उत्तर प्रदेशराज्‍य

चार दिन बारिश से सराबोर रहेगा यूपी, 132 MM तक बरसा पानी; कई जिलों में जलभराव का खतरा

By Admin|31 Aug 2026, 9:12 PM
f X W

लखनऊ 
 यूपी में अगले चार दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी), लखनऊ के अनुसार 31 अगस्त से चार सितंबर तक पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अनेक तथा कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ वज्रपात की चेतावनी भी जारी की गई है।

Advertisement
Advertisement

आईएमडी के मुताबिक 31 अगस्त को पूर्वी उत्तर प्रदेश में अनेक स्थानों पर, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की बहुत संभावना है। एक सितंबर को भी दोनों अंचलों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। दो से चार सितंबर के दौरान दोनों अंचलों में कुछ स्थानों पर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने 31 अगस्त को प्रयागराज, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, संत रविदास नगर और रायबरेली तथा आसपास के क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है।

वाराणसी, जौनपुर, अमेठी में भारी बारिश
वहीं बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, फतेहपुर, वाराणसी, जौनपुर और अमेठी में भारी बारिश की संभावना है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक और वज्रपात की भी आशंका है। एक सितंबर को बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, संत रविदास नगर, रायबरेली और अमेठी में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। चंदौली, वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, सुलतानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर समेत कई जिलों में भारी बारिश का अनुमान है। इसके अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, संभल और बदायूं सहित अन्य जिलों में भी भारी बारिश की चेतावनी है।

READ ALSO  उदयपुर में BJP का दबदबा कायम, बहुमत के साथ लगातार 7वीं बार बोर्ड बनाने की तैयारी

132 किलोमीटर दर्ज की गई बारिश
दो सितंबर को बांदा, चित्रकूट, फतेहपुर, कानपुर देहात, कानपुर नगर, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर तथा आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। तीन और चार सितंबर को भी दोनों अंचलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। आईएमडी के बारिश के आंकड़ों के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में सोमवार को प्रयागराज के कोरांव में सबसे अधिक 132 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। चित्रकूट के राजापुर में 67 और कर्वी में 66 मिलीमीटर, अंबेडकर नगर के अकबरपुर में 63.4, प्रतापगढ़ के पट्टी में 63, अकबरपुर में 60, सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज में 60 और सुलतानपुर के लंभुआ में 56 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई।

कहां-कितनी हुई बारिश
प्रयागराज में 54.5, बांदा के बदुसा में 47.6, कौशाम्बी के चायल में 43.5 और प्रतापगढ़ के लालगंज आरा में 42 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा वाराणसी के राजघाट में 36.6, प्रयागराज के हंडिया में 36, बांदा के अतर्रा में 35, चित्रकूट के मानिकपुर में 35, फतेहपुर के बिंदकी में 34.7, बांदा में 34.6, गाजीपुर के मोहम्मदाबाद में 34 और उन्नाव के पुरवा में 34 मिलीमीटर बारिश हुई। अयोध्या में 33, जौनपुर के शाहगंज में 18.2, कानपुर में 18.2, गोरखपुर में 13.9 तथा मिर्जापुर में 11.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 149.4 मिलीमीटर बारिश मुरादाबाद में दर्ज हुई। मुरादाबाद वेधशाला में 47 और मुरादाबाद में 36.5 मिलीमीटर बारिश हुई। रामपुर में 32.5, मुरादाबाद के बिलारी में 31.2, हमीरपुर के मौदहा में 28, मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा में 27 और बिजनौर के नजीबाबाद में 23 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

READ ALSO  योगी सरकार की पहल से साकार हुआ आत्मनिर्भर बनने का सपना, अमेठी की अर्चना त्रिपाठी बनीं सफल उद्यमी

कई जिलों में वज्रपात की संभावना
मौसम विभाग ने कई जिलों में मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना जताई है। विभाग ने लोगों को गरज-चमक के दौरान घर के भीतर रहने, खिड़की-दरवाजे बंद रखने और संभव हो तो यात्रा से बचने की सलाह दी है। खुले स्थानों में पेड़ के नीचे आश्रय नहीं लेने तथा बिजली का संचालन करने वाली वस्तुओं से दूर रहने की सलाह दी गई है। भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति में निचले इलाकों और सुरंगों में जलभराव, नदियों-नालों और जलाशयों के जलस्तर में अचानक वृद्धि तथा सड़कों पर जलभराव और फिसलन के कारण यातायात प्रभावित होने की आशंका है। विभाग ने लोगों को निचले और बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों से दूर रहने तथा जलमग्न सड़कों और उफनते पुलों से बचने की सलाह दी है। आईएमडी ने किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी की शीघ्र निकासी सुनिश्चित करने की सलाह दी है। भारी बारिश से गन्ने में जलभराव के कारण जड़ों में सड़न और फसल गिरने, अरहर में उकठा एवं जड़ गलन, मक्का में पौधों के गिरने तथा धान में लंबे समय तक जलभराव से वृद्धि प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। मूंगफली, तिल, उड़द-मूंग और सब्जियों की फसलों में भी अधिक नमी और जलभराव से रोग तथा फसल क्षति का खतरा बताया गया है।

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins