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फिटनेस नियमों में बदलाव: केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने जारी किए नए निर्देश

By Admin|29 Apr 2026, 1:41 PM
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 लखनऊ

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने पांच जनवरी को जारी अपने उस आदेश को चार महीने में ही पलट दिया है, जिसके तहत वाहनों की मैनुअल फिटनेस जांच पूरी तरह बंद कर दी गई थी। अब प्रदेश के 51 जिलों में सशर्त मैनुअल फिटनेस जांच दोबारा शुरू होगी।

दरअसल, अधिकांश जिलों में आटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) न होने के कारण करीब 18 लाख वाहनों को फिटनेस के लिए 100 किलोमीटर तक की दूरी तय करनी पड़ रही थी। सीतापुर और रायबरेली जैसे जिलों के वाहन स्वामियों को लखनऊ आना पड़ रहा था, जिससे भारी असुविधा हो रही थी।

केंद्रीय मंत्रालय के सचिव यतेंद्र कुमार द्वारा जारी नए आदेश के अनुसार, जिन जिलों में एटीएस तैयार हो रहे हैं, वहां निश्चित अवधि तक ही मैनुअल जांच की अनुमति होगी। अलीगढ़ और प्रतापगढ़ में अब केवल एटीएस के जरिये ही फिटनेस होगी।

गोरखपुर, अयोध्या, आजमगढ़, बुलंदशहर और हापुड़ में 30 जून तक मैनुअल जांच की सुविधा मिलेगी तथा रायबरेली, गाजीपुर, मथुरा और प्रयागराज को 30 सितंबर तक मोहलत दी गई है। इसके अलावा 31 दिसंबर तक पीलीभीत, चित्रकूट, बलरामपुर, हरदोई, ललितपुर, संभल, जौनपुर, चंदौली, भदोही, बदायूं, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बांदा, सीतापुर, अमरोहा, हमीरपुर, महोबा, कन्नौज, औरैया, शाहजहांपुर, कौशांबी, अंबेडकर नगर, अमेठी, बागपत, बहराइच, बलिया, बस्ती, देवरिया, फर्रुखाबाद, गोंडा, कासगंज, कुशीनगर, लखीमपुर खीरी, महराजगंज, मऊ, संतकबीर नगर, शामली, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर व सुलतानपुर सहित 40 जिलों में यह सुविधा रहेगी।

एटीएस की वर्तमान स्थिति
प्रत्येक जिले में तीन-तीन निजी एटीएस खोलने की योजना थी। वर्तमान में बिजनौर, फिरोजाबाद, झांसी, कानपुर देहात, मुरादाबाद, वाराणसी, बरेली, रामपुर, फतेहपुर, कानपुर नगर, आगरा और मीरजापुर सहित कुल 26 जिलों में ही एटीएस संचालित हैं। राजधानी लखनऊ में बख्शी का तालाब स्थित एटीएस के अलावा अब बंथरा में दूसरा केंद्र बनकर तैयार है।

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इससे पूर्व केंद्रीय मंत्रालय ने 14 नवंबर 2024, एक अप्रैल 2025 और फिर 17 नवंबर को प्रमुख सचिव परिवहन को पत्र लिखकर एक जनवरी से अनिवार्य रूप से एटीएस के माध्यम से फिटनेस कराने के निर्देश दिए थे। हालांकि, धरातल पर पर्याप्त संसाधन न होने के कारण इस व्यवस्था को चार महीने के भीतर ही बदलना पड़ा।

जुर्माने का प्रविधान
नियम के अनुसार, नए व्यावसायिक वाहनों को पंजीकरण के बाद आठ वर्ष तक प्रत्येक दो साल में और उसके बाद हर साल फिटनेस करानी अनिवार्य है। फिटनेस न होने पर पहली बार पकड़े जाने पर 5000 रुपये और दूसरी बार 10,000 रुपये के चालान का प्रविधान है।

 

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