मध्य प्रदेश

लेफ्टिनेंट कर्नल की याचिका पर सुनवाई: कोर्ट ने एफआईआर रद्द करते हुए कहा, आपसी सहमति को रेप नहीं माना जा सकता

By Admin|15 Mar 2026, 3:42 PM
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जबलपुर 

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वो युवती जो कि पहले तो लव रिलेशन में रहती है,आपसी सहमति से संबंध बनाती है, और फिर बाद में रेप का आरोप लगाते हुए पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करवाती है, उसे रेप की श्रेणी में नही माना जा सकता है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक मामले पर सुनवाई करते हुए कहा। 

13 साल तक रिलेशनशिप में रही युवती

एमपी पुलिस में पदस्थ एक महिला आरक्षक ने एफआईआर दर्ज करवाते हुए आरोप लगाया कि वह सेना में पदस्थ लेफ्टिनेंट कर्नल वरुण प्रताप सिंह के साथ 13 साल तक रिलेशनशिप में रही है। वह कहता था कि पत्नी बेकार है, तलाक होते ही तुमसे शादी कर लूंगा। मध्यप्रदेश पुलिस में कॉन्स्टेबल शीना (परिवर्तित नाम) ने सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल वरुण प्रताप सिंह के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज कराया। महिला का कहना था कि – मेरी वरुण ही नहीं, उसके मम्मी-पापा और भाई-बहन से भी बातचीत होती थी। दोनों के परिवारों के बीच संबंध मजबूत हो गए। वरुण ने कहा था कि जल्द ही हम शादी कर लेंगे, इसलिए मैं उसके साथ रिलेशन में आ गई। ऐसे ही समय बीतता गया, लेकिन भोपाल से ट्रांसफर के दौरान मुझे पता चला कि उसकी शादी तो पहले ही हो चुकी है। बच्चा भी है।

अलग-अलग नामों से अकाउंट, कई लड़कियों से दोस्ती
शीना ने पुलिस को एफआईआर में बताया कि वरुण की पोस्टिंग असम में हो गई थी। बाद में पता चला कि वहां एक असमिया लड़की से भी उसकी दोस्ती हो गई। उससे पूछा तो वो टालता रहा। इस बीच पता चला कि वरुण नाम से सोशल मीडिया पर आईडी तो है ही, साथ ही एक आईडी आदित्य प्रताप और एक आदित्य राज नाम से भी बना रखी है। इसमें उसकी फोटो लगी है, चैटिंग भी करता रहता है। इन सोशल मीडिया अकाउंट का उपयोग वह नई-नई लड़कियों को तलाशने और उन्हें अपने प्रभाव में लेने के लिए करता है।

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हनी ट्रैप का शिकार हो सकता है वरुण
शीना ने अपनी एफआईआर में बताया कि वरुण सेना की जिम्मेदारी वाली नौकरी में रहकर कई सोशल मीडिया अकाउंट चला रहा है, यह खतरनाक हो सकता है। वो लड़कियों की फोटो लगी आईडी से आने वाली अनजान रिक्वेस्ट पर रिस्पॉन्स करता है। चैटिंग करने लगता है। मुझे डर है कि जिस तरह की उसकी एक्टिविटी है, वह आसानी से हनी ट्रैप का शिकार हो सकता है या हो चुका होगा। वरुण ने जो काम भोपाल में किया, वही असम में किया। पठानकोट जैसी संवेदनशील पोस्टिंग में रहते हुए भी उसकी आदत नहीं सुधरी। सेना को इसकी जांच करानी चाहिए, मैंने इसकी शिकायत भी की है।

जिला कोर्ट ने याचिका खारिज की
युवती की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। भोपाल कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई तो, वरुण की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। पीड़िता के वकील ने आरोपी की जमानत याचिका पर आपत्ति लगाते हुए अदालत को बताया कि यदि उन्हें जमानत मिलती है तो वो सबूतों को मिटा सकते हैं। साक्ष्यों को प्रभावित कर सकते हैं। इसके बाद कोर्ट ने आरोपी की याचिका खारिज कर दी।

आपसी संबंध रेप की श्रेणी नहीं
मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने करीब 13 साल तक चले आपसी संबंधों को दुष्कर्म की श्रेणी में रखने से इनकार करते हुए सेना के एक लेफ्टिनेंट कर्नल के खिलाफ दर्ज एफआईआर और चार्जशीट को निरस्त कर दिया है। जस्टिस विनय सराफ की एकलपीठ ने मामले पर सुनवाई की है। महिला पुलिस आरक्षक ने याचिका पर बताया कि सेना अधिकारी ने स्वयं को अविवाहित बताते हुए उससे विवाह का वादा किया और इसी भरोसे पर दोनों के बीच शारीरिक संबंध बने।

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मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया। कोर्ट ने पाया कि दोनों के बीच लंबे समय तक आपसी सहमति से संबंध रहे, इसलिए इसे दुष्कर्म की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। इसी आधार पर अदालत ने दर्ज एफआईआर और चार्जशीट को रद्द कर दिया।

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