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एनडीए बनाम महागठबंधन में बड़ा ट्विस्ट, बिहार विधानपरिषद चुनाव में सभी उम्मीदवार निर्विरोध जीते

By Admin|08 Jun 2026, 9:08 PM
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पटना
बिहार विधानपरिषद चुनाव के लिए एनडीए और महागठबंधन उम्मीदवारों के नामांकन की प्रक्रिया सोमवार को पूरी हो गई। अंतिम दिन एनडीए की ओर से नौ उम्मीदवारों ने नामांकन किया जबकि महागठबंधन की ओर से केवल एक ही नामांकन किया । विधानपरिषद की दस सीटों के लिए दस उम्मीदवार मैदान में हैं। तीन बजे नामांकन की अवधि खत्म होते ही इन सभी उम्मीदवारों की जीत भी पक्की हो गई क्योंकि, दीपक प्रकाश के नामांकन नहीं करने से वोटिंग की स्थिति नहीं बन पाई। 18 जून को मतदान होना सुनिश्चित किया गया था

नामांकन करने वालों में जदयू से निशांत कुमार, भारती मेहता, शिवानी देवी प्रजापति और ललन प्रसाद के अलावा भाजपा से संजय प्रकाश मयूख, पवन सिंह, अनिल ठाकुर और शीला पंडित जबकि लोजपा ने अशरफ अंसारी हैं। निशांत कुमार सदन का सदस्य बनने से पहले राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन चुके हैं। राजद ने राबड़ी देवी के मुंहबोले भाई सुनील सिंह को टिकट दिया है। उन्हें दूसरी बार यह मौका मिला है। सुनील सिंह ने भी नामांकन दाखिल कर दिया है। हालांकि, लालू की बेटी और तेजस्वी की बहन रोहिणी आचार्या ने सुनील सिंह को टिकट दिए जाने का विरोध किया है।

बिहार विधान परिषद की जिन दस सीटों के चुनाव हो रहे हैं उनमें सात सीटें विधान पार्षदों का टर्म पूरा होने के कारण खाली हो रहे हैं। दो सीट सम्राट चौधरी और और भगवान सिंह कुशवाहा के विधानसभा जाने से खाली हुआ। सभी का टर्म 28 जून को पूरा हो रहा है। इन सीटों पर जीतने वाले उम्मीदवारों का कार्यकाल 6 सालों का होगा। एक सीट नीतीश कुमार के इस्तीफे के कारण खाली हुआ। इस सीट पर जदयू ने ललन प्रसाद को मौका दिया है। ललन प्रसाद का कार्यकाल चार वर्षों का होगा।

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इस चुनाव में उपेंद्र कुशवाहा के मंत्री बेटे दीपक प्रकाश को मौका नहीं मिला। एनडीए ने उन्हें अपना उम्मीदवार नहीं बनाया। सोमवार को अंतिम दिन उन्होंने नामांकन भी दाखिल नहीं किया। इस वजह से उनके मंत्री पद पर भी तलवार लटक गई है क्योंकि, दीपक प्रकाश वर्तमान में किसी सदन के सदस्य नहीं हैं। उपेंद्र कुशवाहा खेमे में इससे नाराजगी देखी जा रही है। सोमवार को एनडीए के सभी घटक दलों के नेता नामांकन में पहुंचे पर उपेंद्र कुशवाहा और दीपक प्रकाश नहीं दिखे। इससे पहले रविवार को पार्टी के अधिवेशन में उपेंद्र कुशवाहा नें कहा कि जदयू और आरएलएम की विचारधारा मेल खाती है पर भाजपा की अलग है। भाषण में उनका दर्द भी छलका। उपेंद्र कुशवाहा पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन के लिए दिल्ली जा रहे हैं।

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