उत्तर प्रदेशराज्‍य

यूपी कैबिनेट की मंजूरी, इलेक्ट्रिक वाहनों पर टैक्स छूट और स्क्रैपिंग योजना लागू हुई

By Admin|07 Jul 2026, 1:41 PM
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लखनऊ
यूपी में नए ई-वाहन (ईवी) खरीदने पर योगी सरकार ने बड़ी राहत दे दी है। अब ईवी खरीदने पर रोड टैक्स का नहीं देना होगा। ईवी पर 2.56 लाख रुपये तक का लाभ प्रदान किया जाएगा। कैबिनेट बैठक में सोमवार को वायु प्रदूषण से निपटने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए एनसीआर क्षेत्र में परिवर्तन योजना लागू किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

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योजना के तहत एनसीआर में बीएस-वन से बीएस-फोर तक के पुराने ट्रकों और बसों को स्क्रैप कर नई बीएस-सिक्स अथवा इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदने पर वाहन स्वामियों को मोटरयान कर और रजिस्ट्रेशन शुल्क में 10 वर्ष तक भारी छूट प्रदान की जाएगी। नए बीएस-सिक्स या इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर 100 फीसद रोड टैक्स माफ होगा।

पुराने वाहनों पर 50 प्रतिशत की छूट
वहीं पुराने/प्रयुक्त बीएस-सिक्स/ईवी वाहनों पर रोड टैक्स में 50 फीसद छूट दी जाएगी। यह छूट 10 वर्षों तक वैध रहेगी। नए वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर रजिस्ट्रेशन शुल्क शत-प्रतिशत माफ होगा। सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को विशेष प्रोत्साहन दिया है। डीजल-सीएनजी गाड़ियों पर पांच प्रतिशत ब्याज छूट और ईंधन वाउचर मिलेगा जबकि इलेक्ट्रिक वाहनों पर गाड़ी की श्रेणी के अनुसार 64 हजार रुपये से 2.56 हजार रुपये तक का एकमुश्त लाभ दिया जाएगा।

इसके अलावा नई गाड़ी खरीदने पर ओईएम यानी वाहन कंपनियों की ओर से 8% की शुरुआती छूट भी मिलेगी। भारत सरकार ने दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए परिवर्तन योजना शुरू की है। यूपी सरकार ने अब इसे राज्य के एनसीआर जिलों में प्रभावी रूप से लागू करने का फैसला किया है। योजना का मकसद प्रदूषण फैलाने वाले पुराने वाहनों को चरणबद्ध ढंग से हटाना है।

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बस-ट्रक पर माफ होगा बकाया टैक्स
यूपी एनसीआर में पंजीकृत बीएस-वन, टू, थ्री व फोर श्रेणी की बसों-ट्रकों पर यदि एक वर्ष से अधिक का टैक्स बकाया है तो उसे भी खत्म कर दिया जाएगा। इसके लिए पुराने वाहन को अधिकृत रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी (आरवीएसएफ) के जरिए स्क्रैप कराना होगा और उसके बाद ही नए वाहन का पंजीकरण कराना होगा। वाहन स्वामियों को अपने पुराने वाहन आरवीएसएफ केंद्र पर जमा कर स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट लेना होगा। इसी सर्टिफिकेट के आधार पर नई गाड़ी खरीदते समय रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन में छूट मिलेगी। बकाया टैक्स माफी का लाभ भी इसी प्रक्रिया से मिलेगा।

डाटा सेंटर नीति में बुंदेलखंड और पूर्वांचल को अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलेगा
कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश डाटा सेंटर नीति-2026 को मंजूरी दी गई। यह नीति 27 जनवरी 2026 को समाप्त हो गई थी, इसलिए सरकार नई उत्तर प्रदेश डाटा सेंटर नीति-2026 लेकर आई है। डाटा सेंटर नीति में बुंदेलखंड और पूर्वांचल को अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा।

इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश को ग्रीन, एआई-रेडी और वैश्विक प्रतिस्पर्धी डाटा सेंटर हब के रूप में विकसित करना है। नीति के तहत दो गीगावाट अतिरिक्त क्षमता विकसित करने और दो लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।

आईटी एंड इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील शर्मा ने बताया कि नई नीति में जीपीयू आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा दक्षता और टिकाऊ विकास पर विशेष जोर दिया गया है। इसके साथ ही बुंदेलखंड और पूर्वांचल क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन प्रस्तावित किए गए हैं। टियर/रेटिंग-3 व 4 वाले डाटा सेंटर्स को प्रोत्साहन, एआई कंप्यूट बूस्टर प्रोत्साहन तथा ग्रीन एवं सस्टेनेबल परिचालन प्रोत्साहन जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं।

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50 हजार को रोजगार मिलने की संभावना
डाटा सेंटर नीति-2026 को मंजूरी मिलने के बाद प्रदेश में विश्वस्तरीय डाटा सेंटर इकोसिस्टम विकसित होगा। डाटा सेंटर इकाइयों के आसपास सूचना प्रौद्योगिकी और आईटी आधारित अन्य इकाइयों की स्थापना से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। प्रस्तावित नीति से 7500 लोगों को दीर्घकालीन प्रत्यक्ष रोजगार और निर्माण अवधि में लगभग 50 हजार लोगों को अल्पकालीन प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है।

सुनियोजित नीति से मिले ठोस परिणाम
मंत्री ने बताया कि योगी सरकार ने जनवरी 2021 में उत्तर प्रदेश डाटा सेंटर नीति-2021 लागू की थी, जिसे बाद में 7 नवंबर 2022 को संशोधित किया गया। उत्तर प्रदेश डाटा सेंटर नीति-2021 (प्रथम संशोधन-2022) के तहत लगभग 21,343 करोड़ रुपये के निवेश से 6 डाटा सेंटर पार्क तथा 40 मेगावाट से कम क्षमता वाली दो डाटा सेंटर इकाइयों में से 7 परियोजनाएं परिचालन में आ चुकी हैं।

210 करोड़ की सब्सिडी दी गई
वहीं, प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर मिश्रा ने बताया कि प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत हुआ है। योगी सरकार ने 210 करोड़ रुपये से अधिक सब्सिडी के रूप में ईवी वाहन मालिकों को वितरित किए हैं। कहा कि खाड़ी देशों में गंभीर हालात और तेल संकट के बीच ईवी वाहनों की तरफ रुख करना ही बेहतर है। ईवी खरीद सब्सिडी योजना शानदार सहयोग दे रही है। इससे पेट्रोल-डीजल पर लोगों की निर्भरता कम होगी और बेहतर पर्यावरण से लोगों का स्वास्थ्य अच्छा होगा।

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