छत्तीसगढ़कांकेर जिला (उत्तर बस्तर)

CG : उफनती कोटरी नदी पार कर स्कूल पहुंच रहे शिक्षक, जान जोखिम में डाल निभा रहे शिक्षा का दायित्व…

By kadwaghut|30 Jul 2026, 1:28 PM
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जगदलपुर/कांकेर । उत्तर बस्तर कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा विकासखंड में शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत एक बार फिर सामने आई है। यहां पदस्थ शिक्षक रोज अपनी जान जोखिम में डालकर उफनती कोटरी नदी पार कर स्कूल पहुंचते हैं, ताकि दूरस्थ गांवों के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

बरसात के मौसम में कोटरी नदी का जलस्तर बढ़ जाने से सड़क संपर्क टूट जाता है। ऐसे में शिक्षकों को पहले नाव का इंतजार करना पड़ता है। नदी पार करने के बाद भी उन्हें कई किलोमीटर पैदल चलकर विद्यालय तक पहुंचना पड़ता है। तेज बहाव और बड़े-बड़े पत्थरों के बीच नाव से सफर करना हर दिन किसी चुनौती से कम नहीं है।

शिक्षकों का कहना है कि बारिश के दौरान हर दिन डर के साये में सफर करना पड़ता है। नदी में तेज बहाव के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसलिए वे नियमित रूप से स्कूल पहुंच रहे हैं।

नेटवर्क की समस्या भी बनी बड़ी चुनौती

शिक्षकों ने बताया कि क्षेत्र में मोबाइल और इंटरनेट नेटवर्क की समस्या भी गंभीर है। कई बार ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने और विभागीय कार्यों के निष्पादन में परेशानी का सामना करना पड़ता है।

सुरक्षा व्यवस्था की मांग

शिक्षकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि बरसात के दौरान नदी पार करने वाले शिक्षकों के लिए कम से कम लाइफ जैकेट और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

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स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से हर मानसून में यही स्थिति बनी रहती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। शिक्षकों का यह समर्पण बताता है कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी वे बच्चों के भविष्य को संवारने के अपने दायित्व से पीछे नहीं हट रहे हैं।

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