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MP Rain Alert: भोपाल में 3 दिन की बारिश से सड़कें बेहाल, अटल पथ समेत कई रास्ते खराब; स्कूलों में छुट्टी

By Admin|12 Aug 2026, 2:06 PM
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भोपाल

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मध्यप्रदेश में लगातार हो रही बारिश अब कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ा रही है। पिछले तीन दिनों से जारी बारिश के बीच नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नर्मदा का पानी सिर्फ 48 घंटे में करीब 10 फीट बढ़ गया है। कई छोटे पुल डूब गए हैं और निचले इलाकों में घरों तक पानी पहुंच गया है। प्रदेश में अब तक 527 बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। बारिश की गंभीर स्थिति को देखते हुए भोपाल और गुना में बुधवार को स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है। भोपाल में लगातार दूसरे दिन भी कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी रही। यहां दो दिनों में करीब 8 इंच बारिश रिकॉर्ड हो चुकी है।

इंदौर संभाग पर सबसे ज्यादा खतरा
प्रदेश में सक्रिय मजबूत मौसम प्रणाली का असर बुधवार को भी रहेगा। इंदौर संभाग के रतलाम, झाबुआ, धार, बड़वानी और इंदौर में भारी बारिश की चेतावनी है। इन जिलों में अगले 24 घंटे में 4 इंच या उससे अधिक पानी गिर सकता है। भारी बारिश के कारण इन इलाकों में नदी-नालों के उफान पर आने और निचले क्षेत्रों में पानी भरने का खतरा बढ़ गया है।

भोपाल में 200 घरों में घुसा पानी
राजधानी में लगातार बारिश से हालात बिगड़े हैं। करीब 200 मकानों में ढाई फीट तक पानी भर गया। कई सड़कें घंटों तक बंद रहीं। कुछ स्थानों पर बिजली के ट्रांसफार्मर और वितरण पेटियां पानी में घिर गईं, जिसके बाद सुरक्षा के लिए बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ी। मंगलवार रात राष्ट्रीय राजमार्ग-46 पर करीब एक फीट पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ। न्यू पुलिस लाइन स्टेशन रोड पर पानी से भरे गड्ढे में बच्चों से भरी स्कूली वैन भी फंस गई। नर्मदा में तेजी से बढ़ते पानी ने भी चिंता बढ़ा दी है। नर्मदापुरम के सेठानी घाट पर जलस्तर 946.40 फीट दर्ज किया गया है। पिछले 48 घंटे में नदी का जलस्तर करीब 10 फीट बढ़ा है। 

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 सड़कें हुई खस्ताहाल ……

भोपाल की सड़कें 3 हुई बारिश भी सहन नहीं कर पाई और छलनी हो गई है। अटल पथ, लिंक रोड नंबर-2, एमपी नगर, न्यू मार्केट, रोशनपुरा हो या कॉलोनियों की अंदरूनी सड़कें, सभी खस्ताहाल है। कहीं डामर उखड़ गया है तो कहीं बड़े-बड़े गड्‌ढे हो गए हैं। इसे लेकर कांग्रेस ने जिम्मेदारों से क्वॉलिटी पर सवाल करते हुए प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।

भोपाल में मध्य प्रदेश के दूसरे सबसे लंबे ब्रिज डॉ. अंबेडकर (जीजी) फ्लाईओवर की सड़क से सरिए भी झांकने लगे हैं। यह फ्लाईओवर करीब 154 करोड़ रुपए की लागत से बना है, लेकिन तीन दिन लगातार हुई बारिश सहन नहीं कर पाया।

यही हाल राजधानी की दूसरी सड़कों के भी है। पुराने शहर के अंदरूनी इलाकों की सड़कें ठीक हालत में नहीं है। अशोका गार्डन, कैलाश नगर, सेमरा, शिव नगर, अयोध्या बायपास, पटेल नगर, आनंद नगर, अरेड़ी, राजीव नगर, ऐशबाग, बाग उमराव दूल्हा समेत कई इलाकों में सड़कों से डामर गायब हो गया है। अशोका गार्डन में तो सड़क का हर 50 मीटर का टुकड़ा जर्जर हालत में है।

    भोपाल के अटल पथ (बुलेवर्ड स्ट्रीट) को करीब 40 करोड़ रुपए से बनाया गया था। हर साल यह सड़क उखड़ती है और फिर मेंटेनेंस के नाम पर लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं।

    लिंक रोड नंबर-2 का बड़ा हिस्सा जर्जर हो रहा है। ऊर्जा भवन से सात नंबर चौराहे तक कई जगहों से सड़क उखड़ गई हैं।

    न्यू मार्केट के चारों ओर की सड़कों भी जर्जर हो गई है। सड़क से गिट्‌टी बाहर निकल आई है। इससे फिसलने और दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना है।

