CG : गुस्से में मुरिया समाज, आम दरबार शब्द हटाने की मांग …
जगदलपुर। बस्तर दशहरा के अंतिम दिनों में आयोजित होने वाले मुरिया दरबार को दंतेश्वरी मंदिर समिति द्वारा जारी कथित कार्यक्रम विवरणिका में आम दरबार लिखे जाने पर मुरिया समाज और सर्व आदिवासी समाज ने कड़ी आपत्ति व्यक्त की है। बुधवार को दोनों सामाजिक संगठनों के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपर कलेक्टर सीबी बघेल को कलेक्टर के नाम पर शिकायत पत्र सौपा। पत्र में कार्यक्रम विवरणिका में आम दरबार शब्द को विलोपित कर मुरिया दरबार मुद्रित करने की मांग की गई है।
जिला प्रशासन की ओर से अभी तक इस विषय पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। नईदुनिया ने जिला प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी से फोन पर चर्चा की तो उनका कहना था कि बस्तर दशहरा आयोजन समिति अथवा जिला प्रशासन की ओर से अभी तक आधिकारिक कार्यक्रम विवरण जारी नहीं किया गया है। एक दो दिन में कार्यक्रम विवरण जारी किया जाएगा। इधर दंतेश्वरी मंदिर समिति के नाम से जारी वायरल कार्यक्रम विवरणिका को लेकर समिति के एक-दो सदस्यों से संपर्क करने पर कोई भी चर्चा करने को राजी नहीं हुआ।
इधर मुरिया समाज और सर्व आदिवासी समाज की ओर से जिला प्रशासन को दिए गए पत्र में कहा गया है कि बस्तर दशहरा में बाहर रैनी के दूसरे दिन मुरिया दरबार का आयोजन सिरहासार भवन में आयोजित करने की परंपरा वर्ष 1875 से चली आ रही है। जिसमें राजा, मांझी, चालकी, पुजारी, एवं जनता शामिल होती। अब जनप्रतिनिधि भी शामिल होने लगे हैं। दरबार में जनता की समस्या और मांगों को सुना जाता है। मुरिया दरबार बस्तर दशहरा की ऐतिहासिक और पारंपरिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए इसे नया नाम न दिया जाए क्योंकि मुरिया दरबार से बस्तर की जनता की भावनाएं जुड़ी हैं।
