मिली है।

अधिकारियों ने बताया कि शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि यह भयावह घटना घोर चिकित्सा लापरवाही और बुनियादी स्वच्छता एवं रोगी सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूर्ण विफलता को उजागर करती है।

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कार्यवाही में कहा गया है कि इस तरह की ‘चूक’ न केवल सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा में नागरिकों के विश्वास का उल्लंघन करती है, बल्कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और स्वास्थ्य के अधिकार का भी गंभीर उल्लंघन है।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि राज्य भर के सरकारी अस्पतालों में स्वच्छता, कीट नियंत्रण और समग्र सुरक्षा मानकों में सुधार के लिए तत्काल उपाय किए जाने चाहिए।

एनएचआरसी ने कहा कि शिकायत में लगाए गए आरोप प्रथमदृष्टया पीड़ितों के मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन प्रतीत होते हैं।

कार्यवाही में कहा गया है, ‘‘रजिस्ट्री को निर्देश दिया जाता है कि वह प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, मध्य प्रदेश सरकार, भोपाल और इंदौर के डीएम को नोटिस जारी करके शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच करवाएं और आयोग के अवलोकन के लिए 10 दिनों के भीतर एक ऐक्शन टेकन रिपोर्ट पेश करें।’’

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