छत्तीसगढ़बिलासपुर जिला

CG : Malabar Gold & Diamonds के कर्मचारियों पर FIR …

By kadwaghut|17 Aug 2026, 11:25 AM
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बिलासपुर: शहर में सोने के एक आभूषण की शुद्धता जांच को लेकर विवाद सामने आया है। एक सराफा कारोबारी की शिकायत पर तारबाहर पुलिस ने मालाबार ज्वेलर्स के मैनेजर, कैरेटोमीटर ऑपरेटर एवं अन्य कर्मचारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 3(5) और 318(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। FIR 15 अगस्त 2026 को दर्ज की गई है।दक्षिण-एशियाई और प्रवासी FIR में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उसके प्रतिष्ठान से खरीदा गया 22 कैरेट HUID युक्त सोने का कड़ा एक ग्राहक एक्सचेंज कराने के लिए मालाबार ज्वेलर्स लेकर गया था। वहां मशीन से जांच करने के बाद कड़े को 20 कैरेट बताए जाने की बात सामने आई। शिकायत के अनुसार ग्राहक को यह भी बताया गया कि कड़े पर HUID नहीं है। इसके बाद ग्राहक ने सराफा कारोबारी से संपर्क किया और आभूषण की शुद्धता को लेकर सवाल उठाए।

शिकायतकर्ता का कहना है कि ग्राहक के साथ वह खुद मालाबार ज्वेलर्स पहुंचा और कर्मचारियों से जांच प्रक्रिया की जानकारी ली। आरोप है कि वहां कर्मचारियों ने मशीन से की गई जांच को आधार मानते हुए कड़े को दो-तीन बार जांचने के बाद भी 20 कैरेट बताया। कारोबारी ने जब अपनी पहचान बताते हुए कहा कि संबंधित आभूषण उसके प्रतिष्ठान से खरीदा गया है और वह 22 कैरेट HUID युक्त है, तब दोबारा जांच कराने की मांग की गई। FIR में दर्ज शिकायत के मुताबिक, इसके बाद मशीन की प्रक्रिया या सेटिंग में कुछ बदलाव कर आभूषण का फिर परीक्षण किया गया। इस बार उसी कड़े को 916 यानी 22 कैरेट और HUID युक्त बताए जाने का दावा किया गया। शिकायतकर्ता ने इसी अंतर पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक ही आभूषण की जांच में अलग-अलग परिणाम आने से ग्राहक और कारोबारी दोनों को नुकसान हो सकता था।

शिकायत में पुलिस से पहली और दूसरी जांच का पूरा रिकॉर्ड, मशीन रीडिंग और संबंधित CCTV फुटेज सुरक्षित कराने की मांग भी की गई है। इसके अलावा कैरेट टेस्टिंग मशीन की तकनीकी स्थिति और जांच प्रक्रिया की पड़ताल करने तथा यह पता लगाने की मांग की गई है कि इस तरह की जांच से अन्य ग्राहकों या सराफा कारोबारियों को भी नुकसान तो नहीं हुआ। शिकायतकर्ता ने निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है। तारबाहर पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल FIR में दर्ज बातें शिकायतकर्ता के आरोप हैं और इनकी सत्यता पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी। दस्तावेज के अनुसार मामले में संबंधित संस्थान के मैनेजर, कैरेटोमीटर ऑपरेटर एवं अन्य कर्मचारियों को आरोपी पक्ष के रूप में दर्ज किया गया है।

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