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यूपी में जल संकट से राहत, दस वर्षों में 361 ब्लॉकों में सुधार

By Admin|09 Jul 2026, 8:42 PM
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लखनऊ
 उत्तर प्रदेश में भूजल स्तर में सुधार हो रहा है, अब सिर्फ 44 विकासखंड क्षेत्र अतिदोहित श्रेणी में हैं। इस दावे के साथ प्रदेश सरकार ने सरकार ने 16 से 22 जुलाई तक भूजल सप्ताह-2026 की घोषणा की है। इसमें पहली बार ग्राम पंचायतों, विकास खंडों, नगर पंचायतों, नगर पालिका परिषदों, नगर निगमों एवं विकास प्राधिकरणों को शामिल किया जाएगा। जल संरक्षण का करें संकल्प, इसका नहीं है कोई विकल्प- इस बार की थीम निर्धारित की गयी है।

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मुख्य सचिव एसपी गोयल ने भूजल दोहन, जल संकट की मौजूदा परिस्थितियों की समीक्षा करते हुए कहा कि जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दीर्घकालिक उपाय लागू किये जाएं। सिंचाई क्षेत्र में भूजल का दबाव कम करने के लिए कम जल खपत वाली फसलों को प्रोत्साहित किया जाए।

सूक्ष्म सिंचाई, पॉलीहाउस, शेडनेट, भूमिगत पाइप सिंचाई, एकीकृत सिंचाई प्रणाली के उपयोग को बढ़ावा देने के साथ सतही सिंचाई प्रणालियों के विस्तार का निर्देश दिया जाए। शहरी क्षेत्रों में जल निकायों का संरक्षण सुनिश्चित करने के साथ पार्कों में पक्के निर्माण को सीमित करते हुए रिचार्ज संरचनाओं की व्यवस्था, करने और व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाने पर विशेष बल दिया।

मुख्य सचिव को बताया गया कि गुजरे 10 वर्षों 361 विकास खंडों में सुधार दिखा है। 343 विकास खंड जल दोहन पर स्थिर श्रेणी में हैं। यहां सुधार 10 सेंटीमीटर से कम है। 172 विकास खंडों में प्रतिवर्ष 10 सेंटीमीटर से अधिक सुधार और 69 विकास खंडों में 20 सेंटीमीटर से अधिक भूजल स्तर में सुधार है। भूजल रिचार्ज परियोजनाओं के प्रभाव से प्रदेश में अतिदोहित विकास खंडों की संख्या में कमी आई है।

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वर्ष 2013 में जहां ऐसे विकास खंडों की संख्या 113 थी, वहीं वर्ष 2025 में यह घटकर 44 रह गई है। वर्ष 2017 की तुलना में वर्ष 2025 तक कुल वार्षिक भूजल रिचार्ज में पांच प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। मुख्य सचिव ने अतिदोहित जल वाले 44 विकास खंडों में कार्यदायी विभागों को रिचार्ज योजनाओं की नयी कार्ययोजना बनाने और वीबी-जी-राम-जी योजना में जल संरक्षण कार्यों के लिए उपलब्ध प्रावधानों का उपयोग कराने का निर्देश दिया।

शहरी क्षेत्रों में रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग एवं तालाब संरक्षण संबंधी शासनादेशों का कड़ाई से अनुपालन करने को कहा गया। मुख्य सचिव ने 75 जिलों में व्यापक जन-जागरूकता अभियान संचालित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने रैलियां, दीवार लेखन, पोस्टर अभियान, निबंध प्रतियोगिताएं आयोजित करने और स्कूली बच्चों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने की हिदायत भी दी। मुख्य सचिव ने विभाग जनसहभागिता आधारित कार्यक्रमों में भूजल प्रबंधन विभाग की भागीदारी सुनिश्चित करें।

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