राज्य सूचना आयोग का बड़ा फैसला; वेतन से राशि वसूलकर शासकीय खाते में जमा कराने के निर्देश
राजनांदगांव। सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध नहीं कराने के मामले में छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन राजनांदगांव की तत्कालीन जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. भूमिका वर्मा पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। आयोग ने संबंधित अधिकारी के वेतन से जुर्माने की राशि वसूलकर शासकीय कोष में जमा कराने तथा पालन प्रतिवेदन आयोग को भेजने के निर्देश दिए हैं।
राज्य सूचना आयोग ने यह आदेश शिकायत प्रकरण क्रमांक सी/3789/2023 में पारित किया है। प्रकरण में राजनांदगांव के वार्ड क्रमांक-24, जमतपारा कॉलेज रोड निवासी विनेश कुमार चोपड़ा शिकायतकर्ता हैं। आयोग का अंतिम आदेश 29 मई 2026 को पारित हुआ, जिसके पालन के लिए 8 जुलाई 2026 को पत्र जारी किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रमों और खर्च का मांगा था रिकॉर्ड
शिकायतकर्ता विनेश कुमार चोपड़ा ने 27 फरवरी 2023 को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के जनसूचना अधिकारी के समक्ष सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत आवेदन प्रस्तुत किया था।
आवेदन में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत 1 अगस्त 2022 से आवेदन की तारीख तक आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कार्यशालाओं और सम्मेलनों से संबंधित जानकारी मांगी गई थी।
आवेदक ने प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आदेश, आयोजन में हुए खर्च, प्रतिभागियों की सूची, यात्रा व्यय, उपस्थिति पंजी, भोजन एवं नाश्ते पर खर्च, स्वीकृत बजट तथा अधिकारियों-कर्मचारियों को दिए गए मानदेय सहित अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग की थी।
प्रथम अपील के आदेश का भी नहीं हुआ पालन
निर्धारित समय-सीमा में जानकारी नहीं मिलने पर शिकायतकर्ता ने 29 मार्च 2023 को प्रथम अपील प्रस्तुत की। प्रथम अपीलीय अधिकारी ने 8 मई 2023 को आदेश पारित करते हुए मांगी गई जानकारी आवेदक को निःशुल्क उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।
इसके बावजूद सूचना समय पर उपलब्ध नहीं कराई गई। प्रथम अपीलीय अधिकारी के आदेश का पालन नहीं होने पर शिकायतकर्ता ने 21 जून 2023 को छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग के समक्ष शिकायत प्रस्तुत की।
17 माह बाद दी गई 832 पृष्ठों की जानकारी
आयोग की सुनवाई के दौरान सामने आया कि मांगी गई जानकारी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की जिला कार्यक्रम प्रबंधक शाखा से संबंधित थी।
आयोग ने तत्कालीन जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. भूमिका वर्मा को सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 5(5) के तहत मान्य जनसूचना अधिकारी मानते हुए जानकारी उपलब्ध कराने में हुई देरी के लिए जिम्मेदार माना।
आयोग के आदेश में उल्लेख किया गया है कि शिकायतकर्ता को 15 जुलाई 2024 को लगभग 832 पृष्ठों की जानकारी उपलब्ध कराई गई। इस तरह आरटीआई आवेदन प्रस्तुत किए जाने के करीब 17 महीने बाद आवेदक को सूचना मिली।
देरी का संतोषजनक कारण नहीं बता सकीं अधिकारी
राज्य सूचना आयोग ने अपने फैसले में कहा कि संबंधित अधिकारी अपने जवाब में 17 महीने की देरी का कोई उचित और संतोषजनक कारण प्रस्तुत नहीं कर सकीं।
प्रथम अपीलीय अधिकारी के स्पष्ट आदेश के बावजूद जानकारी उपलब्ध कराने में विलंब किया गया। आयोग ने इसे सूचना का अधिकार अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन माना।
इसके बाद सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 20(1) के तहत प्रतिदिन 250 रुपये की दर से अधिकतम 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
दुर्ग सीएमएचओ को वेतन से वसूली के निर्देश
डॉ. भूमिका वर्मा के वर्तमान में दुर्ग जिले में पदस्थ होने के कारण राज्य सूचना आयोग ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, दुर्ग को अर्थदंड की राशि उनके वेतन से नियमानुसार किस्तों में काटने के निर्देश दिए हैं।
आयोग ने कहा है कि वसूली गई राशि निर्धारित शासकीय मद में जमा कर चालान की प्रति और पालन प्रतिवेदन राज्य सूचना आयोग को भेजा जाए।
शिकायतकर्ता को मांगी गई जानकारी उपलब्ध हो जाने और जिम्मेदार अधिकारी पर अर्थदंड लगाए जाने के बाद आयोग ने शिकायत प्रकरण का अंतिम निराकरण कर दिया।
एक नजर में पूरा मामला
तारीख
कार्रवाई
27 फरवरी 2023
आरटीआई आवेदन प्रस्तुत
29 मार्च 2023
प्रथम अपील दाखिल
8 मई 2023
निःशुल्क जानकारी देने का आदेश
21 जून 2023
राज्य सूचना आयोग में शिकायत
15 जुलाई 2024
832 पृष्ठों की जानकारी उपलब्ध
29 मई 2026
राज्य सूचना आयोग का अंतिम आदेश
8 जुलाई 2026
जुर्माना जमा कराने संबंधी पत्र जारी
प्रथम अपीलीय अधिकारी के आदेश के बाद भी सूचना देने में हुई लंबी देरी को राज्य सूचना आयोग ने गंभीर माना। तत्कालीन डीपीएम पर अधिकतम ₹25 हजार का अर्थदंड लगाते हुए वेतन से वसूली के आदेश दिए गए हैं।
