राजनांदगांव ।
संसदीय क्षेत्र राजनांदगांव की वर्षों पुरानी मांग डोंगरगढ़-कटघोरा नई रेल लाइन परियोजना को आखिरकार बड़ी प्रशासनिक गति मिल गई है। बीते गुरुवार को नई दिल्ली स्थित रेल भवन में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, सांसद संतोष पांडे और केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू की संयुक्त बैठक में परियोजना पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के बाद रेल लाइन निर्माण को हरी झंडी दी गई ।

इस बड़ी परियोजना की सफलता पर भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश मंत्री मोनू बहादुर सिंह ने सभी का आभार जताते हुए कहा कि साल 2018 में तात्कालीन सांसद अभिषेक सिंह ने जो प्रयास शुरू किया था और तात्कालीन मुख्यमंत्री डाक्टर रमन सिंह एवं रेल मंत्री पीयूष गोयल जी ने जिस तरह से बातों को सुना समझा और इस परियोजना को स्वीकृति दी उन सभी का ह्रदय से आभार । मोनू बहादुर सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी आभार जताते हुए कहा कि मोदी की सरकार में अंत्योदय के उत्थान की संकल्पना को जिस तरहनसे साकार किया जा रहा है उसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। मोनू ने प्रधानमंत्री का आभार जताया और आगे कहा कि वर्तमान सांसद संतोष पांडेय एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी लगातार जनता के हित के लिए अपना प्रयास जारी रखा और अब अंततः वर्ष 2018 से लंबित यह महत्वाकांक्षी परियोजना अब कागजों से निकलकर धरातल पर उतरने की दिशा में बढ़ गई है।
मोनू ने बताया कि यह कार्य बहुत पहले ही हो गया होता लेकिन साल 2018 में सत्ता परिवर्तन के बाद कांग्रेस की सरकार आने के कारण भी इसमे बहुत सी रुकावटें आई जिसके कारण आम जनता को अधिक इंतजार करना पड़ा। हांलाकि भाजपा ने लगातार अपना धर्म निभाया और अंततः तमाम रुकावटों और बाधाओं को पार कर के यह स्वीकृति मिली।
मोनू बहादुर सिंह ने शुरू से लेकर अब तक इस परियोजना में मेहनत कर रहे सभी सम्मानीय वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों,नेताओं का आभार जताते हुए कहा की नई रेल लाइन बनने से राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र के खैरागढ़, छुईखदान, कवर्धा और पंडरिया क्षेत्र को बेहतर रेल संपर्क मिलेगा। साथ ही मुंबई-हावड़ा मुख्य रेल मार्ग पर ट्रेनों का दबाव कम करने में भी यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
मोनू बहादुर सिंह ने विस्तार से बताते हुए कहा की डोंगरगढ़-कटघोरा नई रेल लाइन परियोजना को वर्ष 2018 में लगभग 5000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत के साथ स्वीकृति मिली थी। लंबे समय तक काम शुरू नहीं होने के कारण परियोजना की लागत बढ़कर 6947 करोड़ हो गई इस परियोजना से राजनांदगांव, खैरागढ़, कवर्धा व पंडरिया क्षेत्र को सीधा लाभ लाभ मिलेगा वहीँ मुंबई-हावड़ा मुख्य रेल मार्ग पर भी दबाव कम होगा और नई रेल लाइन बनने से खैरागढ़, छुईखदान, कवर्धा और पंडरिया क्षेत्र को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। इन क्षेत्रों के लोगों को बेहतर रेल संपर्क उपलब्ध होगा। साथ ही औद्योगिक, कृषि और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी ।
