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मध्यप्रदेश सरकार की बड़ी प्रशासनिक कवायद, CMO में नई जमावट के साथ 15 अफसरों पर गाज संभव

By Admin|22 Jun 2026, 10:01 PM
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भोपाल 

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मध्यप्रदेश के 3 प्रमुख सचिव (पीएस), 2 संभागायुक्त और 10 कलेलटरों पर तबादले की तलवार लटकी है। कभी भी इनके तबादले किए जा सकते हैं। ये सभी लंबे समय से एक ही जगह पदस्थ है, इनमें से 75 फीसद पहले से नई पदस्थापना की जुगत में हैं तो, कुछ को सरकार बदलने का मन बना चुकी है। सूत्रों के मुताबिक प्रमुख सचिवों में अमित राठौर, गुलशन बामरा और सोनाली पोंकशे वायंगंकर का नाम बताया जा रहा है। इनके पास क्रमश: वाणिज्यिक कर, जनजातीय कार्य और सामाजिक न्याय विभाग है। जहां पर ये दो साल से अधिक समय से काम कर रहे हैं। जबकि मुख्यमंत्री कार्यालय में कुछ पदों पर नए सिरे से जमावट की सुगबुगाहट है।

हाल में मुख्यमंत्री के सचिव आलोक सिंह को आईजी पंजीयन बनाकर भेजा है। माना जा रहा है कि उनका काम किसी युवा आइएएस को दिया जा सकता है। हालांकि पहले से मुख्यमंत्री के पास इलैया राजा टी और कौशलेंद्र विक्रम सिंह जैसे दो युवा सचिव हैं।

बीते बुधवार को भी 29 IAS का हो चुका है तबादला

बता दें कि बीते बुधवार सरकार ने 29 आइएएस का तबादला किया था, जिनमें से 20 फीसद आइएएस को बदलने की जिम्मेदारी ऐन वक्त पर ली गई। अभी भी आइएएस खेमे में कुछ नामों के बदलाव के पीछे कई कयास लगाए जा रहे हैं। कई अफसरों से अतिरिक्त प्रभार भी वापस लिए गए।

पशुपालन में पीएस, खादी बोर्ड में आएंगे नए एमडी

आइएएस माल सिंह जून माह में सेवानिवृब होंगे। वे फिलहाल खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के एमडी है, जबकि जुलाई में प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव सेवानिवृब हो रहे हैं। वे पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव है। इन दोनों ही आइएएस के सेवानिवृत्त होने के बाद उनके पास मौजूद जिम्मेदारी किसी अन्य आइएएस (MP Transfer cmo) को देनी होगी।

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तबादलों को हर बार चुनौती देते हैं हजारों शासकीय सेवक

तबादलों के बाद अब 1000 से अधिक मामलों में स्थगन की आशंका है। मध्यप्रदेश के 75 फीसद विभागों ने इससे बचने के लिए हाईकोर्ट जबलपुर समेत हाईकोर्ट की दोनों खंडपीठ में केविएट दायर कर दी है। ऐसा इसलिए क्योंकि हर बार तबादलों के बाद हजारों की संख्या में शासकीय सेवक कोर्ट चले जाते हैं और तबादलों को चुनौती दे देते हैं। एक विभाग प्रमुख ने बताया कि जो तबादले (MP Transfer IAS Transfer) प्रशासकीय आधार पर किए जाते हैं, उनमें स्थगन की स्थिति कई बार बनती है। ऐसे मामलों को ध्यान में रखते इस साल पहले ही न्यायालयों में केविएट लगा दी है। ताकि स्थगन से पहले विभाग को भी पक्ष रखने का मौका मिल सके।

पूर्व में इन कमियों के कारण शासकीय सेवकों को आसानी से स्थगन मिल गए, बाद में ऐसे प्रकरण लंबे चलते हैं और स्थगन खारिज कराना मुश्किल हो जाता है।

स्थगन मिला तो विभागाध्यक्षों को करनी पड़ती है सुनवाई

कानून मामलों के जानकारों का कहना है कि स्थगन स्थाई नहीं होते, बल्कि यह एक कानूनी प्रक्रिया है, जिसमें संबंधित शासकीय सेवक को सुनवाई का अवसर दिया जाता है। यह सुनवाई तबादला (MP Transfer IAS Transfer CMO Transfer) करने वाले विभाग के प्रमुख द्वारा की जाती है। यदि वे संबंधित शासकीय सेवक के तर्कों से संतुष्ट न हों तो तबादला यथावत रखते हैं।

ये कमिश्नर, जिन्हें बुलाने की तैयारी 

मनोज खत्री, ग्वालियर- कब से पदस्थ- 29 जून 2024

सुरभि गुप्ता, शहडोल – कब से पदस्थ – 18 नवंबर 2024

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ये पीएस, जिनकी बदल सकती है जिम्मेदारी (MP Transfer PS)

अमित राठौर, वाणिज्य कर – कब से पदस्थ – 25 जनवरी 2024

गुलशन बामरा, जनजातीय कार्य – कब से पदस्थ – 12 नवंबर 2024

सोनाली पोंकशे वायंगंकर, सामाजिक न्याय – कब से पदस्थ 12 अगस्त 2024

इन कलेक्टर्स को वापल बुला सकती है सरकार (MP Transfer of Collectors)

कलेक्टर – जिला – कब से पदस्थ

    रुचिका चौहान- ग्वालियर – 11 नवंबर 2024

    केदार सिंह – शहडोल – 13 अगस्त 2024

    गिरीश मिश्रा – राजगढ़ – 12 अगस्त 2024

    रिजू बाफना – शाजापुर – 5 जनवरी 2024

    अदिति गर्ग – मंदसौर – 29 जुलाई 2024

    पार्थ जायसवाल – छतरपुर – 6 अगस्त 2024

    मृणाल मीना – बालाघाट – 12 अगस्त 2024

    हर्षल पंचोली – अनूपपुर – 13 अगस्त 2024

    हिमांशु चंद्रा – नीमच – 13 अगस्त 2024

    किरोड़ीलाल मीना – भिंड – 16 फरवरी 2024

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