छत्तीसगढ़

पाइल्स के इलाज के लिए भर्ती युवक की ऑपरेशन के दौरान मौत, जांच की मांग

By Admin|25 Jun 2026, 11:41 PM
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खरसिया

 यहां के सिविल अस्पताल में एक बेहद गंभीर मामला सामने आ रहा है। अस्पताल के पास दो भाई चाय की स्टाल लगते थे। कुछ समय पहले छोटे भाई की तबीयत खराब होने पर खूनी दस्त होने लगी। इस पर पिता और भाई ने खरसिया सिविल अस्पताल में जांच कराकर परामर्श लिया।

पिता राजेंद्र प्रसाद शर्मा ने बताया कि छोटे बेटे ताम्रेश्वर शर्मा को खूनी दस्त होने पर खरसिया सिविल अस्पताल के डाक्टर विक्रम राठिया से जांच कराई। जांच के बाद डॉक्टर ने ऑपरेशन कराने की जरुरत बताई। इस पर पिता ने आपरेशन के लिए सहमति दे दी। गुरुवार ताम्रेश्वर को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

यहां जांच के बाद आपरेशन थिएटर में ले जाया गया। पिता ऑपरेशन थियेटर के गेट पर अपने बेटे का आपरेशन पूरा होने का इंतजार करते रहे। कुछ समय बाद आपरेशन थिएटर से निकले डाक्टर और उनके सहयोगी नर्स ने पिता को बताया गया कि ताम्रेश्वर को होश नहीं आ रहा है उसे मेडिकल कालेज अस्पताल रेफर किया जाएगा।

इसके बाद पिता मरीज को लेकर रायगढ़ पहुंचे। यहां बताया गया कि तम्रेश्वर की मौत खरसिया में ही हो गई थी। इस बात की जानकारी से परिजन आक्रोशित हुए और खरसिया अस्पताल पहुंचकर हंगामा करने लगे। नौजवान की मृत्यु से आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर दिया।

इसकी जानकारी होने पर पुलिस-प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति पर काबू पाने की कोशिश करती रही। पिता का आरोप है कि पुत्र की मृत्यु डाक्टर की लापरवाही से हुई है। पुत्र को केवल पाइल्स की शिकायत थी। इसके आपरेशन से किसी की मृत्यु नहीं होती। 22 साल के युवक की मृत्यु डाक्टर की लापरवाही के कारण हुई है।

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खरसिया नगर कांग्रेस के अध्यक्ष सुनील शर्मा ने खरसिया सिविल अस्पताल में युवक की मृत्यु के विरोध में चक्का जाम को अपना समर्थन दिया।

पूर्व में किडनी कांड के लिप्त व्यक्ति को खरसिया सिविल अस्पताल का प्रभारी बनाए जाने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बवासीर के ऑपरेशन से युवक की मृत्यु की घटना ने सिविल अस्पताल की शाख को कलंकित किया है। ऐसे डाक्टरों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

 

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