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रांची में सियासी हलचल तेज, दो सीटों के लिए 18 जून को मतदान पर टिकी निगाहें

By Admin|12 Jun 2026, 7:41 PM
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रांची
 झारखंड में दो सीटों के लिए निर्धारित राज्यसभा चुनाव में तीन उम्मीदवारों के होने से निगाहें 18 जून पर टिक गई हैं जिस दिन मतदान होना है।

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निर्वाची पदाधिकारी ने बुधवार को निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नथवाणी के नामांकन से संबंधित शिकायतों के बाद उसपर लगे होल्ड को वापस लेने का निर्णय सुनाकर सभी को चुनाव लड़ने का मौका दे दिया है।

इस परिस्थिति में 18 जून को मतदान की तिथि पर सभी की निगाहें टिक गई हैं और इस दिन सबसे महत्वपूर्ण भूमिका में विभिन्न दलों के अधिकृत पोलिंग एजेंट होंगे। ऐसा इसलिए कि सभी विधायकों को मतदान के पूर्व अपनी पार्टी के पोलिंग एजेंट को भरा हुआ मतपत्र दिखाना है।

पोलिंग एजेंट की भूमिका महत्वपूर्ण
झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए झामुमो से बैद्यनाथ राम, कांग्रेस से प्रणव झा और निर्दलीय परिमल नथवाणी मैदान में हैं। ऐसे में अब पार्टियों के अधिकृत पोलिंग एजेंट की नियुक्ति और उसकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।

सभी दलों के विधायकों को अपनी पार्टी के अधिकृत पोलिंग एजेंट को बैलेट पेपर दिखाने की बाध्यता है। बैलेट पेपर नहीं दिखाने की स्थिति में उनके मत को रद किया जा सकता है। यह व्यवस्था क्रास वोटिंग को रोकने के लिए है।

यह भी पक्की बात है कि अगर क्रास वोटिंग के बाद भी वह विधायक अपना मतपत्र दिखाकर भर देता है तो उसका मत रद नहीं होगा। इस प्रविधान के कारण अब पोलिंग एजेंटों की नियुक्ति महत्वपूर्ण है।

यह बात भी महत्वपूर्ण है कि अगर किसी दल का विधायक और उसका पोलिंग एजेंट आपस में मिल जाते हैं तो क्रास वोटिंग करने वाले विधायक की पहचान करना मुश्किल है।

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झारखंड में इस तरह का प्रकरण पहले भी हो चुका है और लोग महीनों तक अनुमान ही लगाते रहे कि किस विधायक ने क्रॉस वोटिंग की और किस ने नहीं।

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