छत्तीसगढ़

बस्तर में स्वास्थ्य जागरूकता अभियान का असर, हाइपरटेंशन माह के समापन पर लोगों को किया गया सचेत

By Admin|18 Jun 2026, 3:56 PM
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हाइपरटेंशन माह का समापन: बस्तर के नारायणपुर से उठी ‘साइलेंट किलर’ के खिलाफ बड़ी आवाज

जी.एन.एम. छात्राओं और डॉक्टरों ने संभाली कमान

​रायपुर,

      उच्च रक्तचाप, जिसे अमूमन लोग एक आम समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, वास्तव में वह एक ‘साइलेंट किलर’ (खामोश हत्यारा) है। इसी खामोश खतरे के खिलाफ छत्तीसगढ़ के आदिवासी बाहुल्य जिले नारायणपुर में स्वास्थ्य विभाग ने एक महीने तक व्यापक जंग छेड़ी। विश्व हाइपरटेंशन दिवस के मौके पर शुरू हुए एक माह लंबे ‘हाइपरटेंशन माह’ का समापन जिला अस्पताल में बड़े ही अनूठे और प्रभावी ढंग से किया गया, जिसने न सिर्फ मरीजों बल्कि पूरे जिले को सेहतमंद रहने का एक नया मंत्र दिया है।

​जागरूकता की गूंज: जब सड़कों पर उतरीं भविष्य की नर्सें

     ​अभियान के समापन के अवसर पर जिला अस्पताल परिसर से जी.एन.एम. (GNM) नर्सिंग छात्राओं द्वारा एक विशाल जनजागरूकता रैली निकाली गई। हाथों में तख्तियां और जुबां पर स्वास्थ्य के नारे लिए इन छात्राओं ने नारायणपुर की सड़कों पर घूम-घूमकर लोगों को यह समझाया कि क्यों नियमित ब्लड प्रेशर (बीपी) चेक कराना जरूरी है।

      ​छात्राओं ने न केवल रैली निकाली, बल्कि जिला अस्पताल परिसर में एक आकर्षक पोस्टर प्रदर्शनी भी लगाई। सरल भाषा और जीवंत चित्रों के माध्यम से उन्होंने हाइपरटेंशन के कारण, लक्षण और बचाव के तरीकों को इस तरह पेश किया कि अस्पताल आने वाला हर आम और खास व्यक्ति इसे आसानी से समझ सका।
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 'साइलेंट किलर' के जाल से बच रहे हैं ग्रामीण

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     ​इस एक महीने के अभियान की सबसे बड़ी सफलता यह रही कि इसने अस्पताल की चारदीवारी से निकलकर सीधे मरीजों और उनके परिजनों के दिलों में जगह बनाई। अस्पताल के वार्डों में भर्ती मरीजों और ओपीडी में आने वाले परिजनों को डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने व्यक्तिगत रूप से काउंसिलिंग दी।

​     डॉक्टरों ने मरीजों को समझाया कि सिर्फ दवा खाना ही काफी नहीं है, बल्कि भोजन में नमक की मात्रा कम करना, संतुलित आहार लेना, नियमित व्यायाम और तनाव मुक्त दिनचर्या अपनाना बेहद जरूरी है। कई ऐसे मरीज जो सिरदर्द या चक्कर आने को सामान्य थकान मान रहे थे, इस अभियान के दौरान जांच कराने पर उन्हें पता चला कि वे हाइपरटेंशन के शिकार हैं और समय रहते उनका इलाज शुरू हो सका।

​क्यों खतरनाक है हाइपरटेंशन? विशेषज्ञों की जुबानी

     ​समापन कार्यक्रम में एनसीडी नोडल अधिकारी डॉ. बी.एन. बनपुरिया ने इस बीमारी के गंभीर पहलुओं पर रोशनी डालते हुए कहा कि हाइपरटेंशन एक ऐसा साइलेंट किलर है, जो शुरुआती दौर में कोई साफ लक्षण नहीं दिखाता। लेकिन अगर समय पर इसकी पहचान और इलाज न हो, तो यह चुपके से हमारे दिल (हार्ट), दिमाग (ब्रेन) और किडनी जैसे महत्वपूर्ण अंगों को हमेशा के लिए डैमेज कर सकता है। इससे बचने का इकलौता और सबसे आसान तरीका है,नियमित जांच और अनुशासित जीवनशैली।

​टीम वर्क से मिली अभियान को कामयाबी

       ​नारायणपुर में इस एक माह के अभियान को सफल बनाने में जिले के वरिष्ठ चिकित्सकों और स्वास्थ्य अधिकारियों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। समापन के इस मौके पर सिविल सर्जन, नेत्र रोग विशेषज्ञ, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, असिस्टेंट नोडल अधिकारी (एनसीडी), साइकियाट्रिक नर्स सहित स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम मुस्तैद रही।

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​स्वास्थ्य विभाग का संदेश: जांच कराएं, स्वस्थ जीवन अपनाएं

     ​नारायणपुर जिला अस्पताल से उठी यह स्वास्थ्य चेतना की लहर अब पूरे राज्य के लिए एक मिसाल बन चुकी है। कार्यक्रम के अंत में स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सभी नागरिकों से भावुक अपील की है कि वे 30 की उम्र पार करते ही नियमित रूप से अपने ब्लड प्रेशर की जांच कराएं। कम नमक, सक्रिय जीवनशैली और सकारात्मक सोच को अपनाकर हम इस 'साइलेंट किलर' को हरा सकते हैं और एक सेहतमंद छत्तीसगढ़ का निर्माण कर सकते हैं।

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