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उत्तर प्रदेश में मौसम बना आफत, 111 मौतों के बाद सीएम योगी ने अफसरों को दिए त्वरित सहायता के निर्देश

By Admin|14 May 2026, 9:31 PM
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लखनऊ

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 उत्तर प्रदेश में खराब मौसम, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली ने भारी तबाही मचाई है। प्रदेश में पिछले 24 घंटे में आंधी-तूफान व आकाशीय बिजली गिरने से 111 लोगों की मौत हुई है, जबकि 72 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा 170 पशुहानि और 227 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। दूसरी तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलों के प्रभारी मंत्रियों को प्रभावित परिवारों से मुलाकात करने और हालात का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को 24 घंटे के भीतर प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने के भी निर्देश दिए हैं।

राहत आयुक्त कार्यालय को खराब मौसम से प्रभावित 26 जिलों से भेजी रिपोर्ट के मुताबिक प्रयागराज में सबसे ज्यादा 21 लोगों की मौत हुई है। मीरजापुर में 19, संत रविदास नगर में 16 और फतेहपुर में 11 लोगों की जान गई। रायबरेली और उन्नाव में छह-छह लोगों की मौत दर्ज की गई है। वहीं बदायूं में पांच लोगों की मौत हुई है। प्रतापगढ़ में चार, सोनभद्र व सीतापुर में तीन-तीन और हरदोई, बहराइच, बरेली,चंदौली, कानपुर देहात व संभल में दो-दो लोगों की मौत हुई है।

राहत आयुक्त कार्यालय की रिपोर्ट के अनुसार मीरजापुर में 18, फतेहपुर में 15 व संत रविदास नगर में 11 लोग घायल हुए हैं। वहीं कानपुर देहात में सर्वाधिक 33 पशुहानि हुई है, जबकि संत रविदास नगर में 29, रायबरेली में 24, प्रयागराज में 20 व मीरजापुर में 16 पशुहानि के मामले सामने आए हैं। सोनभद्र में सर्वाधिक 75 मकान क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। इसके अलावा मीरजापुर में 46, बरेली में 21, बदायूं व प्रयागराज में 16-16 और संत रविदास नगर व सीतापुर में 14-14 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।

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वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंडलायुक्तों व जिलाधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत कार्य करने व 24 घंटे के भीतर मुआवजा जारी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों व अपर जिलाधिकारियों को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से निर्देश दिए हैं कि वे स्वयं प्रभावित परिवारों से मिलकर आवश्यक मदद उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि राहत आयुक्त कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम से निरंतर मानिटरिंग की जा रही है।

मौसम विभाग द्वारा जारी खराब मौसम की चेतावनी के उपरान्त राहत आयुक्त कार्यालय स्थित कंट्रोल रूम द्वारा सचेत पोर्टल के माध्यम से आम जनमानस को 34.64 करोड़ रेड एवं आरेंज चेतावनी संदेश भेजे गये हैं। उन्होंने बताया कि राहत आपदा हेल्प लाइन नम्बर 1070 पर काल आते ही तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। राहत आयुक्त ने जिलाधिकारियों को जन प्रतिनिधियों के माध्यम से प्रभावित परिवारों को सहायता राशि का वितरण कराने का निर्देश दिया है।
सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि राहत और बचाव कार्यों में पूरी गंभीरता बरती जाए। प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि बिजली, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता के आधार पर सुचारु किया जाए। जनता की सुरक्षा और सहायता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
जरूर कराएं पोस्टमार्टम

आपदा से होने वाली मौतों के मामले में सरकार द्वारा चार लाख रुपये का मुआवजा दिया जाता है। मुआवजे की यह राशि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के आधार पर दिए जाने की व्यवस्था है। इस व्यवस्था की जानकारी कई लोगों को न होने के कारण पोस्टमार्टम के बिना मृतकों का अंतिम संस्कार कर दिया जाता है, इससे संबंधित परिवारों को मुआवजे की राशि नहीं जारी की जाती है।

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