    एमपी नगर में मेट्रो स्टेशन के नीचे बड़े-बड़े गड्‌ढे हो गए हैं।

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भोपाल में दो दिन में 8 इंच बारिश
भोपाल में पिछले दो दिनों में करीब 8 इंच बारिश हुई है। शहर के निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। करीब 200 मकानों में ढाई फीट तक पानी पहुंच गया। कई जगह ट्रांसफार्मर और बिजली वितरण पेटियां पानी की चपेट में आने के कारण सुरक्षा के लिए बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ी।मंगलवार को भी सुबह से रुक-रुककर बारिश होती रही। शाम करीब 5 बजे तेज बारिश शुरू हुई, जिससे दफ्तरों से घर लौट रहे लोगों को परेशानी हुई। शाम करीब 7 बजे 7 नंबर स्टॉप की सड़क भी पानी में डूब गई। बारिश के कारण भोपाल में दृश्यता भी कम रही। एमपी नगर में सुबह दृश्यता एक किलोमीटर से कम दर्ज की गई। अंबेडकर फ्लाईओवर पर वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा।

गुना में साढ़े 3, खंडवा में सवा 2 इंच बारिश
मंगलवार को गुना में 85 मिमी यानी साढ़े 3 इंच और खंडवा में सवा 2 इंच बारिश दर्ज हुई। इसके अलावा भोपाल, बैतूल, छिंदवाड़ा, शाजापुर, सीहोर, रायसेन, विदिशा, धार, नर्मदापुरम, इंदौर, जबलपुर, रीवा, श्योपुर, टीकमगढ़, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर, खरगोन, शिवपुरी, मऊगंज, उमरिया और बड़वानी में भी बारिश हुई। अधिकांश जिलों में देर रात तक बारिश का दौर जारी रहने की चेतावनी है।

राजगढ़ और आगर-मालवा में भारी बारिश
पिछले 24 घंटे में राजगढ़ जिले के ब्यावरा में करीब 9 इंच, खिलचीपुर में 8 इंच और जीरापुर में 7.7 इंच बारिश दर्ज की गई। आगर-मालवा के सोयतकलां में भी करीब 7.7 इंच बारिश हुई। गुना, शाजापुर, नरसिंहपुर, मंदसौर और उज्जैन के कई क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश हुई।

बड़ा तालाब भरने की ओर
लगातार बारिश का सबसे बड़ा असर भोपाल के बड़े तालाब पर दिख रहा है। एक दिन में करीब पौन फीट पानी बढ़ने के बाद जलस्तर 1663 फीट पहुंच गया है। इससे भोपाल के प्रमुख जलस्रोत की स्थिति काफी बेहतर हुई है। कोलार, केरवा और कलियासोत बांध में भी पानी की आमद बढ़ी है। नर्मदा के जलस्तर में बढ़ोतरी से इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर बांध में भी पानी बढ़ रहा है।

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नर्मदा 48 घंटे में 10 फीट बढ़ी
नर्मदापुरम में लगातार बारिश के कारण नर्मदा नदी का जलस्तर 48 घंटे में करीब 10 फीट बढ़ गया। सेठानी घाट पर जलस्तर 946.40 फीट पहुंच गया है। तवा बांध का जलस्तर भी करीब 8.5 फीट बढ़कर 1137.70 फीट हो गया। फिलहाल तवा बांध का जलस्तर निर्धारित सीमा से नीचे है, इसलिए उसके गेट खोलने की जरूरत नहीं बताई गई है।

खरगोन में बांध के गेट खुले, 24 गांवों में अलर्ट
लगातार बारिश से खरगोन के अपरवेदा बांध का जलस्तर बढ़ने के बाद गेट खोले गए। बांध से करीब 340 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है। निचले क्षेत्र के 24 गांवों में अलर्ट जारी किया गया है। आगर-मालवा के कुंडालिया और उमरिया के जोहिला बांध से भी पानी छोड़ा जा रहा है।लगातार बारिश के कारण रतलाम के सागोद रोड स्थित रेलवे अंडरब्रिज में पानी भर गया। कई वाहन पानी में फंसकर बंद हो गए। मंदसौर में शिवना नदी का जलस्तर बढ़ने से पशुपतिनाथ मंदिर की छोटी पुलिया भी पानी में डूब गई। कालाभाटा बांध के दो गेट खोले गए हैं।

प्रदेश में अब तक 19 इंच बारिश
मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश में अब तक करीब 19 इंच बारिश हुई है। यह सामान्य बारिश से लगभग 3.5 इंच कम है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सामान्य से करीब 18 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में करीब 13 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। अभी भी 46 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। कुछ जिलों में बारिश की कमी 4 से 57 प्रतिशत तक है। 

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