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CG : डीईओ ने तीन विकासखंडों के 10 विद्यालयों का किया मेगा निरीक्षण…

By kadwaghut|12 Jul 2026, 12:42 PM
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पीएम विद्यालय घरघोड़ा में स्वच्छता और अनुशासन पर विशेष फोकस

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रायगढ़ । नवीन शिक्षा सत्र प्रारंभ होते ही कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले की शैक्षणिक व्यवस्था को अनुशासित, उत्तरदायी एवं परिणामोन्मुख बनाने के उद्देश्य से जिला शिक्षा अधिकारी श्यामानंद साहू एवं जिला मिशन समन्वयक आलोक स्वर्णकार ने रायगढ़, तमनार एवं घरघोड़ा विकासखंड के 10 शासकीय विद्यालयों का सघन एवं आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान शैक्षणिक गुणवत्ता, विद्यार्थियों के अधिगम स्तर, शिक्षकों की उपस्थिति, कक्षा संचालन, स्वच्छता, अभिलेख संधारण तथा निर्माण कार्यों की गहन समीक्षा की गई। उत्कृष्ट कार्य करने वाले विद्यालयों की सराहना की गई, वहीं लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

शासकीय माध्यमिक शाला बंगुरसिया में पाठ्यपुस्तक वितरण, डेली डायरी एवं शैक्षणिक अभिलेखों में गंभीर कमियां पाई गईं। इस पर प्रधान पाठक को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान संबंधित सीएसी भूपेश पांडा अनुपस्थित मिले, जिस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने नाराजगी जताते हुए जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। प्राथमिक शाला बंगुरसिया में जिला शिक्षा अधिकारी ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए गिनती एवं पहाड़ों का परीक्षण किया। कक्षा तीसरी के छात्र विपुल गुप्ता ने 20 तक के पहाड़े धाराप्रवाह सुनाकर सभी को प्रभावित किया। विद्यार्थियों को नियमित अभ्यास एवं आत्मविश्वास के साथ अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया गया। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महलोई में प्रत्येक कक्षा का निरीक्षण करने के साथ निर्माणाधीन नए भवन की प्रगति का जायजा लिया गया। संबंधित ठेकेदार को गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। शिक्षकों की बैठक लेकर ब्लूप्रिंट आधारित शिक्षण, बोर्ड परीक्षा की तैयारी तथा प्रत्येक विद्यालय का प्रभावी स्कूल डेवलपमेंट प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए।

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शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय देवगढ़ में निरीक्षण के दौरान कुछ शिक्षक कक्षा में अध्यापन कराने के बजाय स्टाफ रूम में बैठे मिले। इस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित शिक्षकों को स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विद्यालय समय में प्रत्येक शिक्षक का स्थान विद्यार्थियों के बीच कक्षा में होना चाहिए। पीएम विद्यालय तमनार में शैक्षणिक गतिविधियों का निरीक्षण करते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, नियमित कक्षा संचालन, विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता एवं अनुशासित वातावरण को और अधिक मजबूत बनाने के निर्देश दिए गए। पीएमश्री विद्यालय घरघोड़ा में विद्यालय परिसर का निरीक्षण कर प्राचार्य को साफ-सफाई, सुव्यवस्थित परिसर तथा सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण विकसित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी विद्यालयों में साउंड सिस्टम के माध्यम से नियमित एवं व्यवस्थित प्रार्थना सभा आयोजित करने के निर्देश दिए गए, ताकि विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास एवं नैतिक मूल्यों का विकास हो सके।

शासकीय हाई स्कूल भालूमार में जिला शिक्षा अधिकारी श्यामानंद साहू ने स्वयं चॉक पकड़कर विद्यार्थियों को अंग्रेजी व्याकरण का अध्यापन कराया। उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें बड़े लक्ष्य निर्धारित करने, नियमित अध्ययन करने तथा आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

निरीक्षण के दौरान अधिकांश विद्यालयों की कक्षाओं में पहुंचकर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया तथा शिक्षकों को सीखने के परिणामों में सुधार लाने के लिए प्रेरित किया। निरीक्षण के दौरान सभी शिक्षकों को प्रत्येक विद्यार्थी की सीखने की क्षमता पर व्यक्तिगत ध्यान देने, आगामी बोर्ड परीक्षाओं के लिए विषयवार रणनीति तैयार करने, ब्लूप्रिंट आधारित शिक्षण अपनाने तथा प्रभावी स्कूल डेवलपमेंट प्लान तैयार कर उसका समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही स्पष्ट हिदायत दी गई कि कक्षा में अध्यापन के दौरान कोई भी शिक्षक मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करेगा।

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विद्यालय केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि भविष्य निर्माण की प्रयोगशाला हैं। शिक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रत्येक शिक्षक का प्रथम दायित्व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासित वातावरण और बेहतर सीखने के अवसर प्रत्येक विद्यार्थी तक पहुंचाना है। आगामी बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट परिणाम के लिए अभी से ठोस कार्ययोजना बनाकर कार्य करना होगा। हर विद्यालय में नियमित मॉनिटरिंग, प्रभावी कक्षा संचालन, स्वच्छ एवं प्रेरणादायी वातावरण तथा विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में सतत सुधार हमारी प्राथमिकता है। प्रत्येक विद्यालय अपने स्कूल डेवलपमेंट प्लान के अनुरूप कार्य करे। शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए निरीक्षण और अकादमिक सहयोग की प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी।

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