छत्तीसगढ़

नशे के कारोबार के खिलाफ ग्रामीण एकजुट, ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग; जांच के निर्देश जारी

By Admin|10 Sep 2025, 3:56 PM
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मुंगेली

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जिले के ग्राम पंचायत पैजनियां में बीते कुछ वर्षों से चल रहे शराब और गांजे की अवैध बिक्री ने गांव की सामाजिक व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. इसे लेकर गांव वालों ने पंचायत और प्रतिनिधियों के साथ मिलकर जनदर्शन कार्यक्रम में प्रशासन को औपचारिक शिकायत सौंपी. ग्रामीणों का आरोप है कि शराब के साथ गांजे की भी धड़ल्ले से बिक्री हो रही है. इसका असर न सिर्फ गांव के माहौल पर पड़ रहा है, बल्कि युवा वर्ग नशे की गिरफ्त में आकर अपना भविष्य भी दांव पर लगा रहा है.

खुलेआम नशे के अवैध कारोबार
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के कुछ स्थानीय लोग लंबे समय से अंग्रेजी, देशी और कच्ची शराब के साथ-साथ गांजे की भी खुलेआम बिक्री कर रहे हैं. इससे न केवल गांव का माहौल खराब हो रहा है, बल्कि युवा वर्ग भी नशे की गिरफ्त में आकर अपने भविष्य से समझौता कर रहा है. शराब पीकर आए दिन गांव में गाली-गलौच, झगड़े और मारपीट की घटनाएं हो रही हैं.

शिक्षा संस्थाओं पर बुरा असर
सबसे गंभीर बात यह है कि शिक्षा संस्थाओं जैसे स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों के पास शराब की खाली बोतलें, प्लास्टिक गिलास और गंदगी फैली पाई जाती है. इससे बच्चों की सुरक्षा पर खतरा बना हुआ है. टूटे बोतलों के कांच के टुकड़े बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं.

सामाजिक माहौल बुरी तरह प्रभावित
स्थानीय लोगों ने इस गंभीर समस्या को लेकर पंचायत सरपंच को सामूहिक ज्ञापन सौंपा. सरपंच और अन्य जनप्रतिनिधियों ने मामले की गंभीरता को समझते हुए ग्रामीणों के साथ मिलकर जनदर्शन कार्यक्रम में प्रशासन को ज्ञापन दिया.

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ग्रामीणों का आरोप : मिलीभगत से फल-फूल रहा है नशे का कारोबार
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार गांव में चल रहे अवैध शराब और गांजे के कारोबार की स्थानीय अधिकारियों से शिकायत की, जिस पर कार्रवाई तो हुई, लेकिन वह सिर्फ औपचारिकता तक सीमित रह गई. आरोप है कि अवैध कारोबार करने वालों को पकड़ा जरूर जाता है, लेकिन उनके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं होती. कुछ समय बाद उन्हें छोड़ दिया जाता है, जिससे उनका हौसला और बढ़ जाता है. ग्रामीणों ने बताया कि यह सारा अवैध धंधा स्थानीय स्तर पर मिलीभगत से फल-फूल रहा है. जब तक दोषियों पर उचित कानूनी कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह गोरखधंधा यूं ही चलता रहेगा. जनदर्शन में ग्रामीणों ने स्पष्ट तौर पर यह संदेह और नाराजगी जताई है. साथ ही ऊपरी प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है.

प्रशासन ने कार्रवाई के दिए संकेत
इस संबंध में बात करते हुए अपर कलेक्टर निष्ठा पांडेय तिवारी ने कहा कि ग्रामीणों की शिकायत जनदर्शन कार्यक्रम में प्राप्त हुई है. इस पर संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें.

ग्रामीणों की क्या है मांगे
ग्रामीणों की मांग है कि गांव में अवैध शराब और गांजा बिक्री पर तत्काल रोक लगाई जाए. दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो. स्कूल और आंगनबाड़ी की सुरक्षा को लेकर कदम उठाए जाए. इसके अलावा गांव में सामाजिक शांति और सुरक्षा की बहाली हो.

आंंदोलन की चेतावनी
प्रशासन के संज्ञान के बाद लोगों को उम्मीद है कि गांव में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ जल्द ही ठोस कदम उठाए जाएंगे. ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं होती, तो वे आंदोलन करने को भी मजबूर होंगे.

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