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यूपी में 2.60 लाख अवैध निर्माण चिन्हित, अब होगी बड़ी कार्रवाई

By Admin|13 Jul 2026, 9:41 PM
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लखनऊ
यूपी के शहरों में बिना नक्शा पास कराए होने वाले अवैध निर्माण को राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया है। अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ और सख्त कार्रवाई की तैयारी हो रही है। अवैध निर्माण पर अधिकारियों और अभियंताओं की सीधी जवाबदेही तय की जाएगी। सीलिंग के साथ ही जरूरी होने पर ऐसे निर्माणों को ध्वस्त भी किया जाएगा। विकास प्राधिकरण व आवास विकास परिषद द्वारा शहरों में अभियान चलाकर अवैध निर्माणों को चिह्नित किया जाएगा। शासन स्तर से इस संबंध में जल्द ही विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करने की तैयारी है।

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प्रमुख सचिव आवास स्वयं हर माह विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्षों और आवास आयुक्त के साथ बैठक में योजनाओं व अवैध निर्माण की समीक्षा करते हैं। इसमें अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त अभियान चलाने का निर्देश दिया जाता है। इस बैठक में अवैध निर्माण की वस्तु स्थिति और उस पर होने वाली कार्रवाई के बारे में जानकारी भी ली जाती है। इसके बाद भी शहरों में अवैध निर्माण धड़ल्ले से हो रहे हैं और आए दिन बड़ी घटनाएं होती रहती हैं। लखनऊ के अलीगंज में आग लगने वाली बिल्डिंग अवैध पाई गई है। उच्चाधिकारियों की बैठक में अवैध निर्माण को सख्ती से रोकने का निर्देश दिया गया है। आवास विभाग अवैध निर्माण को लेकर जल्द ही मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी करने जा रहा है।

सीधी जवाबदेही तय होगी
अवैध निर्माण के लिए सीधी जवाबदेही तय की जाएगी। इतना ही नहीं अवैध निर्माण को लेकर लंबित कार्रवाई भी जल्द पूरी की जाएगी। अवैध निर्माण को लेकर सील भवनों के मामले की सुनवाई के साथ स्वयं उसे गिराने का मौका दिया जाएगा। इसके बाद भी गड़बड़ी होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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प्रदेश में 2,60,206 अवैध निर्माण चिह्नित
शासन की समीक्षा में मार्च 2026 तक 260206 अवैध निर्माण प्रदेशभर में चिह्नित किए गए। लखनऊ 23064, कानपुर 13344, गाजियाबाद 12063, आगरा 11966, अलीगढ़ 7752, मेरठ 15099, मुरादबाद 12875, प्रयागराज 39083 और वाराणसी में 29592 अवैध निर्माण चिह्नित किए गए। इनमें से कुछ का निस्तारण किया गया, कुछ पर कार्रवाई चल रही है। शासन ने प्रदेश के विकास प्राधिकरणों से अवैध निर्माण और उसके निस्तारण की रिपोर्ट मांगी है।

शासन को हर माह विस्तृत रिपोर्ट देनी होगी
विकास प्राधिकरण और आवास विकास परिषद को अवैध निर्माण के संबंध में शासन को हर माह विस्तृत रिपोर्ट देनी होगी। इसमें बताना होगा कि पुराने अवैध निर्माण कितने गिराए गए और नए कितने अवैध निर्माणों को सील किया गया। अवैध निर्माण के लिए दोषी कितने अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। शासन स्तर पर अवैध निर्माण के दोषी अफसरों पर कार्रवाई को लेकर भेजी गई संस्तुतियों पर भी जल्द ही फैसला किया जाएगा।

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