मध्य प्रदेश

विन्ध्य क्षेत्र में पहली बार हुआ स्किन डोनेशन

By Admin|27 Sep 2025, 8:59 PM
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रीवा निवासी शिवेन्द्र पाण्डेय के निधन पश्चात उनकी पत्नी ने लिया स्किन डोनेशन का निर्णय

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उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने किया आभार व्यक्त

भोपाल
विन्ध्य क्षेत्र में पहली बार स्किन का डोनेशन किया गया। श्यामशाह चिकित्सा महाविद्यालय अन्तर्गत संजय गांधी अस्पताल रीवा में पहली बार स्किन डोनेट की गई। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मई माह में रीवा में स्किन बैंक के शुभारंभ अवसर पर लोगों से आह्वान किया था कि नागरिक अंगदान करने में आगे आयें। अंगदान महादान है, इससे जरूरतमंदों के जीवन में आशा का प्रकाश लाया जा सकता है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल की पहल के सकारात्मक परिणाम आने लगे हैं। लोगों में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ रही है।

रीवा निवासी शिवेन्द्र कुमार पाण्डेय के निधन पश्चात उनकी पत्नी श्रीमती प्रतिभा पाण्डेय, जो महिला एवं बाल विकास विभाग में कटनी जिले की जिला कार्यक्रम अधिकारी के पद पर पदस्थ हैं, ने अपने स्वर्गीय पति की स्किन दान करने का निर्णय लिया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि स्वर्गीय शिवेन्द्र पाण्डेय के परिजनों ने अंगदान का जो प्रेरणादायक कार्य किया है, वह अनेक जिंदगियों को बचाने में सहायक होगा। अंगदान से बड़ा कोई दान नहीं है। उन्होंने विन्ध्य क्षेत्र के अंगदान जैसे मानवीय कार्य में आगे बढ़ने पर प्रसन्नता व्यक्त की है।

श्यामशाह चिकित्सा महाविद्यालय के प्लास्टिक सर्जरी विभाग में सर्जन डॉ. सौरभ सक्सेना और डॉ. अजय पाठक की टीम ने स्वर्गीय पाण्डेय की स्किन हार्वेस्टिंग के जरिए स्किन बैंक में संरक्षित की। इसे माइक्रोबायोलॉजिकल एवं बायोकेमिकल परीक्षण के पश्चात प्रोसेसिंग कर आवश्यकतानुसार गंभीर रूप से जले हुए मरीजों में प्रत्यारोपित किया जा सकेगा। इससे गंभीर मरीजों की जान बचाने में मदद मिलेगी। स्किन दान के साथ ही स्वर्गीय श्री पाण्डेय की कॉर्निया (आंख का एक हिस्सा) का भी उनके परिजनों ने दान किया है।

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प्लास्टिक सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. सौरभ सक्सेना ने बताया कि दुर्घटना या बीमारी से व्यक्ति की मृत्यु के चार से छह घंटे के भीतर स्किन हार्वेस्टिंग कर मृतक का शरीर परिजनों को सौंप दिया जाता है। डीन डॉ. सुनील अग्रवाल के मार्गदर्शन में श्यामशाह चिकित्सा महाविद्यालय में स्किन डोनेशन और ऑर्गन डोनेशन से संबंधित जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। प्लास्टिक सर्जरी विभाग के स्किन बैंक में दानदाताओं से प्राप्त स्किन को छह माह से दो साल तक सुरक्षित रखा जा सकता है तथा आवश्यकता पड़ने पर इसे बिना किसी जोखिम के जरूरतमंद मरीजों के उपयोग में लाया जा सकता है।

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