मध्य प्रदेशराज्‍य

बालाघाट प्रकरण: एफसीआई के चावल की हेराफेरी में राज्य सरकार का कोई संबंध नहीं : खाद्य मंत्री राजपूत

By Admin|12 Jul 2026, 7:26 PM
f X W

भोपाल 

Advertisement
Advertisement

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने स्पष्ट किया है कि बालाघाट जिले में एथेनॉल उत्पादन के लिये भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई द्वारा प्रदाय किए गए चावल की कथित हेराफेरी के मामले में मध्यप्रदेश खाद्य विभाग एवं मध्यप्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम की न तो कोई भूमिका है और न ही उनका इस प्रकरण से कोई संबंध है।

खाद्य मंत्री  राजपूत ने कहा कि एथेनॉल उत्पादन योजना भारत सरकार की योजना है। इसके अंतर्गत भारतीय खाद्य निगम द्वारा निर्धारित दरों पर एथेनॉल निर्माता कंपनियों को चावल उपलब्ध कराया जाता है। इसके पश्चात एथेनॉल निर्माता तेल विपणन कंपनियों को एथेनॉल की आपूर्ति करते हैं। इस संपूर्ण व्यवस्था में चावल का आवंटन, मूल्य निर्धारण, परिवहन एवं संचालन संबंधी सभी प्रक्रियाएं केंन्द्रीय एजेंसियों द्वारा संचालित की जाती हैं। राज्य सरकार अथवा उसकी किसी संस्था की इसमें प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भूमिका नहीं होती।

 राजपूत ने बताया कि बालाघाट जिले में प्राप्त शिकायत के बाद कलेक्टर द्वारा कराई गई जांच में एफसीआई द्वारा एवीजे एग्रिको प्राइवेट लिमिटेड, बोरगांव (जिला छिंदवाड़ा) को एथेनॉल उत्पादन के लिए प्रदाय किया गया 242.55 क्विंटल (490 बोरी) चावल ट्रक क्रमांक सीजी 04-जेडी 3147 में संचेती राइस मिल, वारासिवनी (जिला बालाघाट) के परिसर में पाया गया। प्रथम दृष्टया चावल के व्यपवर्तन की पुष्टि होने पर एवीजे एग्रिको प्राइवेट लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि तथा संचेती राइस मिल के संचालक के विरुद्ध वारासिवनी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। राज्य सरकार पुलिस जांच में पूर्ण सहयोग प्रदान कर रही है।

READ ALSO  कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गईं स्वाती बागरेचा की तलाश तेज, पहचान के लिए लिया जाएगा DNA सैंपल

 राजपूत ने कहा कि प्रारंभिक जांच में एथेनॉल उत्पादन के लिए एफसीआई द्वारा उपलब्ध कराए गए टीटी चावल की कथित हेराफेरी में संबंधित एथेनॉल निर्माता कंपनी एवं राइस मिलर की भूमिका सामने आई है।  राजपूत ने कहा कि एथेनॉल उत्पादन के लिए प्रदाय किए जाने वाले चावल में होने वाली किसी प्रकार की गड़बड़ी रोकने तथा व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रहलाद जोशी को पत्र लिखकर अविलंब कार्रवाई का अनुरोध किया गया है। खाद्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांत पर कार्य कर रही है। जो भी व्यक्ति अथवा संस्था दोषी पाई जाएगी, उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

 

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins