मध्य प्रदेशराज्‍य

इंदौर एयरपोर्ट के विस्तार का सपना अधूरा, 10 साल बाद भी 143 एकड़ जमीन का इंतजार

By Admin|24 Jun 2026, 9:34 AM
f X W

इंदौर
देश के सबसे स्वच्छ शहर और मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का दर्जा मिले लंबा समय बीत चुका है। इसके बावजूद, शहर को आज भी सीधी वैश्विक कनेक्टिविटी नहीं मिल पा रही है। इस गतिरोध की मुख्य वजह एयरपोर्ट विस्तार के लिए आवश्यक महज 143 एकड़ जमीन का आवंटन रुकना है। सालाना 40 लाख यात्री और 80 फ्लाइट्स का दबाव झेल रहे इस एयरपोर्ट का विस्तार बेहद जरूरी हो गया है।

जिला प्रशासन द्वारा भेजा गया भूमि अधिग्रहण का यह प्रस्ताव लंबे समय से विचाराधीन है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय इस संबंध में कई बार पत्र भी लिख चुका है, लेकिन वित्तीय और प्रशासनिक स्तर पर अंतिम मंजूरी का इंतजार है। यदि यह जमीन मिल जाए, तो इंदौर से सीधे बड़े अंतरराष्ट्रीय विमान उड़ान भर सकेंगे और यात्रियों को दिल्ली-मुंबई की कनेक्टिंग फ्लाइट्स के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी। विलंब के कारण संरक्षित जमीन पर अतिक्रमण और अन्य प्रोजेक्ट के लिए आवंटन का डर है। कुछ जमीन मेट्रो के स्टेशन के लिए दी जा चुकी है। हालांकि, अफसरों का दावा है कि इस पर तेजी से काम चल रहा है।

विस्तार का गणित: दो चरणों में बदलना है नक्शा
एयरपोर्ट प्रबंधन और प्रशासन ने वर्तमान आवश्यकताओं को देखते हुए विस्तार के मूल प्लान को दो चरणों में रीडिजाइन किया है:

    पहला चरण (89 एकड़ की जरूरत): रनवे की लंबाई 2700 मीटर से बढ़ाकर 3500 और फिर 4000 मीटर करना है। इससे प्रति घंटे 15 के बजाय 24 फ्लाइट आ-जा सकेंगी।

READ ALSO  बीज, कृषि यंत्र और सरकारी योजनाओं का लाभ एक जगह, मैनपुरी के किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात

    दूसरा चरण (54 एकड़ की जरूरत): नया आधुनिक टर्मिनल बनाया जाएगा। विमान पार्किंग की क्षमता 26 से बढ़कर 54 हो जाएगी, जिससे रात में भी बड़े विमान पार्क हो सकेंगे।

विजन 2047: जब 729 एकड़ का परिसर तीन गुना होगा
इंदौर एयरपोर्ट वर्तमान में केवल 729 एकड़ में है। वर्ष 2047 तक की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आसपास के गांवों—सिंहासा और कोड़िया बड़ी की 1100 एकड़ जमीन मिलाकर 1950 एकड़ का मास्टर प्लान तैयार किया गया है। तब तक यात्री क्षमता 10 से 12 गुना बढ़ने का अनुमान है। हालांकि, आरक्षित जमीन की सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, बड़े हिस्से पर अतिक्रमण हो चुका है, जिससे फनल और लाइट एरिया भी प्रभावित हुआ है।

चापड़ा योजना निरस्त, अब उज्जैन भी रेस में आगे
जमीन की उपलब्धता में आ रही दिक्कतों को देखते हुए पूर्व में इंदौर से 45 किलोमीटर दूर चापड़ा में एक नया 'ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट' बनाने की योजना तैयार की गई थी। इसके चलते इंदौर एयरपोर्ट के मूल विस्तार प्लान को सीमित कर दिया गया था, लेकिन अब चापड़ा का प्रस्ताव पूरी तरह निरस्त हो चुका है। वहीं, उज्जैन में नया प्रोजेक्ट मंजूर किया गया है।

सबसे बड़ा पेंच… भूमि अधिग्रहण का मुआवजा
मेट्रोपॉलिटन रीजन के विकास के तहत पड़ोसी धार्मिक नगरी उज्जैन में सिंहस्थ के मद्देनजर नए एयरपोर्ट की प्लानिंग तेजी से आगे बढ़ी है, जिसके लिए 45 करोड़ की राशि भी स्वीकृत हो चुकी है। इंदौर के विस्तार प्रस्ताव में सबसे बड़ा पेंच भूमि अधिग्रहण के मुआवजे की राशि को लेकर फंसा है, जिसकी व्यवस्था राज्य सरकार को करनी है।

READ ALSO  दशहरा 2026: राजस्थान में रावण दहन के अनोखे रंग, कहीं पूजन तो कहीं रौंदने की परंपरा

देरी का खामियाजा… मेट्रो को दी 20 एकड़ जमीन
पूर्व में जिला प्रशासन ने एयरपोर्ट प्रबंधन को सुविधा विस्तार के लिए 20 एकड़ जमीन सौंपी थी। लंबे समय तक उपयोग नहीं किया गया और योजनाएं कागजों में ही घूमती रहीं। परिणाम यह हुआ कि अब उस आवंटित जमीन पर मेट्रो ट्रेन का स्टेशन बनाया जा रहा है, जिससे एयरपोर्ट के पास उपलब्ध आंतरिक स्पेस और कम हो गया है।

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button