छत्तीसगढ़कोरबा जिला

CG : मां की मौत का झूठ बोलकर 40 हजार की साइबर ठगी, 2 गिरफ्तार …

By kadwaghut|01 Aug 2026, 10:42 AM
f X W

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में साइबर ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें आरोपियों ने मानवीय संवेदनाओं का फायदा उठाकर एक व्यक्ति से 40 हजार रुपये की ठगी कर ली। आरोपियों ने फोन पर खुद को परिचित बताकर अपनी मां के निधन की झूठी कहानी सुनाई और अंतिम संस्कार के लिए तत्काल पैसों की जरूरत बताई। भरोसा जीतने के लिए उन्होंने क्यूआर (QR) कोड भेजा और पीड़ित से ऑनलाइन रकम ट्रांसफर करा ली। शिकायत मिलने के बाद कोरबा पुलिस और साइबर सेल ने तकनीकी जांच के आधार पर जांजगीर-चांपा जिले से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, यह मामला कोरबी चौकी क्षेत्र का है। कोरबी निवासी 52 वर्षीय सुरेश चंद्र जायसवाल ने 3 जून को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 29 मई की सुबह उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को उनका परिचित बताते हुए कहा कि उसकी मां का निधन हो गया है और अंतिम संस्कार के लिए तत्काल 40 हजार रुपये की आवश्यकता है। आरोपी ने इतनी भावुकता से बात की कि पीड़ित को उसकी बात पर विश्वास हो गया।

Advertisement
Advertisement

इसके बाद आरोपी ने तुरंत एक क्यूआर कोड भेजा और उसी पर पैसे भेजने का अनुरोध किया। मदद की भावना से प्रेरित होकर सुरेश चंद्र जायसवाल ने बिना अधिक जांच-पड़ताल किए क्यूआर कोड स्कैन कर 40 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। कुछ समय बाद जब उन्होंने अपने वास्तविक परिचित से संपर्क किया, तब उन्हें पता चला कि उनके साथ साइबर ठगी हो चुकी है। इसके बाद उन्होंने तत्काल पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोरबा पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की। जांच के दौरान बैंक खाते, लेन-देन का विवरण, मोबाइल नंबर और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण किया गया। जांच में पता चला कि ठगी की पूरी रकम जांजगीर-चांपा जिले के निवासी आकाश यादव के एक्सिस बैंक खाते में ट्रांसफर हुई थी।

READ ALSO  CG : अवैध रेत परिवहन पर बड़ा एक्शन, 8 वाहन जब्त ...

इसके बाद पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), बैंकिंग ट्रेल और लोकेशन के आधार पर आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की। पुलिस टीम ने जांजगीर-चांपा जिले के थाना अक्तारा क्षेत्र के ग्राम उरदुमा निवासी 28 वर्षीय आकाश यादव और ग्राम बोरतरी निवासी 22 वर्षीय मयंक चौहान को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने साइबर ठगी की वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी लंबे समय से लोगों को बीमारी, दुर्घटना, अस्पताल में भर्ती होने और परिवार के सदस्य की मौत जैसी संवेदनशील घटनाओं का हवाला देकर भावनात्मक रूप से ब्लैकमेल करते थे। इसके लिए वे फर्जी मोबाइल नंबर और विभिन्न बैंक खातों का इस्तेमाल करते थे, ताकि आसानी से लोगों को धोखा देकर रकम ऐंठ सकें।

सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि मुख्य आरोपी आकाश यादव एमकॉम तक पढ़ा-लिखा है और एक माइक्रो फाइनेंस बैंक में कार्यरत है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने इस तरह की ठगी की कितनी और वारदातों को अंजाम दिया है तथा उनके नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं। कोरबा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात कॉल पर भावनात्मक दबाव में आकर पैसे ट्रांसफर न करें। यदि कोई व्यक्ति बीमारी, दुर्घटना, मृत्यु या अन्य आपात स्थिति का हवाला देकर ऑनलाइन पैसे मांगता है तो पहले संबंधित व्यक्ति या उसके परिजनों से सीधे संपर्क कर जानकारी की पुष्टि करें। किसी भी अनजान क्यूआर कोड को स्कैन करने या अज्ञात खाते में पैसे भेजने से बचें। साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं।

READ ALSO  जिला सहकारी बैंक को बड़ी सौगात, बिलासपुर में 381.45 करोड़ का बजट; खातों में 47 करोड़ से ज्यादा
अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins