छत्तीसगढ़राजनांदगांव जिला

राजनांदगांव : बढ़ती आबादी चुनौती भी और शक्ति भी, घटते हुए संसाधन पर जताई चिंता…

By kadwaghut|18 Jul 2026, 10:20 AM
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राजनांदगांव , विश्व जनसंख्या दिवस पर छत्तीसगढ़ साहित्य समिति की ओर से साहित्यिक गोष्ठी परिचर्चा हुई। कवि और साहित्यकारों ने जनसंख्या वृद्धि के सामाजिक, आर्थिक और वैश्विक प्रभावों पर विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि जनसंख्या का संतुलित प्रबंधन, शिक्षा, स्वास्थ्य और संसाधनों का समुचित उपयोग विकास की कुंजी है। कार्यक्रम में कवियों, साहित्यकारों ने काव्य पाठ के माध्यम से भी जनसंख्या, पर्यावरण और सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश दिया।

मुख्य अतिथि वरिष्ठ हास्य-व्यंग्य कवि गिरीश ठक्कर ने कहा कि दुनिया की जनसंख्या अब तेजी से वृद्धि के बाद स्थिरता की ओर बढ़ रही है, जो बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और विकास का संकेत है। अध्यक्षता कर रहे दिग्विजय कॉलेज के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. शंकर मुनि राय ने कहा कि अनियंत्रित जनसंख्या संसाधनों पर दबाव बढ़ाती है, शिक्षा, लैंगिक समानता प्रभावी प्रबंधन से यही जनसंख्या देश की ताकत भी बन सकती है।

जनसंख्या की ताकत और नुकसान का आकलन विशेष अतिथि एवं छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के जिला समन्वयक आत्माराम कोशा ने कहा कि बड़ी जनसंख्या किसी देश की रणनीतिक और आर्थिक शक्ति बन सकती है। चीन के संदर्भ में जनसंख्या को ताकत बताते वैश्विक भू-राजनीति में अपने विचार रखे। कार्यक्रम में राकेश इंदु भूषण ठाकुर, गजेंद्र हरिहारणो, ओमप्रकाश, महेंद्र बघेल, और डॉ. इकबाल खान सहित अनेक साहित्यकारों ने जनसंख्या और सामाजिक संतुलन पर अपने विचार व्यक्त किए। इसकी ताकत सहित नुकसान का आकलन किया।

सामाजिक उत्तरदायित्व और जनजागरण पर जोर आत्माराम कोशा ने जनसंख्या को वैश्विक शक्ति संतुलन के संदर्भ में बात रखी। साहित्यकारों ने सामाजिक उत्तरदायित्व और जनजागरण पर जोर दिया। कविता में जनसंख्या की चिंता भी झलकी। अखिलेश अकाट्य ने सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया। पप्पू पौर्वात्य ने घटते संसाधनों और बढ़ती आबादी पर चिंता जताई। मानसिंह मौलिक, दिनेश साहू, रौशन साहू और फकीर साहू ने बदलाव पर रचना प्रस्तुत की। सुषमा शुक्ला अनुराग सक्सेना, पवन यादव, आनंद राम सार्वा, रूपल साहू मौजूद रहे।

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