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डेढ़ लाख युवाओं को AI ट्रेनिंग, नौकरी के लिए मिलेगा खास प्रशिक्षण

By Admin|16 Jun 2026, 12:41 PM
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लखनऊ
यूपी में कौशल विकास का प्रशिक्षण ले रहे डेढ़ लाख युवाओं को मुफ्त प्रोफेशनल एआई ट्रेनिंग दिलाई जाएगी। उप्र कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम) व आईबीएम स्किल फाउंडेशन के बीच एमओयू किया गया है। यूपीएसडीएम व दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (डीडीयू-जीकेवाई) के 1000 केंद्रों पर प्रशिक्षण ले रहे युवा इससे लाभान्वित होंगे।

यूपीएसडीएम के मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि आईबीएम स्किल फाउंडेशन के साथ हुए एमओयू का लाभ युवाओं को रोजगार हासिल करने में मिलेगा। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं के लिए मेगा जॉब फेयर लगाए जाएंगे और प्लेसमेंट ड्राइव भी चलाई जाएगी। प्रशिक्षण अवधि के दौरान ही रोजगार सहभागिता गतिविधियां आयोजित की जाएगी। जिसके माध्यम से प्रतिभागियों को उद्योग जगत की कार्य प्रणाली, रोजगार बाजार व करियर के अवसरों को बेहतर ढंग से समझाया जाएगा।

इंटरव्यू की भी कराएंगे तैयारी
रोजगार आसानी से मिले इसके लिए उन्हें इंटरव्यू की तैयारी कराई जाएगी। करियर वर्कशॉप के माध्यम से संचार कौशल, पेशेवर व्यवहार, आत्मविश्वास व कार्यस्थल की अपेक्षाओं से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा। युवाओं को सिर्फ पारंपरिक ज्ञान ही नहीं बल्कि एआई जैसी उभरती तकनीकी का ज्ञान देकर उन्हें दक्ष बनाया जाएगा। एमओयू कार्यक्रम के दौरान सोमवार को राजधानी स्थित यूपीएसडीएम मुख्यालय में एआई फॉर पब्लिक सर्विस एंड गुड गवर्नेंस कार्यशाला का आयोजन कर अधिकारियों व कर्मचारियों को एआई के उपयोग के बारे में जानकारी दी गई।

विद्यार्थियों को 10 मानक लागू कर बनाया जाएगा निपुण
वहीं, परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में कक्षा तीन से पांच तक के विद्यार्थियों को भी निपुण बनाने के लिए अभियान शुरू किया जाएगा। 10 मानकों को लागू कर विद्यार्थियों को निपुण बनाया जाएगा। अभी प्री-प्राइमरी से कक्षा दो तक निपुण मिशन चलाया जा रहा था। अब इसका विस्तार किया जा रहा है।

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विद्यार्थियों के सामाजिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए कक्षा के वातावरण को सहज, सुरक्षित व सकारात्मक बनाया जाएगा। नियमित अभ्यास कार्य दिया जाएगा और उसके आधार पर फीडबैक लिया जाएगा, बच्चों की समझ को परखने के लिए शिक्षक यह देखेंगे कि वह कितना समझ पा रहे हैं और उनका नाम लेकर कक्षा में सवाल पूछे जाएंगे, बच्चों के सीखने के स्तर के नियमित आंकलन के साथ कमजोर बच्चों के लिए कैच-अप अभियान चलेगा, बच्चों को कक्षा में चर्चा में शामिल किया जाएगा, शिक्षण योजना ऐसी तैयार करनी होगी जिससे सीखने के समय को बढ़ाने में मदद मिले।

शिक्षक बच्चों को स्वतंत्र रूप से लेखन के लिए अभ्यास कार्य देंगे, छोटे-छोटे छात्र समूह बनाकर उन्हें टास्क दिया जाएगा और गणित के कठिन सूत्रों को समझने के लिए टीएलएम का नियमित प्रयोग होगा। अपर मुख्य सचिव, बेसिक व माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं।

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