छत्तीसगढ़गरियाबंद जिला

CG : रामभरोसा ने बच्चों की शिक्षा के लिए दो एकड़ निजी भूमि स्कूल और छात्रावास (आश्रम) निर्माण के लिए किया था दान …

By kadwaghut|07 May 2026, 1:44 PM
f X W

गरियाबंद । सुशासन तिहार अंतर्गत आयोजित समाधान शिविर में ग्राम मौंहाभाठा के लगभग 70 वर्षीय नागरिक रामभरोसा ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। कलेक्टर बी.एस. उईके ने उनके शिक्षा के क्षेत्र में किए गए योगदान की सराहना करते हुए कहा कि जिस स्कूल में आज बच्चे पढ़ रहे हैं। वह उनके त्याग, परिश्रम और दूरदृष्टि की मिशाल है।

Advertisement
Advertisement

रामभरोसा युवावस्था में उन्होंने पत्ता तोड़ाई का कार्य किया। जहां कठिन परिस्थितियों में मेहनत कर जीवन यापन करते थे। उनकी कार्यशैली और ईमानदारी को देखते हुए उन्हें संग्रहण कार्य की देखरेख के लिए मुंशी बनाया गया। जहां उन्हें मात्र 165 रुपये तक का वेतन मिलता था। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी और धीरे-धीरे अपनी मेहनत से जीवन को संवारते गए।

पेशे से किसान रामभरोसा आज भी अपनी पुश्तैनी 7 एकड़ भूमि पर खेती कर रहे हैं। उनके दो पुत्र हैं, जो कृषि कार्य में उनका सहयोग करते हैं। इसके बावजूद उन्होंने निजी हित से ऊपर उठकर समाज के भविष्य को प्राथमिकता दी। जीवनभर पाई-पाई जोड़कर उन्होंने बच्चों की शिक्षा के लिए अपनी 1 एकड़ भूमि स्कूल निर्माण के लिए तथा लगभग 1 एकड़ भूमि छात्रावास (आश्रम) निर्माण के लिए दान कर दी। आज उसी दान भूमि पर सर्वसुविधायुक्त शासकीय हाई स्कूल एवं आश्रम का निर्माण हो चुका है, जहां हवादार कक्ष, खेल मैदान सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं।

कलेक्टर श्री उइके ने कहा कि इस विद्यालय में पढ़ने वाले प्रत्येक बच्चे को यह समझना चाहिए कि उनकी शिक्षा के पीछे एक किसान का त्याग और समर्पण छिपा है। उन्होंने बच्चों से अपील की कि वे मन लगाकर पढ़ाई करें और उनके योगदान को सार्थक बनाएं। रामभरोसा का यह योगदान न केवल ग्राम मौंहाभाठा बल्कि पूरे जिले के लिए प्रेरणादायी बन गया है।

READ ALSO  राजनांदगांव : बाघ ओझल, दहशत बरकरार, 6 गांवों में शाम होते ही थम जाती है आवाजाही ...
अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins