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भिलाई-चरोदा के वरिष्ठ रेलवे अधिकारी अनमोल उईके गिरफ्तार, घर से 77 लाख नकद और करीब 14 लाख के जेवर जब्त; संकरी गलियों में नाम की तख्ती बनी CBI की राह
*राजनांदगांव।ईडी की कार्रवाई की हलचल अभी थमी भी नहीं थी कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी CBI की दस्तक ने राजनांदगांव को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया।

इस बार मामला रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी से जुड़ा है। रिश्वत के मामले में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी डीएमई अनमोल उईके को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। सीबीआई की कार्रवाई में उनके राजनांदगांव स्थित ममता नगर के आवास से 77 लाख रुपये नकद और करीब 14 लाख रुपये मूल्य के आभूषण बरामद किए जाने की बात कही गई है।सीबीआई की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, रिश्वत से जुड़े मामले की जांच के दौरान अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की गई।
तलाशी में नकदी, आभूषण और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं। गिरफ्तारी के बाद अधिकारी को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेजे जाने की भी जानकारी है।*पहले दफ्तर खंगाला, फिर राजनांदगांव का घर*मामले की जांच का सिरा भिलाई-चरोदा स्थित रेलवे के पीपी यार्ड तक पहुंचा।

बताया जाता है कि सीबीआई की टीम ने वहां अधिकारी के कार्यालय में दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच की थी। इसके बाद जांच की आंच राजनांदगांव स्थित उनके आवास तक पहुंची।यहीं से मामले ने और गंभीर रूप ले लिया। आवास की तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी और आभूषण मिलने से जांच एजेंसी की कार्रवाई चर्चा का विषय बन गई है।
*संकरी गलियां… और नाम की तख्ती बनी पहचान*
CBI के अधिकारियों के लिए राजनांदगांव स्थित मकान तक पहुंचना भी आसान नहीं था। ममता नगर की संकरी गलियों के बीच टीम को संबंधित मकान तक पहुंचने में मशक्कत करनी पड़ी। बताया जाता है कि मकान पर लगी नाम की तख्ती के सहारे अधिकारियों ने सही ठिकाने की पहचान की।एक तरफ गली इतनी संकरी कि वाहनों की आवाजाही मुश्किल और दूसरी तरफ केंद्रीय जांच एजेंसी की टीम—इलाके में जैसे ही सीबीआई की मौजूदगी की खबर फैली, लोगों की निगाहें भी उसी तरफ टिक गईं।*पिता भी रहे सरकारी सेवा में, कोरिनभाठा हॉस्टल से जुड़ा रहा नाम*गिरफ्तार रेलवे अधिकारी अनमोल उईके की पारिवारिक पृष्ठभूमि भी अब चर्चा में है। बताया जाता है कि उनके पिता महेंद्र उईके आदिवासी विभाग में पदस्थ रहे हैं और राजनांदगांव के कोरिनभाठा स्थित ट्राइबल हॉस्टल में अधीक्षक के पद पर भी रह चुके हैं। बाद में वे सेवानिवृत्त हुए।सीबीआई की कार्रवाई के बाद परिवार की पृष्ठभूमि से जुड़ी यह जानकारी भी शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है।
*91 लाख की बरामदगी ने बढ़ाए सवाल*
सीबीआई की कार्रवाई में सामने आई रकम को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि 77 लाख रुपये नकद और करीब 14 लाख रुपये के आभूषण आखिर किस स्रोत से आए? हालांकि इन संपत्तियों को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।रिश्वत के आरोप, गिरफ्तारी और इतनी बड़ी मात्रा में नकदी की बरामदगी ने मामले को सामान्य विभागीय शिकायत से कहीं आगे खड़ा कर दिया है। अब जांच एजेंसी जब्त दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों को खंगालकर यह पता लगाने में जुटेगी कि कथित रिश्वतखोरी का दायरा कितना बड़ा है और इसमें और कौन-कौन लोग जुड़े हो सकते हैं।
*रेलवे में भी मचेगी हलचल?*
अधिकारी की गिरफ्तारी के बाद रेलवे के विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि विभागीय कार्रवाई का स्वरूप जांच की प्रगति और नियमानुसार प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।गौरतलब है कि भिलाई रेलवे के पीपी यार्ड में वर्ष 2023 में भी केंद्रीय जांच एजेंसी की कार्रवाई की चर्चा सामने आई थी। उस समय भी कई घंटे तक दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच किए जाने की जानकारी सामने आई थी।ईडी के बाद CBI—राजनांदगांव में केंद्रीय एजेंसियों की दस्तकराजनांदगांव में एक दिन पहले ही ईडी की कार्रवाई से प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल थी। इसके ठीक बाद रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ सीबीआई की गिरफ्तारी और तलाशी ने शहर की चर्चा को और तेज कर दिया है।अब निगाहें इस बात पर हैं कि 77 लाख रुपये की नकदी, करीब 14 लाख के जेवर और जब्त दस्तावेजों की पड़ताल के बाद CBI की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।
