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झारखंड सरकार का बड़ा फैसला, वेतन विसंगतियों पर बनेगी समिति, कर्मचारियों को मिलेगी राहत

By Admin|02 Jul 2026, 9:52 PM
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रांची
 झारखंड सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए उनकी वेतन विसंगतियों, एमएसीपी (MACP) योजना से जुड़े विवादों और विभिन्न सेवाओं की सेवा शर्तों में एकरूपता लाने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है।

राज्य सरकार के वित्त विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इस 7 सदस्यीय समिति का गठन राज्य के विभिन्न सेवा संघों (इम्पलॉइज यूनियंस) द्वारा लंबे समय से उठाई जा रही मांगों के स्थायी समाधान के लिए किया गया है। यह समिति समय-समय पर राज्य सरकार को अपनी महत्वपूर्ण सिफारिशें और सुझाव सौंपेगी।

राजस्व पर्षद के अध्यक्ष करेंगे अगुवाई, ये होंगे सदस्य
वित्त विभाग द्वारा गठित इस उच्च स्तरीय समिति की अध्यक्षता सदस्य, राजस्व पर्षद करेंगे। निष्पक्ष और अनुभवी फैसले के लिए समिति में विभिन्न सरकारी सेवाओं के सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है।

    अविनाश कुमार सिंह – भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS-सेवानिवृत्त)
    ओम प्रकाश साह – राज्य प्रशासनिक सेवा (सेवानिवृत्त)
    राज नारायण सिंह – राज्य पुलिस सेवा (सेवानिवृत्त)
    जयंत कुमार मिश्रा – राज्य शिक्षा सेवा (सेवानिवृत्त)
    उमेश मेहता – राज्य अभियंत्रण सेवा (सेवानिवृत्त)

समिति के कार्य
राज्य की विभिन्न सेवा संघों द्वारा उठाई गई वेतन विसंगतियों का निराकरण यह समिति करेगी। इसके साथ ही विभिन्न सेवाओं की सेवा शर्तों में एकरूपता लाने को लेकर प्रयास करेगी। समिति एमएसीपी से संबंधित मामलों का निराकरण करेगी।

झारखंड में कर्मचारियों की वेतन विसंगतियाें से जुड़े मामले लंबे समय से विवादों का केंद्र रहे हैं। इससे पहले झारखंड उच्च न्यायालय ने कई मामलों में कर्मचारियों को एसीपी का लाभ देने के निर्देश दिए हैं।

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हाल ही में, पुलिस कर्मियों को एसीपी/एमएसीपी के लिए उच्च योग्यता की बाध्यता को समाप्त कर दिया गया है। वहीं, राज्य के कर्मचारी संगठन लंबे समय से 7वें वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर करने और ग्रेड-पे तय करने की मांग करते रहे हैं।

हाल ही में सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते (डीए) में तीन प्रतिशत की वृद्धि की है, जिससे लगभग तीन लाख कर्मचारी-पेंशनभोगी लाभान्वित हुए हैं।

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