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बिहार में रोजगार पर सियासी घमासान, सम्राट चौधरी की घोषणाओं पर तेजस्वी का तंज

By Admin|02 May 2026, 6:46 PM
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पटना

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 बंपर जीत के नायक और नीतीश कुमार की पसंद बने राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रोजगार पर अटैक शुरू कर दिया हे । इसका संकेत उन्होंने पहले ही कैबिनेट में नौकरी देने की घोषणा कर अपनी तेवर साफ कर दिया है। सम्राट चौधरी ने नौकरियों की बौछार के साथ-साथ रोजगार की वृद्धि के लिए चुनौती भी स्वीकार करते फर्स्ट कैबिनेट से ही सम्राट चौधरी ने न केवल राज्य सरकार के फोरम पर बल्कि निजी फोरम पर उद्योग का दरवाजा खोलने की उम्मीद दिखा दी है। मगर, सम्राट चौधरी के रोजगार से जुड़े फैसले पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने तंज कसा है।

नौकरियों का खोला पिटारा
वो कहते हैं कि पूत के पांव पालने में ही झलकने लगते हैं। नौकरियों को लेकर बहुत कुछ ऐसा ही पहले कैबिनेट की बैठक से ही दिखने लगा। नीतीश नीत सरकार के स्लोगन के साथ मुख्यमंत्री बने सम्राट चौधरी ने अपना इरादा साफ कर लिया कि वे हर हाल में एक करोड़ जनता को रोजगार देंगे।

घोषणाओं में नौकरी/रोजगार
    बिहार पुलिस में दारोगा (एसआई) के 20,937 पदों पर बहाली और प्रोन्नति का रास्ता साफ। इनमें से 50 फीसदी पद पदोन्नति और 50 फीसदी सीधी नियुक्ति से भरे जाएंगे।
    भागलपुर, मुजफ्फरपुर, बिहारशरीफ (नालंदा) और गया जैसे शहरों में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए यातायात पुलिस के 485 नए पद सृजित किए गए हैं। साथ ही पहले से सृजित 1,606 पदों को भी शामिल किया गया है।
    बिहार के 208 प्रखंडों में खुलने वाले डिग्री कॉलेजों के लिए प्रति कॉलेज 44 पदों के हिसाब से कुल 9,152 पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है।
    पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अंतर्गत अभियंत्रण संभाग का गठन और इसके लिए 63 नए पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है।

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रोजगार बढ़ाने पर जोर
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नौकरी से ज्यादा महत्व रोजगार को दिया। इस लिहाजन उद्योगपतियों के साथ बैठक करने के बाद सम्राट चौधरी के निशाने पर फूड प्रोसेसिंग यूनिट है। बिहार सरकार (सम्राट चौधरी) ने राज्य में औद्योगीकरण और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर प्रोत्साहन और नौकरियों के अवसर की घोषणा की है। इनका मानना है कि मक्का, केला, मखाना की प्रोसेसिंग यूनिट बिठा कर रोजगार देने की दिशा में बिहार आगे बढ़ सकता है। राज्य की नई 'न्यू एज इंडस्ट्री' रणनीति के तहत 2 लाख से अधिक रोजगार सृजित करने की योजना है।

तेजस्वी यादव को क्यों लगी मिर्ची?
इन सबके बीच आरजेडी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि बिहार का नाम बदलकर 'श्रमिक प्रदेश' कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नाम लिए बिना ही कहा कि नाम बदलने के विशेषज्ञ भाजपाइयों, खासकर बिहार के 'नए-नवेले मुख्यमंत्री' को नाम बदलकर 'श्रमिक प्रदेश' कर देना चाहिए।

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बयान जारी कर आरोप लगाया कि बिहार पिछले 21 वर्षों में औद्योगिक उत्पादन में बेहद पीछे लेकिन लेबर सप्लाई में अव्वल रहा है। उन्होंने कहा कि राजग सरकार पलायन रोकने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है, जिससे बिहार के मजदूर मजबूर होकर घर से दूर रहने को विवश हैं।

दरअसल, अलग-अलग डिपार्टमेंट में हाल के दिनों में कई वैकेंसी आई है। नौकरी को लेकर सम्राट चौधरी अपनी हर सभा में बयान दे रहे हैं। बिहार में लगभग 2.97 करोड़ परिवार हैं। तेजस्वी ने चुनावी वादे में हर घर में नौकरी की बात कही थी। रोजगार वाला मुद्दा हाईजैक होते देख तेजस्वी ने कहा कि बिहार का नाम बदलकर श्रमिक प्रदेश कर देना चाहिए।

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