छत्तीसगढ़दुर्ग जिला

CG : 25 से 29 जुलाई तक होगा पाँच दिवसीय कम्युनिटी मीडिएशन प्रशिक्षण …

By kadwaghut|23 Jul 2026, 1:08 PM
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दुर्ग । प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष के. विनोद कुजूर के मार्गदर्शन में 22 जुलाई को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के कार्यालय में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के सचिव उमेश कुमार भागवतकर द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक ली गई, जिसमें जिले के सभी पैरालीगल वॉलंटियर्स (PLVs) उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य पैरालीगल वॉलंटियर्स की भूमिका को और अधिक सशक्त, संगठित तथा जनसेवा केन्द्रित बनाना था, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विधिक सेवाओं की प्रभावी पहुँच सुनिश्चित की जा सके। बैठक को संबोधित करते हुए सचिव ने कहा कि विधिक सेवा का वास्तविक उद्देश्य तभी पूर्ण होगा, जब न्याय की पहुँच समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरल, सुलभ एवं समयबद्ध रूप से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी पैरा लीगल वॉलंटियर्स को नए उत्साह, नई कार्यशैली एवं नई जिम्मेदारियों के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि पैरालीगल वॉलंटियर्स न्यायपालिका और समाज के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु हैं। उनकी सक्रिय भागीदारी से ही विधिक सहायता, जनजागरूकता एवं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आमजन तक प्रभावी रूप से पहुँचाया जा सकता है।

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बैठक के दौरान मुख्य रूप से 25 जुलाई से 29 जुलाई, 2026 तक प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर, दुर्ग के चतुर्थ तल में स्थित नवीन सभागार में आयोजित होने वाले पाँच दिवसीय कम्युनिटी मीडिएशन (Community Mediation) प्रशिक्षण कार्यक्रम पर विशेष चर्चा की गई। सचिव द्वारा बताया गया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में चयनित पाँच ग्रामों कुथरेल, निकुम, घुघसीडीह, अरसनारा एवं ननकट्ठी के सामुदायिक मध्यस्थ (मीडिएटर) भाग लेंगे, जिन्हें विवादों के सौहार्दपूर्ण एवं वैकल्पिक समाधान की प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) द्वारा संचालित सामुदायिक मध्यस्थता योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। सचिव ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य पक्षकारों के मध्य आपसी संवाद, सहयोग एवं समझौते के माध्यम से विवादों का सौहार्दपूर्ण निराकरण करना है, जिससे अनावश्यक मुकदमेबाजी में कमी लाई जा सके तथा मुकदमेबाजी मुक्त ग्रामीण भारत के निर्माण की दिशा में सार्थक प्रयास किए जा सके।

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बैठक के दौरान पैरालीगल वॉलंटियर्स द्वारा शिविरों एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों के संचालन के दौरान आने वाली समस्याओं एवं चुनौतियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई तथा उनके समाधान हेतु आवश्यक मार्गदर्शन एवं सुझाव दिए गए। सचिव ने सभी पैरालीगल वॉलंटियर्स को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, समर्पण एवं सेवा भावना के साथ करने तथा अधिक से अधिक लोगों तक विधिक सहायता एवं जागरूकता पहुँचाने का आह्वान किया। बैठक के समापन पर सभी पैरा लीगल वॉलंटियर्स ने समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक न्याय, विधिक सहायता एवं जनजागरूकता पहुँचाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य करने का संकल्प लिया।

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