राजनांदगांव , छत्तीसगढ़ के प्रथम लोक पर्व हरेली को राजनांदगांव में इस बार वृहद हरेली महोत्सव के रूप में धूमधाम से मनाया गया। स्टेट हाई स्कूल मैदान में एसकेडीवी मिशन पर्यावरण नव जागरण सभा के आयोजन में लोक संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और संत कबीर के विचारों का अनूठा संगम देखने को मिला। हरेली महोत्सव कार्यक्रम में सांसद संतोष पांडे, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह और महापौर मधुसूदन यादव ने समाज को कबीर साहेब के बताए मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
स्टेट हाई स्कूल मैदान में हुए कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद संतोष पांडे ने आयोजन समिति की मांग का समर्थन करते कहा वे स्वयं भी संसद में सद्गुरु कबीर जी को सम्मान पूर्वक ‘कबीर साहेब’ संबोधन देने तथा कबीर जयंती पर एक दिवसीय शासकीय अवकाश की मांग उठाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि कबीरधाम की पहचान संत कबीर की गौरवशाली परंपरा से जुड़ी है। यह पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।
सद्गुरु कबीर को महान समाज सुधारक बताया विशिष्ट अतिथि महापौर मधुसूदन यादव ने सद्गुरु कबीर को महान समाज सुधारक बताते हुए राजनांदगांव में उनके नाम पर कबीर द्वार बनाने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि हरेली महोत्सव के लिए 1 हजार पौधे उपलब्ध कराए गए, जिनसे आयोजन स्थल पर हरियाली और पर्यावरण संरक्षण संदेश दिया गया। पूर्व सांसद अभिषेक सिंह ने कहा कि सद्गुरु कबीर साहेब के बताए सत्य, समरसता और मानवता के मार्ग पर चलकर समाज निरंतर प्रगति कर रहा है। उन्होंने एसकेडीवी मिशन द्वारा लोक संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण को जोड़कर किए गए आयोजन की सराहना करते हुए सामाजिक जागरूकता का सशक्त माध्यम बताया।
महोत्सव में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति की आकर्षक झलक देखने को मिली। सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका तरुणा साहू की प्रस्तुति, हिमानी वासनिक की भरथरी, महिलाओं के सुआ नृत्य, बांस गीत तथा बस्तर के पारंपरिक लोकनृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कबड्डी, खो-खो, रस्साकशी और महिलाओं की फुगड़ी प्रतियोगिता ने भी उत्सव का आकर्षण बढ़ाया। इससे पूर्व ग्राम टेडेसरा स्थित कबीर आश्रम में पौधरोपण के बाद निकाली गई मोटरसाइकिल रैली ने शहर में लोक पर्व का उत्साह बिखेरा।
