छत्तीसगढ़

CG : किसान बृजलाल इस वर्ष करेंगे नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का प्रयोग …

By lokesh sharma|23 Jun 2026, 3:27 PM
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एमसीबी । कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के बढ़ते उपयोग के साथ अब जिले के किसान भी नवाचारों को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम बिछली निवासी किसान बृजलाल इस वर्ष अपनी धान की खेती में नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी का उपयोग करने जा रहे हैं। पिछले वर्ष क्षेत्र के किसानों को इन उर्वरकों के उपयोग से मिले सकारात्मक परिणामों ने उन्हें भी इस आधुनिक तकनीक को अपनाने के लिए प्रेरित किया है।

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बृजलाल ने बताया कि पिछले वर्ष गांव और आसपास के क्षेत्रों में कई किसानों ने नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी का प्रयोग किया था। किसानों के अनुभव उत्साहजनक रहे, जहां पारंपरिक उर्वरकों की तुलना में कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त हुआ। साथ ही फसल की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला। इन परिणामों ने क्षेत्र के किसानों के बीच नैनो उर्वरकों के प्रति विश्वास को और मजबूत किया है।

उन्होंने कहा कि उन्होंने स्वयं उन किसानों से चर्चा कर जानकारी प्राप्त की, जिन्होंने पिछले सीजन में इन उर्वरकों का उपयोग किया था। किसानों ने बताया कि नैनो उर्वरकों के प्रयोग से फसल की वृद्धि बेहतर हुई, पौधे अधिक हरे-भरे और स्वस्थ दिखाई दिए तथा उत्पादन में भी वृद्धि दर्ज की गई। विशेष बात यह रही कि धान की फसल में किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव या अतिरिक्त समस्या सामने नहीं आई, जिससे किसानों का भरोसा और बढ़ा है।

बृजलाल का कहना है कि बढ़ती कृषि लागत आज किसानों के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। ऐसे समय में नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी जैसे उर्वरक कम मात्रा में उपयोग होने के बावजूद प्रभावी परिणाम प्रदान करते हैं। इससे उर्वरकों पर होने वाला खर्च कम होता है और फसल को आवश्यक पोषक तत्व भी समय पर उपलब्ध हो जाते हैं। परिणामस्वरूप उत्पादन क्षमता में वृद्धि होती है और खेती अधिक लाभकारी बनती है।

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उन्होंने बताया कि कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकी और वैज्ञानिक नवाचारों को अपनाना वर्तमान समय की आवश्यकता है। यदि किसान कृषि विभाग के मार्गदर्शन में वैज्ञानिक पद्धति से खेती करें और नई तकनीकों का उपयोग करें, तो कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी जैसे उर्वरक न केवल उत्पादन बढ़ाने में सहायक हैं, बल्कि किसानों की आय में वृद्धि कर खेती को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

बृजलाल ने जिले के अन्य किसानों से भी अपील की है कि वे कृषि विशेषज्ञों एवं विभागीय अधिकारियों के मार्गदर्शन में आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाएं तथा नैनो उर्वरकों के उपयोग के संबंध में जानकारी प्राप्त करें। उनका मानना है कि नई तकनीकों का समुचित उपयोग खेती की उत्पादकता बढ़ाने के साथ-साथ किसानों की आर्थिक स्थिति को भी सुदृढ़ करेगा और कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाएगा।

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lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.

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