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लखनऊ का ‘मौत का कॉम्प्लेक्स’: फोरेंसिक टीम जांच में जुटी, 15 मौतों के बाद 4 लोगों पर केस दर्ज

By Admin|23 Jun 2026, 11:06 AM
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 लखनऊ

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लखनऊ के अलीगंज इलाके के जिस कॉम्प्लेक्स में आग लगी, वहां नियम कायदे और सुरक्षा के मानकों की धज्जियां उड़ा दी गईं थीं. तीन मंजिला इस शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में बेसमेंट भी बनाया गया था. एंट्री एग्जिट के लिए सिर्फ एक छोटा सा रास्ता था और इस रास्ते के ऊपर 7 पैनल, 2 एग्जॉस्ट फैन, इलेक्ट्रिक कंट्रोल पैनल, लगाकर रास्ते को और छोटा कर दिया गया था। 

बिना इमरजेंसी गेट के तैयार हुआ था कॉम्पलेक्स
बिना किसी इमरजेंसी गेट के तैयार हुए इस रिहायशी इलाके के कमर्शियल कॉम्पलेक्स में आग लगी तो दूसरी मंजिल पर फंसे 15 लोगों की जान चली गई. अब इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है. 4 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. आईएएस अमृत अभिजात और आईपीएस प्रवीण कुमार की एसआईटी गठित है। 

आखिर 15 मौतों का जिम्मेदार कौन?
एलडीए (लखनऊ डेवलपमेंट अथॉरिटी), बिजली विभाग और फायर के कुल चार अधिकारियों को सस्पेंड किया जा चुका है. साथ ही मामले में अन्य कार्रवाई भी जारी है. लेकिन रेजिडेंशियल नक्शा पास करवा कर बनाए गए इस कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में लगी आग में 15 लोगों की जान चली गई, उसके लिए जिम्मेदार कौन है? घटना के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण, जिला प्रशासन, नगर निगम, फायर डिपार्टमेंट पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। 

इधर लखनऊ अग्निकांड में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को राज्य सरकार ने राहत राशि प्रदान की है. सरकार की ओर से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 5 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता दी गई है. विधायक नीरज बोरा पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और पीड़ित परिवारों को यह आर्थिक सहायता सौंपी. सरकार का कहना है कि यह राशि प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाने के उद्देश्य से दी जा रही है। 

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साथ ही सरकार ने हादसे से प्रभावित सभी परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिया है. घायलों के बेहतर उपचार और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं। 

SIT ने तेज की जांच, घटनास्थल पहुंचकर जुटाए सबूत
अलीगंज अग्निकांड मामले में सीएम योगी के निर्देश पर गठित एसआईटी ने मामले की जांच तेज कर दी है. बताया जा रहा है कि जांच टीम घटनास्थल पर पहुंच गई है, जहां टीम बारीकी से निरीक्षण कर सबूत जुटा रही है। 

बताया जा रहा है कि एसआईटी बिल्डिंग में आग लगने के कारणों और सुरक्षा मानकों में हुई लापरवाही की जांच करेगी. हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने पर जांच का फोकस रहेगा. इसके साथ ही एसआईटी ने सभी संबंधित विभागों से भी रिपोर्ट तलब की है। 

लखनऊ के बाद कानपुर में जागा प्रशासन, फिजिक्स वाला समेत 22 कोचिंग सील
लखनऊ में कोचिंग संस्थान से जुड़े हादसे के बाद कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने शहर के प्रमुख कोचिंग हब काकादेव में बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू कर दी है. सोमवार को चलाए गए विशेष अभियान के दौरान फिजिक्स वाला समेत 22 कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया गया है. जांच में इन संस्थानों में भवन एवं सुरक्षा संबंधी मानकों के उल्लंघन की बात सामने आने पर ये कार्रवाई की गई। 

केडीए अधिकारियों की टीम ने अलग-अलग क्षेत्रों में निरीक्षण कर उन संस्थानों को चिह्नित किया, जहां आवश्यक नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था. कार्रवाई के दौरान संस्थानों को खाली कराया गया और बाद में उन्हें सील कर दिया गया। 

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प्राधिकरण के अनुसार, अभियान के तहत विभिन्न जोनों में एक साथ कार्रवाई की गई. पहले चरण में 22 संस्थानों को चिह्नित किया गया है, जबकि अन्य कोचिंग संस्थानों की भी जांच की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि मानकों की अनदेखी पाए जाने पर आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी. सील किए गए संस्थानों में फिजिक्स वाला, वर्कस्पेस, महेंद्राज और केमिस्ट्री वाले संजीव राठौर जैसे चर्चित नाम शामिल हैं. कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे। 

टूटे सपने, बिखरे परिवार और अपनों की गूंजती चीख-पुकार…. लखनऊ में हर आंख नम, हर जुबां पर सवाल
सागर, नीलेश, अनामिका, संयम, अनुष्का, सुखमनी, आदित्य श्रीवास्तव, ज्योति, भविश्य, अब्दुल रहमान, सूरज भाह, भाहजान, जयनिज चक्रवर्ती, मोहम्मद अम्मार और सुमल्या. ये सिर्फ नाम नहीं हैं. ये वे 15 जिंदगी थीं जिनके अपने-अपने सपने थे. किसी ने करियर की शुरुआत की थी, कोई परिवार की उम्मीद था, कोई अपने माता-पिता का सहारा बनने की तैयारी कर रहा था. लेकिन कुछ मिनटों में सब खत्म हो गया। 

 बिल्डिंग में आने-जाने का था एक संकरा रास्ता, जांच में खुलासा
लखनऊ अग्निकांड की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. जांच में पता चला है कि जिस में कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में आग लगने से 15 लोगों की मौत हो गई, उसमें अंदर और बाहर आने-जाने के लिए एक सकरा रास्ता था, वही से सकरी सीढ़ियां पहली-दूसरी और तीसरी मंजिल पर जाने के लिए थीं. जांच में पता चला है कि यही वजह थी कि जब बिल्डिंग में आग लगी तो धुएं और आग ने रास्ता बंद कर दिया और परिसर में काम करने वाले, पढ़ने वाले लड़के-लड़कियां निकल नहीं पाए. जिससे उनकी मौत हो गई। 

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एलडीए ने जांच की तेज
लखनऊ अग्निकांड मामले में एलडीए ने भी जांच तेज कर दी है. एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने घटना की जांच के लिए पांच सदस्यीय विशेष टीम का गठन किया है. ज्ञानेंद्र वर्मा के नेतृत्व में गठित इस टीम में के.के. गौतम, मानवेंद्र सिंह, मनोज सागर और रविनंदन सिंह को शामिल किया गया है. टीम घटना के सभी पहलुओं की विस्तृत जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी। 

वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में एलडीए के एई और जेई को निलंबित कर दिया गया है. प्रशासनिक स्तर पर जिम्मेदारी तय करने की कार्रवाई भी शुरू हो गई है। 

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