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दो जिलों को जोड़ने वाला गिद्दी-भुरकुंडा पुल होगा मजबूत, लोगों को मिलेगी राहत

By Admin|04 May 2026, 8:36 PM
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 गिद्दी (रामगढ़)

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 हजारीबाग और रामगढ़ जिलों को जोड़ने वाली गिद्दी-भुरकुंडा दामोदर नदी पर स्थित जर्जर पुल को लेकर लंबे समय से चल रही मांग आखिरकार रंग लाई है।

सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) बोर्ड की बीते 23 अप्रैल को हुई बैठक में इस महत्वपूर्ण पुल की मरम्मत और नए पुल के निर्माण के लिए 19 करोड़ 44 लाख 64 हजार 400 रुपये की स्वीकृति दे दी गई है।

इस फैसले से गिद्दी और भुरकुंडा समेत आसपास के क्षेत्रों के लोगों में खुशी की लहर है। यह फैसला न सिर्फ दो जिलों, बल्कि हजारों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को सीधे तौर पर प्रभावित करेगा।

दो जिलों की धड़कन, अब मिलेगी नई सांस
गिद्दी-भुरकुंडा दामोदर पुल हजारीबाग और रामगढ़ जिलों के साथ-साथ मांडू और बड़कागांव को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है। प्रतिदिन हजारों भारी वाहन, स्कूली बच्चे, मजदूर और व्यापारी इसी पुल से गुजरते हैं।

ऐसे में इसकी जर्जर हालत लंबे समय से खतरे की घंटी बनी हुई थी। प्रतिदिन हजारों लोग और भारी वाहन इस पुल से गुजरते हैं, जिससे इसकी महत्ता और भी बढ़ जाती है।

गिद्दी-भुरकुंडा दामोदर पुल का मरम्मत भी, नया पुल भी बनेगाः जीएम
सीसीएल अरगडा जीएम सत्यजीत कुमार ने बताया कि बीते 23 अप्रैल को बोर्ड की बैठक में गिद्दी-दामोदर नद की जर्जर पुल की मरम्मत व नए पुल निर्माण को ले राशि की स्वीकृति मिल गई है।

बताया कि 19 करोड़ 44 लाख 64 हजार 400 रुपये की लागत से राज्य सरकार द्वारा पुराने पुल की तत्काल मरम्मत की जाएगी। साथ ही इसके समानांतर नया आधुनिक पुल बनाया जाएगा।

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कुल स्वीकृत राशि का 25 प्रतिशत करीब 4 करोड़ 75 लाख शुरुआती चरण में राज्य सरकार को दिया जाएगा। हालांकि अभी बोर्ड मीटिंग के आधिकारिक मिनट्स आने बाकी हैं। प्रबंधन ने मुख्यालय से इसकी मांग की है। इसके बाद ही फंड ट्रांसफर और कार्य प्रक्रिया स्पष्ट होगी।

खतरे की जद में था पुल
गौरतलब है कि गिद्दी-भुरकुंडा दामोदर पुल की स्थिति पिछले कई वर्षों से काफी जर्जर बनी हुई थी। तकनीकी जांच में पुल के एक पिलर को कमजोर पाया गया था। विशेषज्ञों ने भारी वाहनों के संचालन पर सावधानी बरतने की सलाह दी थी।

इसके बाद अरगडा-बरकासयाल प्रबंधन ने पुल के दोनो ओर एक बोर्ड लगाया था। जिसमें एक बार में एक तरफ से एक ही भारी वाहन पुल से गुजरने का संदेश अंकित था। साथ ही इसके अनुपालन के लिए दोनों ओर सुरक्षा कर्मी की ड्यूटी लगा दी थी।

परंतु रिभर साइड भुरकुंडा की ओर पुल पर तैनात सूरक्षा कर्मी पुल पर एक समय में एक बाड़ी पार कराने के प्रति उतनी संजीदगी नहीं दिखती थाी।

जिससे कई बाद पुल के बीच में दोनों ओर से भारी वाहन प्रवेश कर जाने पर पुल पर घंटो जाम लग जाता था। पुल के जर्जर होने से पुल पर कंपन भी महसुस होता है। इसके बावजूद मजबूरी में लोग हर दिन जोखिम उठाकर इसी पुल से गुजर रहे थे।

श्रेय लेने की लगी है होड़
गिद्दी-भुरकुंडा दामोदर पुल निर्माण के लिए बोर्ड द्वारा राशि स्वीकृत करने के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं द्वारा इसे अपनी उपलब्धि बताने का सिलसिला शुरू हो गया है।

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क्षेत्र में बयानबाजी और सोशल मीडिया के माध्यम से श्रेय लेने की कोशिशें देखी जा रही हैं। हालांकि, आम लोगों का कहना है कि पुल का निर्माण जल्द शुरू होना चाहिए, ताकि आवागमन सुरक्षित हो सके।

शुरुआत में निर्माण एजेंसी को लेकर असमंजस थाः एसओसी
गिद्दी-भुरकुंडा दामोदर पुल निर्माण एजेंसी को लेकर असमंजस की स्थिति थाी। यह बाते अरगडा एसओसी नोसिर तौहिद ने कही। कहा कि जनहित से जूड़ा सवाल होने के कारण अरगडा महाप्रबंधक सत्यजीत कुमार व अरगडा के तत्कालित जीएम एसके झा ने पुल निर्माण को लेकर काफी गंभीरता दिखाया।

बाद में असैनिक विभाग ने सीसीएल हेडक्वार्टर रांची व झारखंड सरकार के बीच सामांजस बनाकर मामले की जमीन लाने का कार्य किया है। अब जाकर यह तय हो गया है कि सीसीएल राशि उपलब्ध कराएगा, जबकि झारखंड सरकार पुल का निर्माण कार्य कराएगी।

पुल मरम्मत व नए पुल निर्माण होने से आवागमन होगा सुगम
गिद्दी-भुरकुंडा दामोदर नद की जर्जर पूराने पुल की मरम्मत व नए पुल के निर्माण होने से क्षेत्र में आवागमन सुगम होने के साथ-साथ व्यापार, परिवहन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। फिलहाल लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि निर्माण कार्य कब शुरू होता है।

अब आगे क्या?
अब सबकी नजर इस बात पर है कि बोर्ड मीटिंग के मिनट्स कब आते हैं और टेंडर प्रक्रिया कब शुरू होती है। साथ ही गिद्दी-भुरकुंडा दामोदर नद पर पूराने पुल की मरम्मत व नए पुल निर्माण कार्य जमीन पर कब दिखता है।

पुल निर्माण व मरम्मत की राशि स्वीकृत होने पर लोगों में जो पुल कभी डर का कारण था, वही अब विकास की नई पहचान बनने जा रहा है।

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लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रक्रिया कितनी तेजी से आगे बढ़ती है और निर्माण कार्य कब शुरू होता है। अगर सब कुछ तय समय पर हुआ, तो जल्द ही यह क्षेत्र एक सुरक्षित और आधुनिक पुल की सौगात पा सकता है।

 

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