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CG : नाबार्ड का जिला विकास प्रबंधक कार्यालय जशपुर में प्रारंभ, किसानों को मिलेगी स्थानीय स्तर पर बेहतर सुविधा …

By lokesh sharma|25 Jun 2026, 4:11 PM
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नाबार्ड का जिला विकास प्रबंधक कार्यालय जशपुर में प्रारंभ

रायपुर : राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के जिला विकास प्रबंधक के स्वतंत्र कार्यालय का शुभारंभ बुधवार को जशपुर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक कुमार ने किया। स्वतंत्र कार्यालय की स्थापना से अब जशपुर जिले के किसानों एवं ग्रामीण हितग्राहियों को नाबार्ड से संबंधित सेवाएं और मार्गदर्शन स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेगा।

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नाबार्ड का जिला विकास प्रबंधक कार्यालय जशपुर में प्रारंभ

    अब तक जशपुर जिले में नाबार्ड के सभी कार्य रायगढ़ स्थित जिला विकास प्रबंधक कार्यालय के माध्यम से संचालित किए जाते थे। स्वतंत्र कार्यालय शुरू होने से योजनाओं के क्रियान्वयन, समन्वय और हितग्राहियों तक पहुंच में और अधिक प्रभावशीलता आएगी।

    कार्यक्रम में अग्रणी जिला प्रबंधक, ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के निदेशक, विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि, कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी, किसान हितग्राही तथा स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। नाबार्ड के छत्तीसगढ़ क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर के वरिष्ठ अधिकारी बृजेन्द्र समांतराय ने भी कार्यक्रम में भाग लिया और लाभार्थी किसानों से संवाद कर योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली।

    नवनियुक्त जिला विकास प्रबंधक प्रेम प्रकाश सिंह ने जिले की कृषि एवं ग्रामीण विकास संबंधी संभावनाओं पर प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि नाबार्ड द्वारा अब तक 12 हजार 100 एकड़ क्षेत्र में वाड़ी फलोद्यान एवं अन्य कृषि आधारित गतिविधियों के माध्यम से 13 हजार से अधिक आदिवासी परिवारों को लाभान्वित किया गया है, जिनकी कुल आबादी लगभग एक लाख है। उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों में इन परियोजनाओं से जुड़े किसानों ने 100 करोड़ रुपये से अधिक का संचयी लाभ अर्जित किया है। वर्तमान में इन गतिविधियों से प्रतिवर्ष लगभग 25 करोड़ रुपये का लाभ तथा 9 हजार मीट्रिक टन उत्पादन प्राप्त हो रहा है।

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    उन्होंने बताया कि जीवा परियोजना के अंतर्गत प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसान प्राकृतिक आदानों के नए-नए प्रयोग और सूत्र विकसित कर रहे हैं, जिससे प्राकृतिक खेती के पुनरुत्थान को बल मिल रहा है।

    इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक कुमार ने अग्रणी जिला प्रबंधक, नाबार्ड, अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, सहकारी बैंक, कृषि विज्ञान केंद्र तथा विभिन्न विभागों की उपस्थिति में नाबार्ड की संभाव्यता आधारित ऋण योजना (च्स्च्) का विमोचन किया। योजना के अनुसार जिले के कृषि क्षेत्र में 865 करोड़ रुपये के ऋण की संभाव्यता आंकी गई है, जबकि प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्रों में कुल ऋण संभाव्यता 1,428 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है।

    मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने जिले में बागवानी विकास के लिए नाबार्ड द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि अब प्रसंस्करण क्षमता के विकास पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने इस दिशा में जिला प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

    कार्यक्रम के अंत में वाड़ी, जलग्रहण क्षेत्र विकास एवं जीवा परियोजना के अंतर्गत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले किसान हितग्राहियों को सम्मानित किया गया।

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lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.

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