Rajnandgaon: साइबर ठगी में इस्तेमाल म्यूल अकाउंट का खुलासा, दूसरा आरोपी गिरफ्तार, भेजा गया जेल
राजनांदगांव। साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सिटी कोतवाली पुलिस ने साइबर ठगी में प्रयुक्त म्यूल अकाउंट मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी रूपेन्द्र कुमार वर्मा (25 वर्ष) निवासी ग्राम पलान्दुर, ओ.पी. मोहारा, थाना डोंगरगढ़, जिला राजनांदगांव है। आरोपी पर साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त रकम को विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से प्राप्त करने और आगे स्थानांतरित करने में शामिल होने का आरोप है।
I4C पोर्टल से मिली जानकारी के बाद हुई कार्रवाई
भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत संचालित भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के “समन्वय पोर्टल” से प्राप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने ऐसे बैंक खातों की पहचान की, जिनका उपयोग साइबर ठगी से अर्जित धनराशि के लेन-देन और ट्रांसफर के लिए किया जा रहा था।
जांच में सामने आया कि संबंधित खातों में साइबर अपराध से प्राप्त रकम जमा की जाती थी और बाद में उसे अन्य खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता था, ताकि धन के वास्तविक स्रोत को छिपाया जा सके।
पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी
पुलिस ने बताया कि इसी मामले में पहले चुम्मन कुमार वर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। विवेचना के दौरान दूसरे आरोपी रूपेन्द्र कुमार वर्मा की संलिप्तता सामने आने पर उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जहां उसने अपराध स्वीकार कर लिया।
क्या होता है म्यूल अकाउंट?
पुलिस के अनुसार “म्यूल अकाउंट” वह बैंक खाता होता है जिसका उपयोग साइबर अपराधी ठगी से प्राप्त रकम को छिपाने, ट्रांसफर करने या निकालने के लिए करते हैं। कई बार लोगों को कमीशन या लालच देकर उनके बैंक खाते, एटीएम कार्ड और सिम का उपयोग अपराधी करते हैं।
पुलिस की अपील
राजनांदगांव पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक या मोबाइल सिम उपयोग के लिए न दें। खाता किराए पर देना, कमीशन पर उपलब्ध कराना या बेचना कानूनन अपराध है। साइबर अपराध में सहयोग करने वाले खाताधारकों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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